Justice Sunita Agarwal: 'इलाहाबाद हाईकोर्ट मेरा हाईस्कूल', सुप्रीम कोर्ट की नई जज ने सुनाया सफर, CJI सूर्यकांत ने की तारीफ

Justice Sunita Agarwal: सुप्रीम कोर्ट की नई जज सुनीता अग्रवाल ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को अपना हाईस्कूल बताया। जानें उनके न्यायिक सफर और CJI सूर्यकांत की तारीफ

सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस सुनीता अग्रवाल ने अपने न्यायिक सफर को याद करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट को हाईस्कूल और सुप्रीम कोर्ट को पीएचडी जैसा बताया। सम्मान समारोह में CJI सूर्यकांत ने उनकी तारीफ की और अदालत के कामकाज की तुलना T20 क्रिकेट से की।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट की नई जज जस्टिस सुनीता अग्रवाल ने अपने करियर और संघर्ष के दिनों को लेकर दिलचस्प बातें साझा की हैं। बुधवार, 4 नवंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के सम्मान समारोह में उन्होंने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट से शुरू हुआ उनका सफर किस तरह देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंचा। इस दौरान उन्होंने युवा महिला वकीलों को आगे बढ़ने की सलाह दी। कार्यक्रम में मौजूद चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी उनके काम की जमकर तारीफ की।

इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया हाईस्कूल, सुप्रीम कोर्ट को पीएचडी

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) की ओर से बुधवार को दो नए न्यायाधीशों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस अपारेश कुमार सिंह शामिल हुए। दोनों ने 6 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी। समारोह में जस्टिस सुनीता अग्रवाल ने अपनी न्यायिक यात्रा को पढ़ाई के अलग-अलग पड़ावों से जोड़कर समझाया। 

उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट को अपना हाईस्कूल बताया, जबकि गुजरात हाईकोर्ट में बिताए समय की तुलना ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन से की। सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के अनुभव को उन्होंने पीएचडी की पढ़ाई शुरू करने जैसा बताया। उनका कहना था कि इतने वर्षों के अनुभव के बाद भी सीखने का सिलसिला खत्म नहीं हुआ है। वह आज भी खुद को कानून की छात्रा मानती हैं।

जस्टिस अग्रवाल ने अपने शुरुआती दिनों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत शुरू करते समय कई लोग उनसे सवाल करते थे कि वह इस पेशे में कैसे टिक पाएंगी। हालांकि, उन्होंने इन सवालों से परेशान होने के बजाय अपने काम पर ध्यान दिया।

महिला वकीलों को दी खुद आगे बढ़ने की सलाह

Justice Sunita Agarwal: 'इलाहाबाद हाईकोर्ट मेरा हाईस्कूल', सुप्रीम कोर्ट की नई जज ने सुनाया सफर, CJI सूर्यकांत ने की तारीफ

जस्टिस सुनीता अग्रवाल ने अपने सफर को एक छोटे शहर की सामान्य लड़की की कहानी बताया, जिसने बड़े सपने देखने की हिम्मत की। उन्होंने कहा कि जीवन में कई बार मुश्किल परिस्थितियां आती हैं, लेकिन उनसे घबराने के बजाय आगे बढ़ना जरूरी है। खासकर महिला वकीलों को उन्होंने सलाह दी कि वे किसी अवसर के मिलने का इंतजार न करें।

उनका कहना था कि महिलाओं को अपने लिए रास्ते खुद बनाने चाहिए। जब भी कोई अच्छा अवसर मिले, उसका पूरा फायदा उठाना चाहिए। जस्टिस अग्रवाल ने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि अगर वह एक छोटे शहर से निकलकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच सकती हैं, तो दूसरी महिलाएं भी ऐसा कर सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि समाज की उम्मीदों या दूसरे लोगों की शंकाओं को महिलाओं के सपनों की सीमा तय नहीं करनी चाहिए।

CJI सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट की तुलना T20 मैच से क्यों की?

एक कार्यक्रम में चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति और उनके काम करने के तरीके पर बात की। उन्होंने बताया कि किसी जज का चयन करते समय सिर्फ उसकी वरिष्ठता नहीं देखी जाती। यह भी देखा जाता है कि वह अपने काम में कितना अच्छा है, किस इलाके से आता है और दूसरे जजों के साथ मिलकर कैसे काम कर सकता है। अदालत में अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व हो, इस बात का भी ध्यान रखा जाता है।

इस दौरान सीजेआई ने सुप्रीम कोर्ट के बढ़ते काम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आजकल अदालत में इतने मामले और याचिकाएं आ रही हैं कि काम की रफ्तार T20 क्रिकेट मैच जैसी हो गई है। जैसे क्रिकेट में कम समय के भीतर तेजी से खेलना पड़ता है, वैसे ही सुप्रीम कोर्ट में भी लगातार मामलों की सुनवाई करनी पड़ती है।

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