मालदीव के पूर्व विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद को नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार किया गया है। शाहिद ने आरोपों को झूठा बताते हुए इसे अपनी राजनीतिक छवि खराब करने की कोशिश कहा है। वह 2028 के राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी कर रहे हैं।
माले: मालदीव की राजनीति में एक बड़ी खबर सामने आई है। देश के पूर्व विदेश मंत्री और संयुक्त राष्ट्र महासभा के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद को सोमवार, 2 नवंबर की रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उन पर 18 साल से कम उम्र के एक नाबालिग के यौन उत्पीड़न का आरोप है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी अदालत के आदेश पर हुई है। दूसरी ओर, शाहिद ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए अपनी छवि खराब करने की साजिश करार दिया है।
घर की तलाशी के बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार
मालदीव की स्थानीय न्यूज वेबसाइट अधाधु के मुताबिक, पुलिस सोमवार रात हुलहुमाले स्थित ओशन फ्रंट रेजिडेंस पहुंची थी। यहां अब्दुल्ला शाहिद के अपार्टमेंट की तलाशी ली गई। इसके बाद पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर वैन से थाने ले गई। मालदीव पुलिस ने बताया कि शाहिद को रात 9 बजकर 59 मिनट पर अदालत से जारी वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, मामला एक नाबालिग के कथित यौन उत्पीड़न से जुड़ा है। हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी आरोपों से संबंधित पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शाहिद को पहले हुलहुमाले पुलिस स्टेशन ले जाया गया और बाद में धूनीधू स्थित पुलिस हिरासत केंद्र भेज दिया गया।
फिलहाल मामले की जांच चल रही है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि अदालत में आगे की सुनवाई कब होगी और उनकी हिरासत को लेकर क्या फैसला लिया जाएगा। शाहिद पर लगे आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं।
गिरफ्तारी से पहले सोशल मीडिया पर दी थी सफाई
पुलिस की कार्रवाई से कुछ समय पहले अब्दुल्ला शाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट किया था। उन्होंने अपने खिलाफ फैलाए जा रहे आरोपों को गलत बताया। शाहिद ने कहा कि उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए झूठी बातें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना किसी सबूत के ऐसी खबरों को आगे न बढ़ाएं।
उनके इस बयान के बाद गिरफ्तारी होने से मालदीव के राजनीतिक माहौल में हलचल बढ़ गई है। शाहिद विपक्षी मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं और अगले राष्ट्रपति चुनाव के लिए पार्टी की उम्मीदवारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, गिरफ्तारी राजनीतिक कारणों से हुई है, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने अपनी कार्रवाई को अदालत के आदेश और चल रही जांच से जुड़ा बताया है।
2028 के राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी कर रहे थे शाहिद
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अब्दुल्ला शाहिद की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब मालदीव में 2028 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। शाहिद ने अगस्त 2026 में MDP अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार के चुनाव में उतरने की घोषणा की थी। उनका कहना था कि पार्टी का अध्यक्ष रहते हुए खुद उम्मीदवार बनना उचित नहीं होगा।
वह पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह की सरकार में विदेश मंत्री रह चुके हैं। साल 2023 में MDP के सत्ता से बाहर होने के बाद शाहिद विपक्ष की राजनीति में सक्रिय हो गए थे। अब उनकी गिरफ्तारी से पार्टी के अंदर राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी को लेकर चल रही प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। हालांकि, MDP की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाएगा, इसे लेकर स्थिति साफ नहीं है।
भारत से अच्छे संबंधों के समर्थक रहे हैं अब्दुल्ला शाहिद
अब्दुल्ला शाहिद को मालदीव के उन नेताओं में गिना जाता है, जिन्होंने भारत के साथ मजबूत रिश्तों पर जोर दिया है। वह 2018 से 2023 के बीच इब्राहिम मोहम्मद सोलिह की सरकार में विदेश मंत्री रहे। उस दौरान भारत और मालदीव के बीच विकास परियोजनाओं, आर्थिक सहयोग और सुरक्षा संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया था।
हाल ही में शाहिद ने राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने पाकिस्तान के साथ बढ़ती नजदीकियों और भारत विरोधी राजनीति की संभावनाओं को लेकर चिंता जताई थी। उनका मानना रहा है कि मालदीव को अपने पड़ोसी देशों, खासकर भारत के साथ संबंधों को प्राथमिकता देनी चाहिए। शाहिद ने अक्टूबर में भी भारत से मिलने वाली मदद का जिक्र करते हुए सरकार की विदेश नीति की आलोचना की थी।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं
64 वर्षीय अब्दुल्ला शाहिद का राजनीतिक और कूटनीतिक करियर चार दशक से ज्यादा पुराना है। उन्होंने विदेश मंत्रालय से अपने करियर की शुरुआत की और बाद में सरकार के कई अहम पदों पर काम किया। वह 2009 से 2014 तक मालदीव की संसद के अध्यक्ष रहे। इसके अलावा 2007 से 2008 के बीच भी विदेश मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
साल 2021 में उन्हें संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र का अध्यक्ष चुना गया था। इस पद तक पहुंचने वाले वह मालदीव के पहले नागरिक बने। फिलहाल उनकी गिरफ्तारी से जुड़ी जांच और आगामी अदालती कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। इस मामले में पुलिस के अगले बयान और अदालत के फैसले से ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।








