धनतेरस पर गयाजी के बाजार में इस बार महंगाई के बावजूद अच्छी बिक्री की उम्मीद है। सोने का एक ग्राम सिक्का 14,400 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, बर्तन कारोबारियों को 10 से 12 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार की उम्मीद है।
गयाजी: धनतेरस से पहले शहर के बाजारों में खरीदारी की तैयारियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को धनतेरस मनाई जाएगी। इस मौके पर सोने-चांदी के सिक्कों से लेकर बर्तन, टीवी, फ्रिज और दोपहिया वाहनों तक की बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। इस बार कई सामान की कीमतें पिछले साल से ज्यादा हैं, लेकिन दुकानदारों ने ग्राहकों की पसंद के हिसाब से स्टॉक मंगाया है। कारोबारियों का अनुमान है कि महंगाई के बाद भी बाजार में अच्छी खरीदारी होगी।
धनतेरस से पहले गयाजी के बाजारों में बढ़ी हलचल
धनतेरस की खरीदारी को लेकर गयाजी के प्रमुख बाजार सजकर तैयार हो गए हैं। टावर चौक, लहेरिया टोला, केपी रोड, शहीद रोड, बजाजा रोड, रमना रोड और जीबी रोड पर दुकानदारों ने त्योहार के लिए खास इंतजाम किए हैं। कहीं नए डिजाइन के बर्तन रखे गए हैं तो कहीं सोने-चांदी के सिक्कों की अलग-अलग वैरायटी ग्राहकों के लिए उपलब्ध कराई गई है।
धनतेरस पर सोना, चांदी और बर्तन खरीदने की पुरानी परंपरा है। इसी वजह से इस दिन सराफा और बर्तन बाजार में सामान्य दिनों के मुकाबले अधिक ग्राहक पहुंचते हैं। इस बार कीमतें बढ़ने से खरीदारी का बजट जरूर प्रभावित हो सकता है, लेकिन दुकानदारों को उम्मीद है कि लोग अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से सामान खरीदेंगे।
कांसे के बर्तन ₹2,800 किलो तक, पीतल भी हुआ महंगा
इस बार बर्तन खरीदने वाले लोगों को पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। पिछले साल के मुकाबले कई धातुओं के बर्तनों की कीमत में 300 से 400 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है।
गयाजी के बाजार में पीतल के बर्तन 1,100 से 1,350 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं। कांसे के बर्तनों की कीमत 1,380 रुपये से शुरू होकर 2,800 रुपये प्रति किलो तक है। वहीं तांबे के बर्तन 1,800 से 2,200 रुपये प्रति किलो मिल रहे हैं।
टावर चौक और लहेरिया टोला की दुकानों में थाली, कटोरी, गिलास, चम्मच, कड़ाही, कुकर, जग और भगोने का पर्याप्त स्टॉक रखा गया है। त्योहार पर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कुछ दुकानदार छूट भी दे रहे हैं।
बर्तन व्यवसायी संघ के जिलाध्यक्ष रंजीत कुमार ताम्रकार के मुताबिक धनतेरस के साथ छठ पूजा के कारण भी बर्तनों की मांग रहती है। त्योहार के समय लोग सामान की मजबूती और गुणवत्ता पर अधिक ध्यान देते हैं। उन्होंने इस बार बर्तन बाजार में 10 से 12 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने की उम्मीद जताई है।
सोने का एक ग्राम सिक्का ₹14,400, चांदी के सिक्कों की भी मांग
धनतेरस पर सबसे ज्यादा नजर सराफा बाजार पर रहती है। गयाजी के शहीद रोड, बजाजा रोड, रमना रोड और जीबी रोड की ज्वेलरी दुकानों में सोने-चांदी के सिक्कों की कई वैरायटी मंगाई गई हैं।
स्थानीय बाजार से मिली जानकारी के मुताबिक सोने की कीमत 1.40 लाख से 1.44 लाख रुपये प्रति दस ग्राम के आसपास बताई जा रही है। एक ग्राम सोने का सिक्का करीब 14,400 रुपये और दस ग्राम का सिक्का लगभग 1.44 लाख रुपये में उपलब्ध है।
चांदी के सिक्कों में भी ग्राहकों के लिए अलग-अलग विकल्प हैं। पुराने चांदी के सिक्के करीब 2,600 रुपये और नए सिक्के लगभग 2,100 रुपये में मिल रहे हैं। हालांकि, इनकी कीमत वजन, शुद्धता और डिजाइन के अनुसार बदल सकती है।
जीबी रोड के आभूषण कारोबारी विश्वनाथ प्रसाद ने बताया कि धनतेरस के लिए अलग-अलग वजन और डिजाइन के सिक्के मंगाए गए हैं। इससे ग्राहक अपनी पसंद और खर्च करने की क्षमता के अनुसार खरीदारी कर सकेंगे।
टीवी, फ्रिज और इलेक्ट्रिक बाइक की बिक्री बढ़ने की उम्मीद
इस बार धनतेरस पर केवल सोने-चांदी और बर्तनों की ही खरीदारी नहीं होगी। इलेक्ट्रॉनिक सामान और दोपहिया वाहनों के शोरूम में भी अच्छी बिक्री की उम्मीद जताई जा रही है।
शहर के इलेक्ट्रॉनिक शोरूम में एलईडी टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन और मोबाइल के कई मॉडल उपलब्ध हैं। बाजार में एक लाख से 1.20 लाख रुपये तक के महंगे एलईडी टीवी भी रखे गए हैं।
इलेक्ट्रिक बाइक को लेकर भी ग्राहकों में दिलचस्पी देखी जा रही है। पेट्रोल पर होने वाले खर्च को कम करने के लिए कुछ लोग इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं। कई शोरूम में धनतेरस पर डिलीवरी लेने के लिए पहले से बुकिंग कराई गई है।
कारोबारियों को उम्मीद है कि त्योहार के दिन दोपहिया वाहनों की बिक्री में तेजी आएगी। हालांकि, वास्तविक कारोबार का आंकड़ा धनतेरस की खरीदारी पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
महंगाई के बीच ग्राहकों की खरीदारी पर रहेगी नजर
सोना और धातु के बर्तन महंगे होने के कारण इस बार ग्राहकों को अपना बजट सोच-समझकर तय करना होगा। बाजार में छोटे सिक्कों से लेकर महंगे गहनों और घरेलू इस्तेमाल के सामान तक कई विकल्प मौजूद हैं।
दुकानदारों ने त्योहार के लिए तैयारी कर ली है। अब शुक्रवार को होने वाली खरीदारी से पता चलेगा कि बढ़ी हुई कीमतों का बिक्री पर कितना असर पड़ा है।








