अग्निवीर  समुद्र गुर्जर की अस्थियां पहुंचीं पैतृक गांव केसरपुर, अंतिम विदाई देने उमड़े लोग, परिवार में शोक

अलवर के अग्निवीर समुद्र गुर्जर अरुणाचल में भूस्खलन के बाद लापता हुए थे। डीएनए जांच से पहचान के बाद उनकी अस्थियां केसरपुर लाई जा रही हैं। गांव में शोक है।

अलवर के अग्निवीर समुद्र गुर्जर की अस्थियां उनके पैतृक गांव केसरपुर लाई जा रही हैं। अरुणाचल प्रदेश में करीब ढाई महीने पहले बादल फटने और भूस्खलन के दौरान वह लापता हो गए थे। डीएनए जांच से पहचान होने के बाद परिवार ने उनका अंतिम संस्कार किया।

अलवर: अरुणाचल प्रदेश में करीब ढाई महीने पहले लापता हुए 24 वर्षीय अग्निवीर समुद्र गुर्जर की अस्थियां गुरुवार, 5 नवंबर को उनके पैतृक गांव केसरपुर लाई जा रही हैं। अलवर के इटाराणा आर्मी कैंप से अस्थियां गांव पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। अग्निवीर को अंतिम विदाई देने के लिए गांव के लोग जुट रहे हैं। समुद्र के माता-पिता और दोनों बहनों के लिए यह बेहद दुखद समय है। परिवार इतने दिनों से उनके लौटने की उम्मीद लगाए बैठा था।

ढाई महीने से बेटे के लौटने की उम्मीद लगाए था परिवार

अलवर जिले के केसरपुर गांव के रहने वाले समुद्र गुर्जर भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में सेवा दे रहे थे। उनकी तैनाती अरुणाचल प्रदेश में थी। करीब ढाई महीने पहले दिबांग वैली इलाके में बादल फटने के बाद बाढ़ और भूस्खलन की घटना हुई थी। इसी दौरान समुद्र लापता हो गए थे।

हादसे की जानकारी मिलने के बाद से परिवार उनकी खबर मिलने का इंतजार कर रहा था। माता-पिता और दोनों बहनों को उम्मीद थी कि समुद्र सुरक्षित मिल जाएंगे और एक दिन घर लौटेंगे।

लेकिन लंबे इंतजार के बाद परिवार को उनके निधन की खबर मिली। इससे पूरे गांव में शोक फैल गया। जिन लोगों ने समुद्र को बचपन से देखा था, वे अब उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए एकत्र हो रहे हैं।

डीएनए जांच से हुई समुद्र गुर्जर की पहचान

अरुणाचल प्रदेश में हुई इस घटना के बाद सेना के कुल सात जवान लापता बताए गए थे। इनमें से दो जवानों को बचा लिया गया था। समुद्र गुर्जर का भी काफी समय तक पता नहीं चल सका।

बाद में शव मिलने पर उसकी पहचान के लिए डीएनए जांच कराई गई। तीन नवंबर को जांच के जरिए पुष्टि हुई कि शव अग्निवीर समुद्र गुर्जर का है।

पहचान होने के बाद परिवार के सदस्य अरुणाचल प्रदेश पहुंचे। उन्होंने वहीं तीन नवंबर को समुद्र का अंतिम संस्कार किया। अब उनकी अस्थियां अलवर लाई गई हैं, ताकि पैतृक गांव में परिवार और स्थानीय लोग उन्हें अंतिम विदाई दे सकें।

रक्षाबंधन पर घर आने की कर रहे थे तैयारी

समुद्र गुर्जर के परिवार के लिए सबसे दुखद बात यह है कि वह हादसे से पहले घर आने की तैयारी कर रहे थे। रक्षाबंधन से पहले छुट्टी लेकर परिवार से मिलने का उनका कार्यक्रम था, लेकिन उससे पहले ही अरुणाचल प्रदेश में हादसा हो गया।

परिवार से जुड़ी जानकारी के अनुसार, समुद्र ने अपने पिता के ऑपरेशन के लिए भी छुट्टी लेकर आने की बात कही थी। घर में सभी उनके आने का इंतजार कर रहे थे।

समुद्र की शादी नहीं हुई थी। वह दो बहनों के इकलौते भाई थे। परिवार में उनके लौटने की खुशी की तैयारियों की जगह अब मातम का माहौल है।

किसान पिता और दोनों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल

समुद्र के पिता बदली गुर्जर खेती करते हैं। बेटे के लापता होने के बाद से ही परिवार लगातार उसकी खबर मिलने का इंतजार कर रहा था।

समुद्र की पहचान की पुष्टि होने के बाद माता-पिता और दोनों बहनों को गहरा सदमा पहुंचा है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़े हैं।

गुरुवार को जैसे ही अस्थियां गांव लाए जाने की जानकारी मिली, स्थानीय लोग अंतिम विदाई देने के लिए जुटने लगे। केसरपुर में शोक का माहौल है।

अंतिम विदाई के लिए केसरपुर में जुटे ग्रामीण

गुरुवार को इटाराणा आर्मी कैंप से समुद्र गुर्जर की अस्थियां पैतृक गांव लाने का कार्यक्रम रखा गया। इसके बाद गांव में अंतिम विदाई के लिए लोग पहुंचने लगे।

समुद्र के निधन से परिवार के साथ पूरे गांव में दुख है। स्थानीय लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने और परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंच रहे हैं।

अरुणाचल प्रदेश में हुए हादसे ने एक ऐसे परिवार से उसका बेटा छीन लिया, जो रक्षाबंधन पर घर आने की तैयारी कर रहा था। करीब ढाई महीने तक उसके सुरक्षित लौटने की उम्मीद बनी रही, लेकिन तीन नवंबर को हुई पहचान के बाद यह इंतजार दुखद खबर के साथ खत्म हो गया।

अब केसरपुर गांव अपने 24 वर्षीय अग्निवीर समुद्र गुर्जर को नम आंखों से अंतिम विदाई दे रहा है।

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