तेलंगाना विधान परिषद चुनाव से पहले भाजपा और जनसेना के बीच सीट को लेकर मतभेद सामने आए हैं। पवन कल्याण की जनसेना ने वारंगल-खम्मम-नलगोंडा स्नातक सीट पर समर्थन मांगा है। भाजपा के कई नेता इस प्रस्ताव से सहमत नहीं हैं।
हैदराबाद: तेलंगाना में अगले साल होने वाले विधान परिषद चुनाव से पहले भाजपा और उसकी सहयोगी जनसेना पार्टी के बीच सीट बंटवारे को लेकर असहमति सामने आई है। अभिनेता और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण की जनसेना ने वारंगल-खम्मम-नलगोंडा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अपना उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। पार्टी चाहती है कि भाजपा इस सीट पर उसके उम्मीदवार डॉ. गडाला श्रीनिवास राव का समर्थन करे। हालांकि, तेलंगाना भाजपा के कई वरिष्ठ नेता इस प्रस्ताव के पक्ष में नहीं हैं। उनका मानना है कि पार्टी को अपने मजबूत संगठन वाले क्षेत्र में सहयोगी दल के लिए सीट नहीं छोड़नी चाहिए।
जनसेना ने किस सीट पर मांगा भाजपा का समर्थन?
जनसेना पार्टी ने वारंगल-खम्मम-नलगोंडा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पर अपनी दावेदारी पेश की है। इस सीट के लिए पार्टी ने पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ. गडाला श्रीनिवास राव को उम्मीदवार के रूप में आगे किया है। जनसेना का तर्क है कि तेलंगाना में भी पवन कल्याण का प्रभाव है और पार्टी स्नातक मतदाताओं के बीच अच्छा प्रदर्शन कर सकती है।
पार्टी चाहती है कि भाजपा इस निर्वाचन क्षेत्र में अपना उम्मीदवार उतारने के बजाय जनसेना का समर्थन करे। बदले में जनसेना हैदराबाद-रंगारेड्डी-महबूबनगर स्नातक सीट पर भाजपा उम्मीदवार का साथ दे सकती है। हालांकि, दोनों दलों के बीच अभी कोई औपचारिक सीट-बंटवारा समझौता नहीं हुआ है।
भाजपा नेताओं को जनसेना की दावेदारी पर आपत्ति
तेलंगाना भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि वारंगल-खम्मम-नलगोंडा सीट पर पार्टी लंबे समय से सक्रिय रही है। ऐसे में चुनाव से पहले यह सीट किसी दूसरे दल को देना संगठन के लिए नुकसानदायक हो सकता है। भाजपा नेताओं की एक बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई। बैठक में पार्टी के तेलंगाना प्रभारी सुनील बंसल के सामने जनसेना के साथ गठबंधन का प्रस्ताव रखा गया।
रिपोर्टों के मुताबिक, कई नेताओं ने इस प्रस्ताव का विरोध किया। उनका कहना था कि तेलंगाना में भाजपा अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश कर रही है और किसी सहयोगी दल के लिए सीट छोड़ने से कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जा सकता है।
कुछ नेताओं ने यह भी आशंका जताई कि भारत राष्ट्र समिति (BRS) इस गठबंधन को राजनीतिक मुद्दा बना सकती है। हालांकि, ये पार्टी के भीतर व्यक्त की गई चिंताएं हैं, किसी आधिकारिक फैसले का हिस्सा नहीं।
रामचंदर राव को मिल सकता है हैदराबाद सीट से टिकट
दूसरी ओर, हैदराबाद-रंगारेड्डी-महबूबनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव का नाम प्रमुख दावेदारों में शामिल है।
रामचंदर राव पहले भी 2015 से 2021 तक इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। पार्टी के भीतर उनके अनुभव और क्षेत्र में पहचान को देखते हुए उन्हें मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा है।
कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि भाजपा नेतृत्व उनके नाम पर लगभग सहमत है। हालांकि, उम्मीदवार की अंतिम आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। पार्टी के अन्य नेताओं ने भी इस सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। इसलिए अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।
सुनील बंसल के सामने उठा सीट बंटवारे का मुद्दा
भाजपा की हालिया बैठक में उम्मीदवारों के चयन और संगठन की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। सुनील बंसल ने राज्य नेतृत्व से प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के लिए संभावित उम्मीदवारों के नामों की समीक्षा करने को कहा है।
कुछ नेताओं ने सुझाव दिया कि जनसेना के साथ औपचारिक गठबंधन किए बिना भी दोनों पार्टियां सहयोग कर सकती हैं। उनका मानना है कि इससे आंध्र प्रदेश में दोनों दलों के संबंध भी बने रहेंगे और तेलंगाना में भाजपा की अलग पहचान भी प्रभावित नहीं होगी।
बैठक में एक विकल्प यह भी सामने आया कि यदि श्रीनिवास राव भाजपा में शामिल होते हैं, तो उनकी उम्मीदवारी पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल इस प्रस्ताव पर भी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
कांग्रेस ने पहले ही घोषित कर दिए उम्मीदवार
तेलंगाना की सत्तारूढ़ कांग्रेस ने दोनों स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों के नाम आगे कर दिए हैं। हैदराबाद-रंगारेड्डी-महबूबनगर सीट पर समा राममोहन रेड्डी और वारंगल-खम्मम-नलगोंडा सीट पर रामरेड्डी सर्वोत्तम रेड्डी को उम्मीदवार बनाया गया है।
वहीं, भाजपा में कई नेताओं के बीच टिकट की दावेदारी जारी है। भारत राष्ट्र समिति भी चुनाव की तैयारियों में जुटी है। इस कारण स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में मुख्य राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला होने की संभावना है।
स्नातक विधान परिषद चुनाव कब होंगे?
तेलंगाना में इन स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव 2027 में होने हैं। वारंगल-खम्मम-नलगोंडा सीट के मौजूदा सदस्य चिंतापंडु नवीन, जिन्हें तीनमार मल्लन्ना के नाम से जाना जाता है, का कार्यकाल मार्च 2027 में समाप्त होगा।
चुनाव की तैयारी के तहत मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची 30 दिसंबर 2026 को प्रकाशित करने का कार्यक्रम है। इन सीटों पर सामान्य मतदाताओं के बजाय निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले पंजीकृत स्नातक मतदान करते हैं।
भाजपा और जनसेना में आगे क्या होगा?
तेलंगाना भाजपा नेतृत्व के सामने अब उम्मीदवार चयन के साथ सहयोगी दल से संबंध बनाए रखने की चुनौती है। पार्टी दोनों स्नातक सीटों पर अपनी संभावनाएं मजबूत करना चाहती है, जबकि जनसेना भी तेलंगाना की राजनीति में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
फिलहाल भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को गठबंधन और सीट बंटवारे पर निर्णय लेना है। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा से स्पष्ट होगा कि दोनों पार्टियां साथ चुनाव लड़ेंगी या अलग-अलग।









