IAF Sports Complex: पूर्व वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने राजनाथ सिंह को लिखी चिट्ठी, 40 एकड़ जमीन पर विवाद

IAF Sports Complex: पूर्व वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने 40 एकड़ जमीन पर विवाद को लेकर राजनाथ सिंह को पत्र लिखा। दिल्ली में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स सील करने पर चिंता

पूर्व वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने दिल्ली के रेस कोर्स एयर फोर्स स्टेशन का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स सील किए जाने पर चिंता जताई है। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर 40 एकड़ से ज्यादा जमीन वायुसेना के नियंत्रण में रखने की मांग की है।

नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना के पूर्व प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की एक चिट्ठी चर्चा में आ गई है। उन्होंने रिटायरमेंट से कुछ दिन पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर दिल्ली के रेस कोर्स एयर फोर्स स्टेशन की जमीन का मुद्दा उठाया था। इस परिसर में मौजूद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को हाल ही में सील कर दिया गया है। एपी सिंह का कहना है कि यह जमीन वायुसेना के कामकाज के लिए महत्वपूर्ण है और इसे उसी के नियंत्रण में रखा जाना चाहिए।

रिटायरमेंट से पांच दिन पहले राजनाथ सिंह को लिखी चिट्ठी

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह 31 अक्टूबर 2026 को भारतीय वायुसेना प्रमुख के पद से रिटायर हुए हैं। लेकिन पद छोड़ने से पहले उन्होंने दिल्ली में वायुसेना की एक महत्वपूर्ण जमीन को लेकर रक्षा मंत्रालय के सामने अपनी चिंता रखी थी। समाचार एजेंसी के मुताबिक, एपी सिंह ने 26 अक्टूबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को एक विस्तृत पत्र लिखा। इसमें उन्होंने नई दिल्ली के रेस कोर्स एयर फोर्स स्टेशन के भीतर स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को सील किए जाने का मुद्दा उठाया।

पत्र में उन्होंने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि 40 एकड़ से ज्यादा जमीन का यह हिस्सा भारतीय वायुसेना के नियंत्रण में ही रहना चाहिए। इसके बाद 29 अक्टूबर को एपी सिंह ने राजनाथ सिंह से व्यक्तिगत मुलाकात भी की। इस दौरान उन्होंने जमीन के महत्व और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को दोबारा खोलने की जरूरत पर चर्चा की। हालांकि, इस पत्र और मुलाकात को लेकर रक्षा मंत्रालय या भारतीय वायुसेना की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

क्यों सील किया गया वायुसेना का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स?

दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग के पास रेस कोर्स एयर फोर्स स्टेशन स्थित है। यह इलाका प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास के नजदीक होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस स्टेशन के परिसर में वायुसेना का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी है। यहां गोल्फ कोर्स, स्विमिंग पूल, खेल और प्रशिक्षण से जुड़ी सुविधाएं मौजूद हैं। इसका इस्तेमाल वायुसेना के मौजूदा और रिटायर्ड अधिकारी तथा उनके परिवार करते रहे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) ने इस जमीन को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके तहत स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के प्रबंधन को नोटिस भेजा गया। बाद में 28 अक्टूबर से परिसर को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया। इस फैसले के बाद वायुसेना के अधिकारियों और वहां नियमित रूप से आने वाले सदस्यों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। हालांकि, जमीन को आगे किस काम में इस्तेमाल किया जाएगा, इसे लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

विदाई समारोह भी करना पड़ा रद्द

स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को बंद करने का असर पूर्व वायुसेना प्रमुख एपी सिंह के विदाई कार्यक्रम पर भी पड़ा। एपी सिंह के रिटायरमेंट से पहले इस परिसर में एक पारंपरिक गोल्फ कार्यक्रम आयोजित किया जाना था। वायुसेना में इसे 'गॉल्फिंग आउट' समारोह कहा जाता है। इसमें रिटायर होने वाले प्रमुख के साथ मौजूदा और पूर्व वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा लेते हैं। 

