अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के दौरान ईरानी अधिकारियों ने परमाणु हमले से बचाव के निर्देश जारी किए हैं। लोगों को सुरक्षित इमारतों में रहने, खिड़कियां बंद करने और रेडियोधर्मी धूल से बचने की सलाह दी गई है। हालांकि, अमेरिकी परमाणु हमले की पुष्टि नहीं हुई है।
तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। संभावित सैन्य कार्रवाई की चर्चाओं के बीच ईरान में नागरिकों को परमाणु विस्फोट जैसी आपात स्थिति से बचने के तरीके बताए गए हैं। सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने करीब आठ मिनट का वीडियो जारी किया है, जिसमें लोगों को सुरक्षित जगह पर शरण लेने, घर की खिड़कियां बंद रखने और बाहर की हवा अंदर लाने वाले AC बंद करने की सलाह दी गई है।
ईरान ने अचानक क्यों जारी किए सुरक्षा निर्देश?
ईरान में परमाणु हमले से बचने के तरीके बताए जा रहे हैं। इस्फहान प्रांत की आपातकालीन सेवाओं ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें लोगों को समझाया गया है कि अगर परमाणु विस्फोट होता है, तो उन्हें क्या करना चाहिए। यह वीडियो 29 अक्टूबर 2026 को ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने प्रकाशित किया था। इसे देश में चल रहे सालाना नागरिक सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम के तहत तैयार किया गया था।
हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को देखते हुए इस वीडियो की चर्चा ज्यादा हो रही है। अमेरिका की ओर से ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले की आशंका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। वीडियो में बताया गया है कि परमाणु विस्फोट होने पर तेज रोशनी, जोरदार धमाका, गर्मी और रेडियोधर्मी धूल से खतरा हो सकता है।
इस्फहान रेड क्रिसेंट सोसाइटी के शिक्षा और अनुसंधान विभाग के उप निदेशक इब्राहिम अदेलजादेह ने लोगों को ऐसी जगह छिपने की सलाह दी है, जहां बाहर से आने वाली हवा और धूल का असर कम हो। उनके मुताबिक, किसी मजबूत इमारत का बेसमेंट या बीच का कमरा बेहतर जगह हो सकती है। कोशिश करनी चाहिए कि कमरे में खिड़कियां कम हों और वह बाहरी दीवारों से दूर हो।
घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने को क्यों कहा?
ईरान के अधिकारियों ने वीडियो में बताया कि परमाणु धमाके के बाद हवा में रेडियोधर्मी धूल फैल सकती है। हवा के साथ यह धूल दूर तक जा सकती है। अगर यह सांस के जरिए शरीर के अंदर पहुंचती है, तो सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। इसी वजह से लोगों को घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने को कहा गया है। ऐसे एसी और वेंटिलेशन सिस्टम भी बंद करने की सलाह दी गई है, जो बाहर की हवा अंदर लाते हैं।
वीडियो में उन लोगों के लिए भी निर्देश दिए गए हैं, जो धमाके के समय घर से बाहर हों। अधिकारियों के मुताबिक, तेज चमक दिखाई देने पर उसकी तरफ नहीं देखना चाहिए। तुरंत नीचे झुककर किसी मजबूत दीवार या दूसरी आड़ के पीछे खुद को बचाने की कोशिश करनी चाहिए। सिर और चेहरे को ढककर रखना भी जरूरी है। धमाके की शुरुआती लहर गुजरने के बाद जितनी जल्दी हो सके, किसी पक्की इमारत के अंदर पहुंचना चाहिए। अधिकारियों ने साफ किया है कि ऐसी स्थिति में कार के अंदर बैठे रहना सुरक्षित नहीं माना जा सकता।
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कम से कम 24 घंटे घर के अंदर रहने की सलाह
ईरान की ओर से जारी वीडियो में लोगों को परमाणु विस्फोट के बाद कम से कम 24 घंटे तक सुरक्षित जगह पर रहने की तैयारी करने को कहा गया है। इस दौरान बाहर निकलने से बचने और पीने के लिए बोतलबंद पानी रखने की सलाह दी गई है। खाने के लिए भी ऐसी चीजें इस्तेमाल करने को कहा गया है, जो पहले से बंद पैकेट में रखी हों।
अधिकारियों ने यह भी समझाया कि 24 घंटे बीत जाने के बाद खुद से बाहर निकलने का फैसला नहीं करना चाहिए। बाहर की स्थिति सुरक्षित है या नहीं, इसकी जानकारी सरकारी सूचना माध्यमों और रेडियो से मिल सकती है। लोगों को इन्हीं निर्देशों के मुताबिक आगे कदम उठाने को कहा गया है।
अगर किसी व्यक्ति के कपड़ों पर रेडियोधर्मी धूल पड़ने का शक हो, तो उसे बाहरी कपड़े सावधानी से उतारकर एक बंद थैले में रखने चाहिए। इसके बाद साबुन और पानी से शरीर तथा बालों को साफ करना चाहिए। अधिकारियों ने आयोडीन की गोलियों को लेकर भी सावधान किया है। बिना डॉक्टर या स्वास्थ्य अधिकारियों की सलाह के ये गोलियां नहीं लेनी चाहिए। इनका इस्तेमाल कुछ खास परिस्थितियों में थायरॉयड को रेडियोधर्मी आयोडीन से बचाने के लिए किया जाता है। ये हर तरह के रेडिएशन से सुरक्षा नहीं देती हैं।
क्या अमेरिका सच में ईरान पर परमाणु हमला करने वाला है?
अमेरिकी पत्रकार टकर कार्लसन ने 2 नवंबर को दावा किया कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर ईरान के एक भूमिगत परमाणु ठिकाने पर हमला करने का दबाव डाल रहे हैं। कार्लसन के मुताबिक, हमले का निशाना ईरान का पिकएक्स माउंटेन हो सकता है। यह नतान्ज परमाणु केंद्र के नजदीक स्थित एक भूमिगत परिसर है।
हालांकि, कार्लसन ने अपने इस दावे के समर्थन में कोई स्वतंत्र रूप से जांचा जा सकने वाला सबूत पेश नहीं किया है। अमेरिका या इजरायल की ओर से भी परमाणु हथियार इस्तेमाल करने की किसी योजना की पुष्टि नहीं की गई है। दूसरी तरफ राष्ट्रपति ट्रंप ने 16 अक्टूबर को एक इंटरव्यू में पिकएक्स माउंटेन पर सैन्य हमले की संभावना का जिक्र किया था, लेकिन परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से इनकार किया था। इसलिए ईरान में सुरक्षा निर्देश जारी होने को अमेरिकी परमाणु हमले की पुष्टि नहीं माना जा सकता।










