वाराणसी में दिवाली से पहले फूलों की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं। लगातार चार दिन आंधी-बारिश के कारण गेंदे की फसल खराब होने से मंडी में आवक घटी है। गेंदे की बड़ी माला 5000 और गुलदावदी की माला 7000 रुपये प्रति सैकड़ा तक बिक रही है।
वाराणसी: दिवाली पर घर और दुकानों को फूलों से सजाने की तैयारी कर रहे लोगों को इस बार ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। वाराणसी की मलदहिया फूल मंडी में गेंदे, गुलदावदी और दूसरे फूलों के भाव बढ़ गए हैं। पिछले चार दिनों तक हुई आंधी और बारिश से खेतों में तैयार फूलों की फसल को नुकसान पहुंचा है। मंडी में फूल कम पहुंच रहे हैं, जबकि त्योहार को लेकर मांग बढ़ रही है। इसका असर थोक के साथ फुटकर बाजार में भी दिखाई देने लगा है।
बारिश से खराब हुए फूल, मंडी में कम पहुंच रहा माल
वाराणसी में धनतेरस और दिवाली से पहले फूलों के कारोबार पर मौसम की मार पड़ी है। लगातार हुई आंधी और बारिश से कई किसानों के खेतों में गेंदे की तैयार फसल खराब हो गई। कुछ जगहों पर ज्यादा पानी मिलने से फूल सड़ गए, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है।
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इसका असर मलदहिया स्थित फूल मंडी और माला मंडी में देखने को मिल रहा है। यहां रोजाना आने वाले फूलों की मात्रा घट गई है। जो फूल मंडी तक पहुंच रहे हैं, उनके दाम पहले के मुकाबले काफी ज्यादा हैं।
किसानों का कहना है कि बारिश के बाद खेतों से अच्छी गुणवत्ता वाले फूल कम निकल रहे हैं। जिन किसानों की फसल बची हुई है, वही फूल बाजार में भेज पा रहे हैं। ऐसे में मंडी में माल कम है और खरीदार ज्यादा हैं।
गेंदे की बड़ी माला 5000 रुपये सैकड़ा पहुंची
गुरुवार, 5 नवंबर को वाराणसी की फूल मंडी में गेंदे की बड़ी माला 5000 रुपये प्रति सैकड़ा तक बिक रही थी। यानी 100 बड़ी मालाओं की कीमत पांच हजार रुपये तक पहुंच गई।
वहीं छोटी माला का भाव 800 से 1000 रुपये प्रति सैकड़ा रहा। आमतौर पर दिवाली के समय गेंदे के फूलों की मांग ज्यादा रहती है। लोग घर के दरवाजे, दुकानों, मंदिरों और पूजा स्थलों को सजाने के लिए गेंदे की मालाएं खरीदते हैं।
इस बार कीमतें बढ़ने से लोगों को अपने बजट के हिसाब से खरीदारी करनी पड़ रही है। कई ग्राहक पहले से कम संख्या में मालाएं ले रहे हैं। फूल कारोबारियों के मुताबिक, थोक बाजार में माल महंगा मिलने के कारण फुटकर कीमतें भी बढ़ गई हैं।
गुलदावदी की माला 7000 रुपये तक बिकी
सिर्फ गेंदे के फूल ही महंगे नहीं हुए हैं। वाराणसी मंडी में गुलदावदी की माला के दाम भी काफी ऊपर पहुंच गए हैं। गुरुवार को गुलदावदी की 100 मालाएं 6000 से 7000 रुपये तक बिक रही थीं।
कमल के फूल की कीमत भी बढ़ी हुई है। मंडी में कमल 1800 से 2000 रुपये प्रति सैकड़ा के भाव पर बिक रहा था। वहीं देसी गुलाब की कीमत 200 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई।
दिवाली पर पूजा और सजावट के लिए इन फूलों की खरीदारी होती है। खासकर कमल के फूल का इस्तेमाल मां लक्ष्मी की पूजा में किया जाता है। ऐसे में त्योहार के करीब आने के साथ फूलों की मांग और बढ़ने की संभावना है।
महंगे फूल देखकर कम खरीदारी कर रहे ग्राहक
मलदहिया फूल मंडी में गुरुवार सुबह से खरीदारों की आवाजाही बनी रही। लोग अपने घर, दुकान और पूजा के लिए फूल खरीदने पहुंचे, लेकिन कीमत सुनने के बाद कई लोगों ने कम मात्रा में ही फूल खरीदे।
फुटकर फूल विक्रेताओं की भी परेशानी बढ़ गई है। उनका कहना है कि थोक मंडी से महंगे फूल खरीदने पड़ रहे हैं। ऐसे में ग्राहकों को पुराने भाव पर माल बेचना मुश्किल हो रहा है।
कुछ ग्राहक फूलों की कीमत पूछकर बिना खरीदारी किए लौट रहे हैं। वहीं कई लोग जरूरत के हिसाब से थोड़े फूल और मालाएं लेकर जा रहे हैं।
धनतेरस, नरक चतुर्दशी और दिवाली पर फूलों की बिक्री आम दिनों से ज्यादा होती है। यही वजह है कि कारोबारियों को आने वाले दिनों में मांग और बढ़ने की उम्मीद है।
मौसम साफ रहा तो फूलों के दाम घट सकते हैं
किसान फूल मंडी के संचालक विशाल दुबे ने बताया कि मौसम साफ रहने पर अगले दो दिनों में आसपास के जिलों से फूलों की आवक बढ़ सकती है। अगर मंडी में ज्यादा माल पहुंचता है तो कीमतों में कुछ कमी आने की संभावना रहेगी।
फिलहाल कारोबारियों की नजर मौसम और दूसरे जिलों से आने वाली फूलों की खेप पर है। लगातार बारिश के कारण स्थानीय फसल को नुकसान पहुंचा है, इसलिए मंडी में पर्याप्त फूल पहुंचना जरूरी है।
हालांकि आने वाले दिनों में दाम कितने कम होंगे, यह अभी तय नहीं है। फूलों की उपलब्धता और त्योहार के दौरान होने वाली खरीदारी के आधार पर कीमतों में बदलाव हो सकता है।
दिवाली की सजावट के लिए फूल खरीदने वाले लोगों को फिलहाल बढ़े हुए दामों का सामना करना पड़ रहा है। बाजार में गेंदे और गुलदावदी की मालाएं सबसे ज्यादा चर्चा में हैं।









