दीपावली से पहले उत्तराखंड के देहरादून, ऋषिकेश और विकासनगर में जीएसटी विभाग ने पटाखा कारोबारियों के ठिकानों पर जांच की। खरीद-बिक्री और स्टॉक के दस्तावेज खंगाले गए। कार्रवाई के दौरान छह फर्मों से 92 लाख रुपये टैक्स जमा कराया गया।
देहरादून: दीपावली से पहले पटाखों की बिक्री बढ़ने के साथ ही उत्तराखंड का राज्य कर विभाग भी सक्रिय हो गया है। देहरादून और आसपास के इलाकों में विभाग की टीमों ने पटाखा बेचने वाले कारोबारियों के प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान व्यापारियों के खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, गोदामों में रखे माल और टैक्स से जुड़े कागजात देखे गए। जांच के दौरान छह फर्मों से कुल 92 लाख रुपये जमा कराए गए हैं।
तीन शहरों में पटाखा कारोबारियों के रिकॉर्ड की जांच
उत्तराखंड में दीपावली की तैयारियों के बीच पटाखा कारोबारियों पर जीएसटी विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग को आशंका थी कि त्योहार के दौरान होने वाली बिक्री का पूरा हिसाब नहीं दिखाकर कुछ कारोबारी टैक्स बचाने की कोशिश कर सकते हैं। इसी को देखते हुए देहरादून, ऋषिकेश और विकासनगर में अलग-अलग टीमों को जांच के लिए भेजा गया।
राज्य कर आयुक्त प्रतीक जैन के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। देहरादून के संयुक्त आयुक्त अजय कुमार ने जांच के लिए टीमों का गठन किया था। अधिकारियों ने पटाखा विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर उनके व्यापार से जुड़े रिकॉर्ड देखे।
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जांच के दौरान छह फर्मों से कुल 92 लाख रुपये टैक्स के रूप में जमा कराए गए। विभाग की ओर से अभी यह जानकारी नहीं दी गई है कि किस फर्म से कितनी रकम जमा कराई गई है।
गोदाम में रखे पटाखों और बिक्री के बिलों का हुआ मिलान
जीएसटी विभाग की टीमों ने कारोबारियों से पटाखों की खरीद और बिक्री से जुड़े कागजात मांगे। इसके साथ ही गोदामों में रखे स्टॉक का रिकॉर्ड भी चेक किया गया। अधिकारियों ने यह देखने की कोशिश की कि व्यापारियों ने जितना माल खरीदा है, उसका सही ब्योरा दस्तावेजों में दर्ज है या नहीं।
दीपावली के आसपास पटाखों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में व्यापारी पहले से बड़ी मात्रा में माल मंगाकर गोदामों में रखते हैं। विभाग का कहना है कि इस कारोबार में खरीद, बिक्री और उपलब्ध माल का सही रिकॉर्ड रखना जरूरी है।
जांच के दौरान व्यापारियों के बिल, स्टॉक रजिस्टर और टैक्स से संबंधित दूसरे दस्तावेजों का मिलान किया गया। विभाग यह भी देख रहा है कि कारोबारियों ने अपनी बिक्री के अनुसार टैक्स जमा किया है या नहीं।
टैक्स चोरी रोकने के लिए चलाया जा रहा अभियान
राज्य कर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, त्योहारी सीजन में पटाखों की बिक्री सामान्य दिनों के मुकाबले काफी बढ़ जाती है। ऐसे में सरकार को मिलने वाले टैक्स का सही हिसाब रखना जरूरी हो जाता है।
इसी वजह से विभाग ने पटाखा कारोबारियों की जांच करने का फैसला लिया। अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य व्यापार से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करना और टैक्स चोरी की आशंका को दूर करना है।
विभाग की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि त्योहारों के दौरान कर चोरी रोकने के लिए जांच आगे भी जारी रह सकती है। कारोबारियों के दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने पर जीएसटी नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त सुरेश कुमार की अगुवाई में हुई जांच
देहरादून, ऋषिकेश और विकासनगर में हुई कार्रवाई का नेतृत्व उपायुक्त सुरेश कुमार ने किया। उनके साथ सहायक आयुक्त टीका राम चन्याल, कृष्ण कुमार, चंचल सिंह चौहान और अलीशा बिष्ट भी मौजूद रहे।
जांच टीम में राज्य कर अधिकारी कंचन थापा, यतीश सेमवाल, रामलाल जोशी, भूपेंद्र जंगपांगी, वीरेंद्र सिंह रावत और अनुज जैन समेत अन्य कर्मचारी शामिल थे।
अधिकारियों ने अलग-अलग स्थानों पर जाकर पटाखा कारोबारियों के दस्तावेजों की जांच की। विभाग की कोशिश है कि त्योहारी सीजन में होने वाले कारोबार का सही हिसाब सामने आए और सरकार को मिलने वाले टैक्स में किसी तरह की गड़बड़ी न हो।








