हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चंबा दौरे पर होली-उतराला सड़क के लिए 18 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। भरमौर की 27 गैर-जनजातीय पंचायतों को जनजातीय क्षेत्र का दर्जा देने की मांग पर कमेटी बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री अप्रैल में दोबारा होली घाटी जाएंगे।
चंबा: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार, 5 नवंबर को चंबा जिले के दौरे के दौरान भरमौर क्षेत्र के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। लिल्ह कोठी में आयोजित जनसभा में उन्होंने होली-उतराला सड़क के निर्माण के लिए 18 करोड़ रुपये देने का एलान किया। इसके साथ ही भरमौर की 27 गैर-जनजातीय पंचायतों को जनजातीय क्षेत्र में शामिल करने की मांग पर विचार के लिए कमेटी बनाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने अप्रैल में फिर होली घाटी आने की भी घोषणा की।
होली-उतराला सड़क के लिए मिलेंगे 18 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चंबा दौरे के दौरान होली-उतराला सड़क परियोजना के लिए 18 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की घोषणा की है। यह सड़क भरमौर क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। स्थानीय लोगों के लिए सड़क सुविधा का विस्तार लंबे समय से अहम मुद्दा रहा है।
![]()
होली घाटी पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है। यहां सड़क संपर्क बेहतर होने से लोगों को आवाजाही में सुविधा मिल सकती है। खासकर दूरदराज के गांवों से बाजार, अस्पताल और दूसरे जरूरी स्थानों तक पहुंचने में सड़कें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब इस परियोजना के लिए संबंधित विभागों की ओर से आगे की प्रक्रिया पूरी की जानी है। हालांकि सड़क निर्माण की समयसीमा और 18 करोड़ रुपये के इस्तेमाल से जुड़े विस्तृत निर्देश अभी सामने नहीं आए हैं।
भरमौर की 27 पंचायतों को जनजातीय दर्जा देने की मांग पर बनेगी कमेटी
मुख्यमंत्री ने लिल्ह कोठी में आयोजित जनसभा में भरमौर की 27 गैर-जनजातीय पंचायतों से जुड़ी मांग पर भी बात की। उन्होंने इन पंचायतों को जनजातीय क्षेत्र का दर्जा देने के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए एक कमेटी बनाने की घोषणा की।
इसका मतलब यह नहीं है कि इन पंचायतों को तत्काल जनजातीय क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। फिलहाल सरकार ने इस मांग पर आगे विचार करने के लिए कमेटी गठित करने की बात कही है।
जनजातीय क्षेत्र का दर्जा मिलने से प्रशासनिक व्यवस्था और विकास योजनाओं पर असर पड़ सकता है। हालांकि किसी क्षेत्र को यह दर्जा देने के लिए निर्धारित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होता है।
अब इन 27 पंचायतों से जुड़े मामले में कमेटी के गठन और उसके कार्यक्षेत्र को लेकर अगली सरकारी सूचना का इंतजार रहेगा।
लिल्ह कोठी की जनसभा में मुख्यमंत्री ने की घोषणाएं
मुख्यमंत्री सुक्खू तीन से छह नवंबर तक चंबा जिले के दौरे पर हैं। इस दौरान उनका कार्यक्रम भटियात, चुराह और भरमौर विधानसभा क्षेत्रों में रखा गया है। अलग-अलग स्थानों पर विकास कार्यों के उद्घाटन, शिलान्यास और जनसभाओं का आयोजन किया जा रहा है।
इसी कार्यक्रम के तहत पांच नवंबर को मुख्यमंत्री लिल्ह कोठी पहुंचे। यहां आयोजित जनसभा में उन्होंने होली-उतराला सड़क और भरमौर की गैर-जनजातीय पंचायतों को लेकर घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री के पहुंचने से पहले कार्यक्रम स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्हें सिक्कों से भी तोला गया।
चंबा दौरे में मुख्यमंत्री विकास परियोजनाओं के साथ स्थानीय लोगों की समस्याओं और मांगों से जुड़े कार्यक्रमों में भी हिस्सा ले रहे हैं।
दिवंगत युवा कांग्रेस नेता चंद्रमणि कुलेठी के घर पहुंचे सीएम
चंबा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू होली में दिवंगत युवा कांग्रेस नेता चंद्रमणि कुलेठी के घर भी पहुंचे। चंद्रमणि युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष थे।
उनकी 21 अक्टूबर की रात करंट लगने से मौत हो गई थी। बताया गया है कि वह मुख्यमंत्री के स्वागत कार्यक्रम की तैयारी के दौरान झंडे लगा रहे थे। इसी बीच बिजली का करंट लगने से यह हादसा हुआ था।
चंद्रमणि के निधन के बाद मुख्यमंत्री उनके घर पहुंचे और परिवार से मुलाकात की। यह घटना होली क्षेत्र में मुख्यमंत्री के पहले प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान हुई थी।
अप्रैल में दोबारा होली घाटी आएंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सुक्खू ने होली घाटी के लोगों के लिए एक और घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अप्रैल में वह दोबारा इस क्षेत्र का दौरा करेंगे और जनसभा आयोजित करेंगे।
हालांकि इस दौरे की निश्चित तारीख अभी नहीं बताई गई है। कार्यक्रम तय होने के बाद प्रशासन की ओर से इसकी जानकारी जारी की जा सकती है।
होली घाटी में सड़क संपर्क और दूसरी विकास संबंधी जरूरतें स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के अगले दौरे के दौरान इन मुद्दों पर आगे की जानकारी मिलने की उम्मीद रहेगी।
अब सड़क निर्माण और कमेटी के फैसले पर नजर
मुख्यमंत्री की घोषणाओं के बाद भरमौर क्षेत्र में दो अहम विषयों पर आगे की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार है। पहला होली-उतराला सड़क परियोजना के लिए घोषित 18 करोड़ रुपये से जुड़ा प्रशासनिक काम और दूसरा 27 पंचायतों को जनजातीय क्षेत्र में शामिल करने की मांग पर कमेटी का गठन।
सड़क परियोजना के लिए राशि देने की घोषणा हुई है, लेकिन निर्माण की अगली समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है। इसी तरह पंचायतों के मामले में भी कमेटी की रिपोर्ट और संबंधित सरकारी फैसले के बाद ही स्थिति साफ होगी।
मुख्यमंत्री के अप्रैल में फिर होली घाटी आने की घोषणा से स्थानीय विकास परियोजनाओं पर आगे चर्चा होने की संभावना है।