लेकिन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बंद होने के कारण यह कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, इस कॉम्प्लेक्स से करीब पांच हजार सदस्य जुड़े हैं। यहां काम करने वाले कर्मचारियों पर भी अचानक बंदी का असर पड़ा है।

2014 के सर्वे का भी चिट्ठी में किया जिक्र

राजनाथ सिंह को लिखे पत्र में एपी सिंह ने वर्ष 2014 में हुए एक संयुक्त सर्वे का हवाला दिया है। यह सर्वे तत्कालीन शहरी विकास मंत्रालय, रक्षा संपदा विभाग और भारतीय वायुसेना ने मिलकर किया था। सर्वे में रेस कोर्स एयर फोर्स स्टेशन की जमीन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया गया था। एपी सिंह ने अपने पत्र में बताया कि इस क्षेत्र की जमीन तीन अलग-अलग हिस्सों में बंटी हुई है। उनके मुताबिक, इन हिस्सों और वहां मौजूद सुविधाओं का वायुसेना के संचालन से सीधा संबंध है।

उन्होंने तर्क दिया कि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को केवल मनोरंजन की सुविधा मानकर नहीं देखा जाना चाहिए। इसका इस्तेमाल वायुसेना के जवानों और अग्निवीरों के प्रशिक्षण तथा अन्य गतिविधियों के लिए भी होता रहा है।

सुरक्षा के लिहाज से भी अहम है एयर फोर्स स्टेशन

वायुसेना ने रक्षा मंत्रालय को बताया है कि रेस कोर्स एयर फोर्स स्टेशन की भूमिका केवल खेल और प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह स्टेशन दिल्ली के संवेदनशील इलाके में हवाई सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियों में भी सहयोग करता है। इसमें ड्रोन और दूसरे मानवरहित हवाई उपकरणों से उत्पन्न होने वाले खतरों से निपटने की व्यवस्था भी शामिल है।

इसी वजह से वायुसेना ने परिसर की जमीन के नियंत्रण में बदलाव को लेकर चिंता जताई है। अधिकारियों का मानना है कि कोई भी फैसला लेने से पहले स्टेशन की सुरक्षा और संचालन से जुड़ी जरूरतों पर विचार होना चाहिए। इस बीच केंद्र सरकार दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में सरकारी जमीन वापस लेने की कार्रवाई कर रही है। दिल्ली रेस क्लब और जयपुर पोलो ग्राउंड से जुड़ी जमीन पर भी ऐसी कार्रवाई हुई है।

IAF Sports Complex: पूर्व वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने राजनाथ सिंह को लिखी चिट्ठी, 40 एकड़ जमीन पर विवाद

आखिर क्यों बंद किया गया वायुसेना का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स?

दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के पास लोक कल्याण मार्ग पर रेस कोर्स एयर फोर्स स्टेशन है। इसी स्टेशन के अंदर वायुसेना का एक बड़ा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बना हुआ है। यहां गोल्फ खेलने के लिए मैदान, स्विमिंग पूल और दूसरे खेलों की सुविधाएं हैं। वायुसेना में नौकरी कर रहे अधिकारी, रिटायर हो चुके अफसर और उनके परिवार के लोग यहां आते रहे हैं। लेकिन 28 अक्टूबर 2026 से इस कॉम्प्लेक्स को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया।

दरअसल, जिस जमीन पर यह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बना है, उसे केंद्र सरकार वापस लेना चाहती है। इस जमीन से जुड़ा मामला केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के पास है। मंत्रालय के भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) ने कॉम्प्लेक्स के प्रबंधन को नोटिस भेजा था। इसके बाद यहां आने वाले सदस्यों को भी परिसर बंद किए जाने की जानकारी दे दी गई।

अचानक कॉम्प्लेक्स बंद होने से वहां आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। कई अधिकारी और उनके परिवार लंबे समय से यहां खेलकूद के लिए आते थे। हालांकि, सरकार इस जमीन को आगे किस काम में इस्तेमाल करेगी, इस बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।

