मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में बेटे की शादी के दौरान पिता को पड़ा हार्ट अटैक, बिना दुल्हन लौटे बाराती

संभल के बहजोई में सामूहिक विवाह के दौरान दूल्हे के पिता की तबीयत बिगड़ गई। हार्ट अटैक की आशंका पर अस्पताल भेजा गया और बारात बिना दुल्हन लौट गई।

संभल के बहजोई में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दौरान दूल्हे के पिता की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीने में तेज दर्द उठने पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। पिता की हालत गंभीर होने के कारण बेटे की शादी रुक गई और बारात बिना दुल्हन के लौट गई।

संभल: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में एक परिवार की खुशियां अचानक चिंता में बदल गईं। बरेली से बेटे की शादी कराने पहुंचे गोवर्धन के सीने में अचानक दर्द शुरू हो गया। हालत बिगड़ने पर पुलिसकर्मी उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने शुरुआती जांच में हार्ट अटैक की आशंका जताई। पिता की तबीयत खराब होने के कारण बेटे सूरजपाल की शादी नहीं हो सकी और दोनों पक्ष कार्यक्रम से लौट गए।

बेटे की शादी कराने बरेली से संभल पहुंचे थे गोवर्धन

संभल के बहजोई स्थित बड़े मैदान में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। यहां कई जोड़े शादी की रस्में पूरी करने पहुंचे थे। इसी कार्यक्रम में बरेली जिले के भमौरा थाना क्षेत्र के भाखड़गंज निवासी सूरजपाल की शादी भी होनी थी।

सूरजपाल का रिश्ता चंदौसी के छावड़ा इलाके की रहने वाली युवती से तय हुआ था। शादी के लिए दोनों परिवार कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे। सूरजपाल अपने पिता गोवर्धन और परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ बरेली से आया था।

परिवार में शादी को लेकर खुशी का माहौल था, लेकिन कार्यक्रम के दौरान अचानक ऐसी स्थिति बन गई कि विवाह की रस्में पूरी नहीं हो सकीं।

जानकारी के मुताबिक, कलक्ट्रेट पहुंचने पर गोवर्धन ने सीने में दर्द होने की शिकायत की। कुछ ही देर में उनकी परेशानी बढ़ने लगी। पिता की तबीयत बिगड़ती देख सूरजपाल और परिवार के दूसरे सदस्य परेशान हो गए।

पुलिसकर्मी अपने वाहन से अस्पताल लेकर पहुंचे

गोवर्धन की हालत खराब होने की जानकारी मिलने पर वहां मौजूद पुलिसकर्मी मदद के लिए आगे आए। उन्हें पुलिस वाहन से बांके बिहारी अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टर ने उनकी जांच की। उस समय उनकी हालत गंभीर बताई गई।

डॉ. जयकिशन के मुताबिक, शुरुआती तौर पर गोवर्धन को दिल का दौरा पड़ने की आशंका थी। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आगे के इलाज के लिए रेफर कर दिया गया।

डॉक्टर की सलाह के बाद परिवार के लोग गोवर्धन को लेकर बरेली रवाना हो गए। बेटे की शादी के लिए आए परिवार को अब गोवर्धन के इलाज की चिंता थी।

इस घटना के बाद सूरजपाल की शादी की रस्में रोक दी गईं। दुल्हन पक्ष के लोग भी कार्यक्रम छोड़कर चले गए। इस तरह शादी के लिए बरेली से संभल पहुंची बारात को बिना विवाह संपन्न हुए वापस लौटना पड़ा।

गोवर्धन की आगे की स्वास्थ्य स्थिति और सूरजपाल की शादी दोबारा कब होगी, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

कार्यक्रम में एंबुलेंस और डॉक्टर नहीं होने पर उठे सवाल

सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दौरान हुई इस घटना ने वहां की चिकित्सा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए। जानकारी के अनुसार, गोवर्धन की तबीयत बिगड़ने के समय मौके पर एंबुलेंस और चिकित्सकों की व्यवस्था नहीं थी।

यही वजह रही कि पुलिसकर्मियों को उन्हें अपने वाहन से अस्पताल पहुंचाना पड़ा। अगर कार्यक्रम स्थल पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होती तो शुरुआती जांच और इलाज वहीं शुरू किया जा सकता था।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवक-युवतियों की शादी सरकारी सहायता से कराई जाती है। ऐसे कार्यक्रमों में विवाह करने वाले जोड़ों के अलावा उनके परिवार और रिश्तेदार भी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।

बहजोई में आयोजित इसी कार्यक्रम में सूरजपाल और उसकी होने वाली पत्नी के परिवार भी शामिल हुए थे। दोनों पक्ष शादी की रस्में पूरी करने आए थे, लेकिन अचानक हुई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण उन्हें कार्यक्रम बीच में छोड़ना पड़ा।फिलहाल इस मामले में कार्यक्रम स्थल पर चिकित्सा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से किसी कार्रवाई या जांच की जानकारी नहीं मिली है।

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