सर्दी आते ही कई घरों में सुबह बादाम खाने की आदत शुरू हो जाती है। बादाम में प्रोटीन, फाइबर और विटामिन ई जैसे पोषक तत्व मिलते हैं। डॉक्टर सौरभ सेठी ने बताया है कि रोज थोड़े बादाम खाने से दिल, पेट, ब्लड शुगर और त्वचा को किस तरह फायदा हो सकता है।
सर्दियों में बादाम खाने के फायदे: ठंड के दिनों में सुबह-सुबह बादाम खाना बहुत से घरों में पुरानी आदत है। कोई रात को पानी में भिगोकर रखता है, तो कोई दूध के साथ खाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रोज बादाम खाने से शरीर में क्या बदलाव आते हैं? बादाम में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन ई, मैग्नीशियम और शरीर के लिए अच्छे फैट होते हैं। पेट और लिवर से जुड़ी बीमारियों के विशेषज्ञ डॉ. सौरभ सेठी ने सोशल मीडिया पर बादाम के कुछ ऐसे फायदे बताए हैं, जिनका संबंध दिल की सेहत से लेकर पाचन और त्वचा तक से है।
दिल की सेहत पर बादाम का क्या असर पड़ता है?
बादाम में ऐसे फैट होते हैं, जो दिल की सेहत के लिहाज से अच्छे माने जाते हैं। खासकर इनमें मिलने वाला मोनोअनसैचुरेटेड फैट शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकता है।
डॉ. सौरभ सेठी के मुताबिक, रोज बादाम खाने से कोलेस्ट्रॉल के स्तर में कुछ सुधार हो सकता है। कुछ रिसर्च में बादाम खाने वाले लोगों के एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल में औसतन करीब 5 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर की कमी देखी गई है।
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हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि बादाम खाने से दिल की बीमारी नहीं होगी। दिल को स्वस्थ रखने के लिए रोजमर्रा के खाने-पीने, शारीरिक गतिविधियों और दूसरी आदतों का भी ध्यान रखना पड़ता है।
बादाम खाने से पेट को क्या फायदा होता है?
जिन लोगों का पेट ठीक से साफ नहीं होता, उनके लिए फाइबर वाला खाना उपयोगी हो सकता है। बादाम में भी फाइबर मिलता है। करीब 23 बादाम खाने पर शरीर को लगभग 3.5 से 4 ग्राम फाइबर मिल सकता है।
फाइबर मल को सामान्य रखने में मदद करता है। इससे कब्ज की परेशानी कम हो सकती है। बादाम में मौजूद फाइबर आंतों में रहने वाले अच्छे बैक्टीरिया के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।
हालांकि, ज्यादा मात्रा में बादाम खाने से कुछ लोगों को पेट फूलने या गैस की शिकायत हो सकती है। खासकर जिनकी पाचन क्षमता कमजोर है, उन्हें शुरुआत में थोड़ी मात्रा ही खानी चाहिए।
बादाम खाने से ब्लड शुगर पर क्या असर पड़ता है?
बादाम में मीठी चीजों और अनाज के मुकाबले कार्बोहाइड्रेट कम होता है। इनमें फाइबर और अच्छे फैट भी मिलते हैं। इसी वजह से शुगर की परेशानी वाले लोग भी इन्हें अपनी डाइट में जगह दे सकते हैं।
कुछ रिसर्च में देखा गया है कि रोटी, चावल या दूसरे कार्बोहाइड्रेट वाले खाने के साथ बादाम लेने पर भोजन के बाद शुगर में होने वाली बढ़ोतरी कुछ कम हो सकती है। हालांकि, हर व्यक्ति के शरीर पर इसका एक जैसा असर नहीं पड़ता।
जिन लोगों को डायबिटीज है, वे भी तय मात्रा में बादाम खा सकते हैं। लेकिन बादाम को शुगर कम करने की दवा समझना गलत होगा। डायबिटीज के मरीजों को डॉक्टर की सलाह से ही अपनी डाइट और दवाओं में बदलाव करना चाहिए।
जल्दी भूख लगती है तो बादाम खाने से क्या होगा?
कई लोगों को सुबह नाश्ता करने के बाद दोपहर होने से पहले ही भूख लगने लगती है। ऐसे में अक्सर हाथ बिस्कुट, नमकीन या किसी मीठी चीज की तरफ बढ़ जाता है। इसकी जगह थोड़े बादाम खाए जा सकते हैं।
करीब 23 बादाम खाने पर शरीर को लगभग 6 ग्राम प्रोटीन मिलता है। इनमें फाइबर और फैट भी होता है, जिससे कुछ समय तक पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है। इससे बार-बार कुछ खाने का मन कम हो सकता है।
लेकिन बादाम कितने खा रहे हैं, इस बात का ध्यान रखना भी जरूरी है। एक मुट्ठी बादाम में करीब 160 से 165 कैलोरी होती हैं। अगर दिनभर में पहले से भरपूर खाना खा रहे हैं और ऊपर से काफी बादाम भी खा लेते हैं, तो कैलोरी बढ़ जाएगी। खासकर वजन कम करने वालों को इनकी मात्रा का ध्यान रखना चाहिए।
क्या बादाम से चेहरे की झुर्रियां भी कम होती हैं?
बादाम में विटामिन ई अच्छी मात्रा में मिलता है। यह त्वचा के लिए भी जरूरी होता है। शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में विटामिन ई की अहम भूमिका होती है।
चेहरे की झुर्रियों पर बादाम का असर जानने के लिए एक रिसर्च भी की गई थी। इसमें उन महिलाओं को शामिल किया गया था, जिनका मेनोपॉज हो चुका था। इन महिलाओं को 24 हफ्तों तक रोज बादाम खाने के लिए दिए गए। रिसर्च के नतीजों में सामने आया कि बादाम खाने वाली महिलाओं की झुर्रियों की गंभीरता पहले के मुकाबले करीब 16 प्रतिशत कम हुई थी।
ठंड के मौसम में एक दिन में कितने बादाम खाने चाहिए?
कई घरों में रात को बादाम भिगोकर रख दिए जाते हैं और सुबह उनका छिलका उतारकर खाया जाता है। यह तरीका अपनाना ठीक है, लेकिन बादाम को भिगोना जरूरी नहीं है। बिना भिगोए भी इन्हें खाया जा सकता है।
अगर आपको सादे बादाम पसंद नहीं हैं, तो इन्हें दलिया, ओट्स या दही में मिलाकर खा सकते हैं। हल्के भुने हुए बादाम भी खाए जा सकते हैं। बस कोशिश करें कि इनमें ज्यादा नमक या तेल न हो।
एक स्वस्थ वयस्क अपनी रोज की खुराक और जरूरत के अनुसार करीब 20 से 25 बादाम खा सकता है। हालांकि, सभी लोगों को रोज इतने बादाम खाने की जरूरत नहीं होती। जिन्हें बादाम से एलर्जी है, उन्हें इनसे परहेज करना चाहिए।
बादाम सिर्फ ठंड के मौसम में खाने की चीज नहीं है। गर्मियों में भी इन्हें खाया जा सकता है। फर्क बस इतना है कि सर्दियों में लोग ड्राई फ्रूट्स ज्यादा खाने लगते हैं। शरीर को इनसे मिलने वाला पोषण मौसम बदलने से खत्म नहीं होता। इसलिए बादाम को अपनी पसंद और जरूरत के हिसाब से सालभर के खाने में शामिल किया जा सकता है।