पूर्व वायुसेना प्रमुख का विदाई कार्यक्रम भी हुआ रद्द

स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बंद होने का असर पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के विदाई कार्यक्रम पर भी पड़ा। वह 31 अक्टूबर 2026 को रिटायर हुए थे। इससे पहले उनके सम्मान में इसी कॉम्प्लेक्स में गोल्फ का एक कार्यक्रम रखा गया था। वायुसेना में इस कार्यक्रम को 'गॉल्फिंग आउट' कहा जाता है। इसमें रिटायर होने वाले वायुसेना प्रमुख के साथ दूसरे वरिष्ठ अधिकारी भी गोल्फ खेलते हैं। लेकिन कॉम्प्लेक्स बंद होने के कारण यह कार्यक्रम नहीं हो सका।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से करीब पांच हजार सदस्य जुड़े हुए हैं। यहां काम करने वाले कर्मचारियों के सामने भी परेशानी खड़ी हो गई है। खासकर उन लोगों को चिंता है, जिनकी कमाई यहां आने वाले सदस्यों और खेल गतिविधियों पर निर्भर करती है।

2014 में हुए जमीन के सर्वे का भी किया जिक्र

स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को बंद करने के फैसले पर एपी सिंह ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने साल 2014 में हुए एक पुराने सर्वे का जिक्र किया। उस समय शहरी विकास मंत्रालय, रक्षा संपदा विभाग और भारतीय वायुसेना ने मिलकर इस जमीन का सर्वे किया था। एपी सिंह ने अपने पत्र में बताया कि रेस कोर्स एयर फोर्स स्टेशन की जमीन तीन अलग-अलग हिस्सों में बंटी हुई है। उनके मुताबिक, इस जमीन पर बनी सुविधाएं वायुसेना के कामकाज के लिए जरूरी हैं। इसलिए जमीन का नियंत्रण वायुसेना के पास ही रहना चाहिए।

उनका कहना था कि इस जगह को केवल गोल्फ खेलने या मनोरंजन के मैदान के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। यहां वायुसेना के जवानों और अग्निवीरों की ट्रेनिंग से जुड़े काम भी होते रहे हैं। ऐसे में कॉम्प्लेक्स बंद करने से इन गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एपी सिंह ने रक्षा मंत्री से इस मामले पर दोबारा विचार करने का अनुरोध किया था। वायुसेना की तरफ से भी जमीन वापस लेने की कार्रवाई पर चिंता जताई गई है।

सुरक्षा के लिए भी जरूरी बताया जा रहा एयर फोर्स स्टेशन

रेस कोर्स एयर फोर्स स्टेशन ऐसी जगह है, जिसके आसपास कई महत्वपूर्ण सरकारी इमारतें हैं। प्रधानमंत्री का आधिकारिक आवास भी इसके नजदीक है। इस वजह से यहां सुरक्षा का खास ध्यान रखा जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वायुसेना ने रक्षा मंत्रालय को बताया है कि इस स्टेशन का इस्तेमाल केवल खेलकूद या ट्रेनिंग के लिए नहीं होता। यहां से हवाई सुरक्षा से जुड़े कामों में भी मदद मिलती है। खासकर ड्रोन और दूसरे बिना पायलट वाले हवाई उपकरणों से पैदा होने वाले खतरों पर नजर रखने में इस स्टेशन की भूमिका बताई गई है।

वायुसेना अधिकारियों की चिंता है कि जमीन के नियंत्रण में कोई भी बदलाव करने से पहले इन जरूरतों को भी देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि स्टेशन के कामकाज और सुरक्षा व्यवस्था पर असर नहीं पड़ना चाहिए। उधर, केंद्र सरकार दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में सरकारी जमीन वापस लेने की कार्रवाई कर रही है। इससे पहले दिल्ली रेस क्लब और जयपुर पोलो ग्राउंड से जुड़ी जमीन पर भी कदम उठाए जा चुके हैं।

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