छोटी चौपड़ पर दिखेगा 42 फीट का राम मंदिर, 51 बाजारों में सजावट, ट्रैफिक रूट भी बदले

जयपुर में दिवाली पर 42 फीट का राम मंदिर, राम सेतु की झांकी और 51 बाजारों में रोशनी होगी। 6 से 9 नवंबर तक बदले ट्रैफिक रूट और पार्किंग की जानकारी पढ़ें।

जयपुर में दिवाली पर इस बार 51 बाजारों को अलग-अलग थीम पर सजाया गया है। छोटी चौपड़ पर भव्य राम मंदिर और राम सेतु की झांकी आकर्षण रहेगी। वहीं, 6 से 9 नवंबर तक परकोटे में ट्रैफिक और पार्किंग के नियम बदले रहेंगे।

जयपुर: गुलाबी नगरी में दीपावली की रौनक इस बार कुछ अलग दिखाई देगी। छोटी चौपड़ पर 42 फीट चौड़े और 36 फीट ऊंचे राम मंदिर की झांकी तैयार की गई है। साथ ही राम सेतु निर्माण का दृश्य भी दिखाया जाएगा। जयपुर व्यापार महासंघ ने शहर के 51 बाजारों में सामूहिक सजावट की व्यवस्था की है। खरीदारी और रोशनी देखने आने वालों की भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस ने विशेष ट्रैफिक प्लान भी लागू किया है।

छोटी चौपड़ पर राम मंदिर और राम सेतु की झांकी बनेगी आकर्षण

दिवाली के लिए जयपुर के बाजार सजकर तैयार हैं। इस बार सजावट में केवल रंग-बिरंगी लाइटों का इस्तेमाल नहीं किया गया है, बल्कि शहर की पहचान, धार्मिक परंपराओं और ऐतिहासिक इमारतों को भी जगह मिली है। सबसे ज्यादा चर्चा छोटी चौपड़ पर तैयार राम मंदिर की झांकी की हो रही है।

छोटी चौपड़ पर दिखेगा 42 फीट का राम मंदिर, 51 बाजारों में सजावट, ट्रैफिक रूट भी बदले

यहां 42 फीट चौड़ा और 36 फीट ऊंचा राम मंदिर बनाया गया है। इसके पास राम सेतु निर्माण का दृश्य दिखाने की व्यवस्था की गई है। समुद्र की लहरों, चट्टानों और चलते हुए किरदारों की मदद से झांकी को सजीव रूप देने की कोशिश की गई है। शाम को रोशनी के बीच इसका नजारा देखने को मिलेगा।

जयपुर की स्थापना के 300वें वर्ष की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए व्यापार मंडलों ने सजावट में शहर की विरासत को भी शामिल किया है। इसका असर परकोटे के अलग-अलग बाजारों में दिखाई दे रहा है।

गणगौरी बाजार में हवा महल और जंतर-मंतर की झलक देखने को मिलेगी। व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमित जोशी के अनुसार, इस बार बाजार में जयपुर की ऐतिहासिक पहचान के साथ स्वच्छता का संदेश भी दिया जा रहा है।

एमआई रोड पर गुलाबी रोशनी, 51 बाजारों में 11 दिन तक सजावट

एमआई रोड को इस बार गुलाबी रंग की लाइटों से सजाया गया है। जयपुर व्यापार महासंघ के महामंत्री सुरेश सैनी के मुताबिक, पहली बार यहां दीपावली की सजावट 11 दिन तक रखने की व्यवस्था की गई है। एमआई रोड पर एक नवंबर से ही रोशनी शुरू हो गई थी।

चौड़ा रास्ता में देशभक्ति और पर्यावरण संरक्षण की थीम रखी गई है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष विनय भारद्वाज के अनुसार, बिजली की खपत कम रखने के लिए अधिकतर सजावट में एलईडी लाइटों का इस्तेमाल करने की योजना है।

जौहरी बाजार और त्रिपोलिया बाजार में धार्मिक थीम दिखाई देगी। वहीं, इंदिरा बाजार को अलग-अलग रंग की झालरों और नेहरू बाजार को लाल रंग की रोशनी से सजाया गया है।

जयपुर व्यापार महासंघ ने कुल 51 बाजारों में सामूहिक सजावट की योजना बनाई है। इनमें बापू बाजार, किशनपोल बाजार, चांदपोल बाजार, रामगंज बाजार, सांगानेरी गेट, वैशाली नगर, अजमेर रोड और गोपालपुरा जैसे इलाके भी शामिल हैं।

पहले बाजारों को सजाने के लिए सात दिन की अनुमति मिलती थी, लेकिन इस बार नगर निगम ने पंजीकृत व्यापार मंडलों को 11 दिन तक सजावट और स्वागत द्वार लगाने की अनुमति दी है।

सजावट की बिजली पर करीब 40 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान

