IndiGo Fleet Expansion: इंडिगो के पास 2027 तक होंगे 14 A321 XLR विमान, विदेशों के लिए बढ़ेंगी उड़ानें

IndiGo Fleet Expansion: इंडिगो दिसंबर 2027 तक अपने बेड़े में 14 Airbus A321 XLR विमान शामिल करेगी। इससे विदेशों के लिए सीधी उड़ानें बढ़ेंगी और यात्रियों को नए

इंडिगो दिसंबर 2027 तक अपने बेड़े में A321 XLR विमानों की संख्या 14 करने जा रही है। अभी कंपनी के पास ऐसे चार विमान हैं। ये विमान बिना कहीं रुके करीब 8,700 किलोमीटर का सफर कर सकते हैं। इससे विदेशों के लिए नई सीधी फ्लाइट शुरू करने का रास्ता खुल सकता है।

बिजनेस न्यूज: भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो अब विदेशों में अपना कारोबार बढ़ाने की तैयारी में है। कंपनी ने अगले साल दिसंबर तक 14 एयरबस A321 XLR विमान रखने का लक्ष्य बनाया है। इनमें से चार विमान उसके पास पहले से हैं। बाकी विमान अगले साल तक मिलने की उम्मीद है। इन विमानों से लंबी दूरी का सफर किया जा सकता है। 

अभी विदेश जाने के लिए कई यात्रियों को बीच रास्ते में फ्लाइट बदलनी पड़ती है। नए विमान आने के बाद इंडिगो कुछ ऐसे शहरों के बीच भी सीधी उड़ान शुरू कर सकती है, जहां अभी यह सुविधा नहीं है।

इंडिगो को कब तक मिलेंगे 14 नए विमान?

इंडिगो के सीईओ विली वॉल्श ने 3 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में हुए एविएशन इंडिया एंड साउथ एशिया कॉन्फ्रेंस में कंपनी की आगे की तैयारी के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि फिलहाल एयरलाइन के पास चार A321 XLR विमान हैं। दिसंबर 2026 तक एक और विमान मिलने की उम्मीद है। इसके बाद 2027 में बाकी विमान भी आते रहेंगे। कंपनी का इरादा अगले साल दिसंबर तक इनकी संख्या 14 करने का है।

इंडिगो के पास अभी 440 से ज्यादा विमान हैं। कंपनी आने वाले सालों में अपना बेड़ा और बड़ा करना चाहती है। इसके लिए 2030 तक 600 विमान रखने का लक्ष्य बनाया गया है। हालांकि, कंपनी विदेशों में उड़ानें बढ़ाने के साथ भारत के अंदर चलने वाली फ्लाइट पर भी ध्यान देती रहेगी। वॉल्श के मुताबिक, छोटी और मध्यम दूरी की उड़ानें आगे भी इंडिगो के कारोबार का बड़ा हिस्सा रहेंगी।

A321 XLR विमान में क्या खास बात है?

एयरबस A321 XLR देखने में आम यात्री विमान जैसा ही है। इसमें सीटों के बीच आने-जाने के लिए एक गलियारा होता है। ऐसे विमानों को नैरो-बॉडी विमान कहा जाता है। आमतौर पर इनका इस्तेमाल कम दूरी की उड़ानों के लिए होता है, लेकिन A321 XLR को लंबा सफर करने के लिए बनाया गया है। एयरबस के मुताबिक, यह विमान एक बार ईंधन भरने के बाद करीब 8,700 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है। यानी लगभग 11 घंटे तक बिना बीच में उतरे सफर कर सकता है।

इसमें आमतौर पर 180 से 220 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था की जा सकती है। हालांकि, कितनी सीटें लगानी हैं, यह एयरलाइन अपनी जरूरत के हिसाब से तय करती है। इस विमान में अतिरिक्त ईंधन रखने के लिए खास टैंक लगाया गया है। इसी वजह से यह दूसरे कई छोटे यात्री विमानों के मुकाबले ज्यादा दूर तक जा सकता है। एयरबस का दावा है कि पुरानी पीढ़ी के प्रतिस्पर्धी विमानों की तुलना में इसमें प्रति सीट ईंधन की खपत करीब 30 प्रतिशत तक कम हो सकती है।

क्या छोटे शहरों से भी विदेश की सीधी फ्लाइट मिलेगी?

