भारतीय शेयर बाजार बुधवार को लगातार पांचवें दिन बढ़त के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 301.80 अंक चढ़कर 77,219.65 पर पहुंचा। निफ्टी भी 23,900 के पार रहा। रियल्टी और FMCG शेयरों में खरीदारी हुई, जबकि अमेरिकी चुनाव नतीजे चर्चा में रहे।
बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 4 नवंबर 2026 को उतार-चढ़ाव के बाद तेजी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 301.80 अंक यानी 0.39 फीसदी बढ़कर 77,219.65 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी ने भी 23,900 का स्तर पार कर लिया। कारोबार के दौरान रियल्टी, मीडिया और कंज्यूमर कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई।
दूसरी ओर आईटी शेयरों में कमजोरी रही। अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बाजार की नजर बनी रही।
दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद बाजार में लौटी तेजी
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शुरुआत से ही खरीदारी और बिकवाली का दौर देखने को मिला। सुबह बाजार में हल्की कमजोरी रही, लेकिन कुछ देर बाद सेंसेक्स और निफ्टी ने वापसी की। दोपहर के कारोबार में भी बाजार कई बार ऊपर-नीचे हुआ। आखिरी कारोबारी घंटों में चुनिंदा बड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ी। इससे सेंसेक्स 77,200 के ऊपर बंद होने में सफल रहा। निफ्टी भी 100 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ 23,900 के पार बंद हुआ।
इससे पहले मंगलवार को सेंसेक्स 1,225.07 अंक चढ़कर 76,917.85 और निफ्टी 370.05 अंक बढ़कर 23,810.85 पर बंद हुआ था। पिछले चार कारोबारी सत्रों में दोनों सूचकांकों में करीब 5 फीसदी की तेजी आई थी।
रियल्टी और FMCG शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी
बुधवार को रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स करीब 2 फीसदी चढ़ा। इसके अलावा मीडिया कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई। रोजमर्रा के इस्तेमाल का सामान बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भी मजबूती रही। निफ्टी एफएमसीजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में एक फीसदी से ज्यादा की बढ़त दर्ज हुई।
दूसरी ओर आईटी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा। टेक्नोलॉजी सेक्टर की कमजोरी के कारण बाजार की कुल बढ़त सीमित रही। हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 250 इंडेक्स में करीब 0.75 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली।
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अमेरिकी चुनाव नतीजों का बाजार पर क्या असर पड़ा?
शेयर बाजार में बुधवार को अमेरिका के मध्यावधि चुनाव के नतीजे भी चर्चा का बड़ा विषय रहे। इन चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लिया है। इसे अमेरिकी राजनीति में 'ब्लू स्वीप' कहा जा रहा है। इन नतीजों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपने कार्यकाल के अगले दो वर्षों में कई फैसलों के लिए विपक्ष के साथ बातचीत करनी पड़ सकती है।
बाजार की नजर इस बात पर है कि नई राजनीतिक स्थिति का अमेरिका की व्यापार नीतियों, आयात शुल्क और वैश्विक आर्थिक फैसलों पर क्या असर पड़ेगा। भारतीय शेयर बाजार के लिए भी ये मुद्दे अहम हैं। खासकर आईटी, फार्मा और निर्यात से जुड़ी कंपनियों के कारोबार पर अमेरिकी नीतियों का प्रभाव पड़ सकता है।
हालांकि, बुधवार को भारतीय बाजार में आई तेजी को केवल अमेरिकी चुनाव से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजे और विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने भी बाजार को सहारा दिया।
एशियाई बाजारों में कहां तेजी और कहां गिरावट रही?
अमेरिकी चुनाव परिणामों के बीच वैश्विक शेयर बाजारों में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। जापान का टॉपिक्स इंडेक्स करीब 0.9 फीसदी नीचे रहा। दूसरी तरफ हांगकांग के हैंग सेंग में 1.3 फीसदी और चीन के शंघाई कंपोजिट इंडेक्स में करीब 1.9 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई।











