जामिया यूनिवर्सिटी में 16वें दिन भी छात्रों का प्रदर्शन जारी, भूख हड़ताल तेज; प्रशासन ने दी आखिरी चेतावनी

Jamia Protest: छात्रसंघ चुनाव की मांग पर जामिया में भूख हड़ताल जारी। प्रशासन ने 8 नवंबर तक ऑनलाइन कक्षाएं बढ़ाईं और छात्रों को कैंपस खाली करने की चेतावनी दी।

जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। प्रशासन के समझौते के दावों को छात्रों ने खारिज किया है। विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन कक्षाएं 8 नवंबर तक बढ़ाते हुए प्रदर्शनकारियों को परिसर खाली करने की अंतिम चेतावनी दी।

नई दिल्ली: जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन मंगलवार, 27 अक्टूबर को भी समाप्त नहीं हुआ। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोमवार को छात्रों की प्रमुख मांगें स्वीकार करने और चुनाव कराने का रास्ता साफ करने की घोषणा की थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी छात्रों ने आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया है।  उनका कहना है कि प्रशासन ने चुनाव की निश्चित तारीख नहीं बताई है और कई मांगों पर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। इस बीच कुछ और छात्र भूख हड़ताल में शामिल हो गए हैं। विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने के साथ प्रदर्शन स्थल खाली करने का अंतिम नोटिस जारी किया है। 

समझौते के बाद भी क्यों जारी है छात्रों का प्रदर्शन?

जामिया में यह आंदोलन 12 अक्टूबर से चल रहा है। छात्र विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव दोबारा शुरू कराने की मांग कर रहे हैं। पिछले करीब दो दशकों से यहां छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं। 26 अक्टूबर को विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई थी। इसके बाद प्रशासन ने एक लिखित आदेश जारी कर छात्रसंघ चुनाव कराने पर सहमति जताई।

आदेश के अनुसार, छात्रसंघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिनों के भीतर चुनाव कराए जाएंगे। लेकिन छात्रों का सवाल है कि जब संविधान को मंजूरी देने की तारीख ही तय नहीं है, तो चुनाव कब होंगे, इसकी जानकारी कैसे मिलेगी? यही मुद्दा दोनों पक्षों के बीच विवाद की मुख्य वजह बना हुआ है। 

भूख हड़ताल में नए छात्र भी हुए शामिल

प्रदर्शनकारी छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल जारी रखी है। ताजा जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को भूख हड़ताल करने वाले छात्रों की संख्या फिर पांच हो गई। इससे पहले लंबे समय से अनशन कर रहे दो छात्रों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण अस्पताल ले जाना पड़ा था। इसके बाद भी कुछ छात्रों ने आंदोलन जारी रखा। अब नए छात्रों के शामिल होने से अनशन करने वालों की संख्या बढ़ गई है।

जामिया यूनिवर्सिटी में 16वें दिन भी छात्रों का प्रदर्शन जारी, भूख हड़ताल तेज; प्रशासन ने दी आखिरी चेतावनी

भूख हड़ताल में शामिल छात्र ऋतिक का कहना है कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकारों की है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन छात्रसंघ चुनाव की स्पष्ट तारीख घोषित करे। उनका कहना है कि चुनाव का समय तय होने पर छात्र आंदोलन वापस लेने पर विचार कर सकते हैं।

माफी मांगने की शर्त पर बढ़ा विवाद

विश्वविद्यालय प्रशासन के 26 अक्टूबर के आदेश में यह भी कहा गया था कि आंदोलन के दौरान प्रशासन के खिलाफ कथित मानहानिकारक बयान देने वाले छात्र सार्वजनिक रूप से माफी मांगेंगे। उनसे संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट हटाने की बात भी कही गई थी।

हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों ने दावा किया कि उन्होंने ऐसी किसी शर्त पर सहमति नहीं दी थी। छात्रों का कहना है कि प्रशासन समझौते को लेकर गलत जानकारी दे रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य प्रॉक्टर और सुरक्षा सलाहकार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई है। वहीं, प्रशासन ने आंदोलन के दौरान सुरक्षा कर्मचारियों की भूमिका की जांच के लिए समिति गठित करने का आश्वासन दिया है। 

8 नवंबर तक ऑनलाइन चलेंगी सभी कक्षाएं

विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सभी पाठ्यक्रमों की कक्षाएं 8 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन चलाने का निर्णय लिया है। दूसरी मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं भी ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी। संबंधित विभाग अपने स्तर पर परीक्षा कार्यक्रम और जरूरी व्यवस्था तय करेंगे। पीएचडी शोधार्थियों को भी अपने सुपरवाइजर से ऑनलाइन संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन 8 नवंबर के बाद परिसर की स्थिति की समीक्षा करेगा। इसके बाद तय होगा कि कक्षाएं सामान्य रूप से शुरू की जाएंगी या ऑनलाइन व्यवस्था आगे बढ़ाई जाएगी। 

छात्रों को कैंपस खाली करने का अंतिम नोटिस

प्रशासन ने प्रदर्शनकारी छात्रों को नॉर्थ कैंपस की गुलिस्तान-ए-गालिब बिल्डिंग और गालिब लॉन तत्काल खाली करने का निर्देश दिया है। विश्वविद्यालय का कहना है कि प्रदर्शन के कारण शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। आदेश नहीं मानने पर छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

वहीं, प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं। विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और छात्रों की आवाजाही पर भी पाबंदियां लगाई गई हैं

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