IndiGo Fleet Expansion: इंडिगो के पास 2027 तक होंगे 14 A321 XLR विमान, विदेशों के लिए बढ़ेंगी उड़ानें

भारत के कई छोटे शहरों में रहने वाले लोगों को विदेश जाने के लिए पहले दिल्ली या मुंबई पहुंचना पड़ता है। वहां से दूसरी फ्लाइट मिलती है। कई बार इसी चक्कर में सफर लंबा हो जाता है और किराया भी बढ़ जाता है। इंडिगो के नए A321 XLR विमान इस परेशानी को कुछ हद तक कम कर सकते हैं। ये विमान लंबी दूरी तक उड़ सकते हैं और इनमें बड़े विमानों के मुकाबले कम सीटें होती हैं। ऐसे में कंपनी उन शहरों के बीच भी फ्लाइट चला सकती है, जहां यात्रियों की संख्या बहुत ज्यादा नहीं होती।

फिलहाल कंपनी ने यह नहीं बताया है कि किन छोटे शहरों से विदेश के लिए नई उड़ानें शुरू होंगी। इसके लिए एयरपोर्ट पर पर्याप्त सुविधाएं होना भी जरूरी है। विमान उतारने के लिए रनवे कितना लंबा है और उस रूट पर कितने लोग सफर करना चाहते हैं, यह सब देखकर ही फैसला होगा। इसलिए नए विमान आने के बाद भी हर छोटे शहर से विदेश की सीधी फ्लाइट मिलने की उम्मीद नहीं की जा सकती।

2028 से इंडिगो को मिलने लगेंगे A350 विमान

इंडिगो ने बड़े यात्री विमानों के लिए भी तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी ने एयरबस A350-900 विमान मंगवाए हैं। इनका इस्तेमाल लंबी दूरी की विदेशी उड़ानों में किया जाएगा। इनमें A321 XLR के मुकाबले ज्यादा यात्रियों के बैठने की जगह होती है। इंडिगो के सीईओ विली वॉल्श ने बताया है कि A350 विमानों की डिलीवरी 2028 के अप्रैल से जून के बीच शुरू होने की उम्मीद है। इन विमानों के आने से कंपनी को दूर के देशों के लिए अपनी उड़ानें बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

लेकिन विमान मिलने के साथ कुछ और तैयारियां भी करनी होंगी। इन्हें उड़ाने वाले पायलटों को ट्रेनिंग देनी होगी। विमान की मरम्मत और देखभाल के इंतजाम भी करने होंगे। इन तैयारियों के बाद ही इंडिगो नए विमानों को अपने रूट पर उतार सकेगी।

सरकार की 100 नए एयरपोर्ट बनाने की योजना क्या है?

देश में हवाई सफर की सुविधा बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार भी काम कर रही है। सरकार ने संशोधित उड़ान योजना के लिए 28,840 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से शुरू होकर 2035-36 तक चलेगी। इसके तहत देश में ऐसी हवाई पट्टियों को दोबारा तैयार करने की योजना है, जिनका अभी इस्तेमाल नहीं हो रहा है। सरकार का लक्ष्य ऐसी जगहों पर 100 एयरपोर्ट विकसित करना है। इसके अलावा पहाड़ी और दूरदराज के इलाकों में 200 हेलीपैड भी बनाए जाने हैं।

इससे उन छोटे शहरों में भी विमान सेवा पहुंच सकती है, जहां के लोगों को अभी हवाई सफर के लिए दूसरे शहर जाना पड़ता है। नए एयरपोर्ट बनने से इंडिगो समेत दूसरी एयरलाइंस को भी घरेलू उड़ानें बढ़ाने के मौके मिलेंगे। हालांकि, हर नए एयरपोर्ट पर A321 XLR जैसे विमान नहीं उतर सकेंगे। इसके लिए एयरपोर्ट का रनवे और दूसरी सुविधाएं विमान के मुताबिक होनी चाहिए।

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