बाजारों में लगाई गई लाइटों के लिए बिजली की अलग व्यवस्था की जा रही है। जयपुर डिस्कॉम के अनुसार, सजावट के लिए 60 से अधिक अस्थायी बिजली कनेक्शन जारी किए जाने हैं।

इन कनेक्शनों के जरिए पांच दिनों में करीब दो लाख यूनिट बिजली इस्तेमाल होने का अनुमान है। दुकानों और कॉम्प्लेक्स के स्थायी कनेक्शन की खपत जोड़ने पर कुल बिजली इस्तेमाल तीन से चार लाख यूनिट तक पहुंच सकता है।

व्यापारियों की मांग पर अस्थायी कनेक्शन के लिए सिंगल टैरिफ रखने के निर्देश दिए गए हैं। औसतन 10 रुपये प्रति यूनिट की दर से हिसाब लगाने पर सजावटी रोशनी का खर्च करीब 40 लाख रुपये हो सकता है।

इस रकम में बाजारों के गेट, झांकियां और दूसरी सजावट का खर्च शामिल नहीं है। अलग-अलग व्यापार मंडल अपने स्तर पर यह व्यवस्था कर रहे हैं।

सुरक्षा को लेकर भी नगर निगम ने तैयारी की है। नगर निगम के अधिकारियों ने 30 से अधिक व्यापार मंडलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इसमें बाजारों की सफाई, बिजली के तारों को सुरक्षित रखने और आग से बचाव की व्यवस्था पर चर्चा हुई।

पटाखों की दुकानों पर अग्निशमन उपकरण रखने और सुरक्षा नियमों का पालन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

दिवाली पर जयपुर में बदला ट्रैफिक प्लान, शाम 6 बजे से कई रास्तों पर रोक

परकोटे के बाजारों में दिवाली की खरीदारी और रोशनी देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इस बार भीड़ को संभालने के लिए जयपुर यातायात पुलिस ने 6 से 9 नवंबर तक विशेष व्यवस्था की है।

इन चार दिनों में शाम छह बजे से परकोटे के कई रास्तों पर वाहनों की आवाजाही सीमित रहेगी। आठ स्थानों पर नो-व्हीकल जोन बनाए गए हैं। प्रमुख बाजारों की मुख्य सड़कों पर पार्किंग की अनुमति भी नहीं होगी।

बापू बाजार, नेहरू बाजार, इंदिरा बाजार और संजय बाजार सहित कई स्थानों पर वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। छोटी चौपड़ से गणगौरी बाजार होते हुए सार्दुल सिंह की नाल तक भी प्रतिबंध लागू होगा।

बांदरवाल गेट से बड़ी चौपड़ के बीच और घोड़ा सर्किल से एमजीडी गेट तक भी वाहन नहीं जा सकेंगे। रामनिवास बाग से सांगानेरी गेट के बीच यातायात पर प्रतिबंध रहेगा, हालांकि निर्धारित भूमिगत पार्किंग के प्रवेश मार्ग को छूट मिलेगी।

चांदपोल गेट से आने वाले हल्के वाहनों को छोटी चौपड़ से त्रिपोलिया बाजार, चौड़ा रास्ता और न्यू गेट की तरफ निकाला जाएगा। अजमेरी गेट से आने वाले वाहनों के लिए भी निर्धारित रास्तों से आगे जाने की व्यवस्था रहेगी।

यातायात पुलिस ने लोगों को परकोटे में निजी वाहन ले जाने के बजाय मेट्रो और निर्धारित पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

सिंधी कैंप से चलेंगी रोडवेज बसें, न्यू सांगानेर रोड पर कम सजावट

दिवाली के दौरान बसों का संचालन भी चर्चा में रहा। पहले 3 से 9 नवंबर तक बसों को शहर के बाहरी स्थानों पर भेजने की योजना बनी थी। बाद में रोडवेज बसों के सिंधी कैंप से संचालन को पहले की तरह जारी रखने का फैसला लिया गया।

स्लीपर बसों के लिए शहर के बाहरी निर्धारित स्थानों से संचालन संबंधी प्रतिबंध अलग हैं। इसलिए निजी स्लीपर बस से यात्रा करने वाले यात्रियों को अपना बोर्डिंग पॉइंट संबंधित ऑपरेटर से जरूर जांच लेना चाहिए।

उधर, न्यू सांगानेर रोड पर इस बार दिवाली की सजावट पहले जैसी नहीं होगी। अजमेर रोड से गुर्जर की थड़ी तक करीब 3.5 किलोमीटर क्षेत्र के व्यापारियों ने जयपुर विकास प्राधिकरण की संभावित कार्रवाई की आशंका के कारण सामूहिक सजावट नहीं करने का फैसला किया है।

जयपुर के बाकी प्रमुख बाजारों में रोशनी देखने आने वाले लोगों के लिए शाम का समय खास रहेगा। हालांकि, परकोटे में वाहन प्रतिबंधों के कारण यात्रा में सामान्य दिनों से ज्यादा समय लग सकता है।

Leave a comment