CISF New Uniform: 20 साल बाद बदल रही सीआईएसएफ की वर्दी, दिवाली से नए रंग-रूप में दिखेंगे जवान

CISF New Uniform 2026: सीआईएसएफ की कॉम्बैट वर्दी 20 साल बाद बदल रही है। दिवाली से जवान नई डिजिटल डिजाइन वाली यूनिफॉर्म में दिखेंगे। जानें इसकी खासियतें।

सीआईएसएफ के जवान अब नई कॉम्बैट वर्दी में नजर आएंगे। करीब 20 साल बाद इसकी डिजाइन बदली गई है। नई वर्दी में डिजिटल डिजाइन के साथ कई रंग रखे गए हैं। दिवाली से इसे पहनने की शुरुआत होगी और 26 जनवरी 2027 तक सभी संबंधित जवानों को नई वर्दी देने की तैयारी है।

नई दिल्ली: देश के एयरपोर्ट, मेट्रो और दूसरे जरूरी ठिकानों की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवानों की वर्दी बदलने जा रही है। करीब 20 साल से चली आ रही कॉम्बैट यूनिफॉर्म की जगह अब नए डिजाइन वाली वर्दी पहनी जाएगी। इसका रंग भी पहले से अलग होगा। पुरानी वर्दी पर बड़े-बड़े धब्बों वाला डिजाइन था, जबकि नई वर्दी में छोटे-छोटे चौकोर निशान बनाए गए हैं। 

कुछ जवानों ने नई ड्रेस पहननी शुरू कर दी है। दिवाली से इसे बड़े स्तर पर इस्तेमाल करने की तैयारी है। अधिकारियों के मुताबिक, अगले साल गणतंत्र दिवस तक फील्ड ड्यूटी करने वाले जवानों को नई यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

दिवाली से नई वर्दी में नजर आएंगे सीआईएसएफ के जवान

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी सीआईएसएफ ने लंबे समय बाद अपनी कॉम्बैट वर्दी बदलने का फैसला किया है। नई यूनिफॉर्म जवानों के साथ अधिकारियों के लिए भी होगी। इसमें बल के महानिदेशक तक शामिल हैं। हालांकि, यह बदलाव मुख्य रूप से उन जवानों की वर्दी में किया जा रहा है, जो फील्ड और ऑपरेशनल ड्यूटी करते हैं।

सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन की पहल पर नई वर्दी का काम आगे बढ़ाया गया है। गृह मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद इसे खरीदने के लिए टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, दिवाली से जवानों को नई वर्दी पहनाने का काम तेज किया जाएगा। कोशिश है कि 26 जनवरी 2027 तक फील्ड ड्यूटी करने वाले सभी संबंधित कर्मचारियों को नई यूनिफॉर्म मिल जाए। इससे पहले सीआरपीएफ और बीएसएफ की कॉम्बैट वर्दी में भी बदलाव हो चुके हैं।

नई वर्दी में क्या-क्या बदला गया है?

इस बार सीआईएसएफ की वर्दी में सबसे ज्यादा बदलाव उसके रंग और डिजाइन में किया गया है। पहले की वर्दी पर बड़े आकार के हरे और भूरे रंग के निशान दिखाई देते थे। अब इनकी जगह छोटे-छोटे डिजिटल पैटर्न होंगे। नई ड्रेस में ऑलिव ग्रीन, खाकी ग्रीन, ब्राउन और हल्के काले रंग का इस्तेमाल किया गया है। कुल चार से पांच रंगों को मिलाकर इसका डिजाइन तैयार किया गया है। ये रंग इस तरह रखे गए हैं कि अलग-अलग जगहों पर ड्यूटी करते समय जवानों की वर्दी आसपास के वातावरण से ज्यादा अलग दिखाई न दे।

अधिकारियों का कहना है कि पुराने डिजाइन के मुकाबले नई वर्दी की नकल करना मुश्किल होगा। इससे सुरक्षा के लिहाज से भी फायदा मिलने की उम्मीद है। नई वर्दी के साथ जवानों को उसी डिजाइन की बेसबॉल कैप भी मिलेगी। कैप के सामने सीआईएसएफ का निशान लगा होगा, ताकि जवानों की पहचान हो सके।

CISF New Uniform: 20 साल बाद बदल रही सीआईएसएफ की वर्दी, दिवाली से नए रंग-रूप में दिखेंगे जवान

गर्मी में ड्यूटी करने वाले जवानों को भी मिलेगी राहत

वर्दी बदलते समय केवल उसके रंग पर ही ध्यान नहीं दिया गया है। जवानों को लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ती है। कई बार उन्हें घंटों खड़े रहना होता है, तो कई जगह लगातार घूमकर निगरानी करनी पड़ती है। इसी बात को देखते हुए कपड़े का चुनाव किया गया है। जानकारी के मुताबिक, नई यूनिफॉर्म में ज्यादातर सूती कपड़े का इस्तेमाल होगा। इसका कपड़ा पसीना जल्दी सुखाने में मदद कर सकता है। इससे गर्मी के दिनों में जवानों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

ड्रेस में जरूरी सामान रखने की जगह भी बनाई गई है। शर्ट के सामने दो जेबें होंगी। पैंट में दोनों तरफ साइड पॉकेट दी जाएंगी। कंधों पर रैंक लगाने की जगह रहेगी। जवान जरूरत पड़ने पर अपनी शर्ट की आस्तीन मोड़कर बटन से बांध सकेंगे। इससे काम करते समय परेशानी कम होगी। यानी नई वर्दी को इस तरह बनाया गया है कि जवान इसे आराम से पहनकर अपनी ड्यूटी कर सकें।

आखिर डिजिटल पैटर्न वाली वर्दी क्यों बनाई गई?

कॉम्बैट वर्दी आमतौर पर उन जवानों के लिए होती है, जिन्हें फील्ड में सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। ऐसी वर्दी का रंग आसपास के वातावरण से मेल खाने वाला रखा जाता है। सीआईएसएफ की नई वर्दी भी इसी सोच के साथ तैयार की गई है। इसमें बने छोटे डिजिटल पैटर्न की वजह से कुछ जगहों पर जवानों को दूर से पहचानना मुश्किल हो सकता है। 

हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि वर्दी पहनने के बाद जवान कैमरे या ड्रोन की नजर में नहीं आएंगे। अधिकारियों का कहना है कि नए डिजाइन में सुरक्षा के साथ जवानों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है।

एयरपोर्ट, मेट्रो और संसद की सुरक्षा संभालती है सीआईएसएफ

सीआईएसएफ के जवान देश के कई जरूरी ठिकानों की सुरक्षा में लगे हैं। एयरपोर्ट, दिल्ली मेट्रो, संसद परिसर और बड़े सरकारी व औद्योगिक संस्थानों में इनकी तैनाती रहती है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर सीआईएसएफ के जवान जम्मू-कश्मीर, मणिपुर और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालते हैं।

अलग-अलग जगहों पर काम करने के कारण जवानों की ड्यूटी की परिस्थितियां भी अलग होती हैं। कहीं तेज गर्मी में घंटों खड़ा रहना पड़ता है, तो कहीं सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी करनी होती है। इन्हीं जरूरतों को देखते हुए सीआईएसएफ की कॉम्बैट वर्दी बदली जा रही है। फिलहाल कुछ जवानों को नई यूनिफॉर्म मिल चुकी है। बाकी जवानों तक इसे चरणबद्ध तरीके से पहुंचाया जाएगा। बल की तैयारी अगले साल गणतंत्र दिवस तक नई कॉम्बैट वर्दी को निर्धारित ड्यूटी में लागू करने की है।

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