नेपाल की सबसे गहरी झील घूमने गए 6 भारतीय बर्फबारी में फंसे, हेलीकॉप्टर रेस्क्यू में आई दिक्कत

शे-फोक्सुंडो झील घूमने गए छह भारतीय पर्यटक भारी बर्फबारी में फंस गए हैं। हेलीकॉप्टर में खराबी से बचाव अभियान में देरी हुई। जानें पूरा मामला।

नेपाल के डोल्पा जिले में भारी बर्फबारी के कारण छह भारतीय पर्यटक फंस गए हैं। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। नेपाली सेना की मदद से बचाव अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी आने से रेस्क्यू में देरी हुई है।

काठमांडू: नेपाल की मशहूर शे-फोक्सुंडो झील घूमने गए छह भारतीय पर्यटक भारी बर्फबारी में फंस गए हैं। शनिवार, 31 अक्टूबर से इन लोगों का संपर्क प्रभावित है। प्रशासन ने उस इलाके का पता लगा लिया है, जहां पर्यटक फंसे हुए हैं। उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए नेपाली सेना की मदद ली जा रही है। हालांकि, बचाव के लिए भेजे जाने वाले हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी आने से अभियान में परेशानी हुई है। अधिकारी दूसरे हेलीकॉप्टर की व्यवस्था करने की कोशिश कर रहे हैं। 

बर्फ देखने निकले थे भारतीय पर्यटक, रास्ते में फंसे

नेपाल के डोल्पा जिले में लगातार हो रही बर्फबारी के बीच छह भारतीय पर्यटक मुश्किल में पड़ गए हैं। ये सभी शे-फोक्सुंडो नेशनल पार्क के आसपास घूमने पहुंचे थे। पर्यटक शे-फोक्सुंडो ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड नंबर आठ में स्थित धो इलाके से झील की ओर यात्रा कर रहे थे।

नेपाल की सबसे गहरी झील घूमने गए 6 भारतीय बर्फबारी में फंसे, हेलीकॉप्टर रेस्क्यू में आई दिक्कत

इस इलाके में पिछले कुछ दिनों से भारी बर्फबारी हो रही है। पहाड़ी रास्तों पर बर्फ जमने से पैदल चलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, भारतीय पर्यटक दानिगढ़ इलाके में फंसे हुए हैं।

डोल्पा की मुख्य जिला अधिकारी जूनू हमाल धाकल ने बताया कि प्रशासन को पर्यटकों के फंसे होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद उनकी तलाश और बचाव के लिए सुरक्षाकर्मियों को लगाया गया।

अधिकारियों का कहना है कि पर्यटक जिस इलाके में फंसे हैं, उसकी पहचान हो गई है। हालांकि, वहां तक पहुंचने में खराब मौसम और बर्फ से ढके रास्ते बड़ी परेशानी बने हुए हैं। 

गाइड ने पहले ही दी थी चेतावनी

प्रशासन के मुताबिक, भारतीय पर्यटक अपने नेपाली गाइड के साथ घूमने निकले थे। रास्ते में बर्फबारी बढ़ने पर गाइड और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें आगे नहीं जाने की सलाह दी थी।

इसके बावजूद पर्यटक गाइड को पीछे छोड़कर झील की ओर बढ़ गए। बाद में मौसम और खराब हो गया और पहाड़ी रास्तों पर बर्फ जमने से उनकी वापसी मुश्किल हो गई।

शनिवार शाम को गाइड ने डोल्पा जिला प्रशासन कार्यालय से संपर्क किया और बताया कि पर्यटकों के बर्फ में फंसने की आशंका है। शनिवार रात से उनका संपर्क प्रभावित होने लगा और रविवार सुबह तक उनसे सीधे बातचीत नहीं हो पा रही थी।

मुख्य जिला अधिकारी ने बताया कि पर्यटकों को पूरी तरह लापता कहना सही नहीं होगा, क्योंकि प्रशासन को उस क्षेत्र की जानकारी मिल चुकी है, जहां वे फंसे हुए हैं। 

हेलीकॉप्टर में खराबी से रेस्क्यू में हुई देरी

छह भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए नेपाली सेना के हेलीकॉप्टर की मदद लेने की तैयारी की गई थी। लेकिन सुरखेत स्थित सैन्य हवाई अड्डे पर मौजूद हेलीकॉप्टर में तकनीकी समस्या आ गई।

इसके चलते बचाव अभियान में देरी हुई। स्थानीय प्रशासन ने दूसरे हेलीकॉप्टर की व्यवस्था करने के प्रयास शुरू किए हैं।

नेपाल की सरकारी प्रसारण सेवा की रिपोर्ट के अनुसार, एक नवंबर को हेलीकॉप्टर की मदद से बचाव अभियान शुरू किया गया। वहीं स्थानीय मीडिया ने बताया कि तकनीकी दिक्कतों और खराब मौसम के कारण अभियान प्रभावित हुआ है।

पहाड़ी क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से पर्यटकों की स्थिति की जानकारी जुटाना भी मुश्किल हो रहा है। हालांकि, स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, इलाके में तैनात नेपाली सेना के जवान पर्यटकों के संपर्क में हैं। 

फंसे हुए छह भारतीय पर्यटक कौन हैं?

डोल्पा जिला प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, फंसे हुए भारतीय पर्यटकों की पहचान मौमिता हलदर, पियाली कोले, जजला त्रिवेदी कुमार, आदित्य सिन्हा, डिप्लिना बिस्वास और राजेश डे के रूप में हुई है।

इनमें चार पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। सभी नेपाल के प्रसिद्ध पहाड़ी पर्यटन क्षेत्र में घूमने पहुंचे थे।

प्रशासन की प्राथमिकता सभी छह लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में उनके सुरक्षित बाहर निकाले जाने की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। 

क्यों मशहूर है नेपाल की शे-फोक्सुंडो झील?

शे-फोक्सुंडो झील नेपाल के डोल्पा जिले में स्थित है। इसे देश की सबसे गहरी झील माना जाता है। यह समुद्र तल से लगभग 3,600 मीटर की ऊंचाई पर है और इसकी गहराई करीब 145 मीटर बताई जाती है।

झील अपने नीले पानी, ऊंचे पहाड़ों और प्राकृतिक सुंदरता के कारण पर्यटकों के बीच मशहूर है। यहां पहुंचने के लिए पहाड़ी रास्तों से गुजरना पड़ता है। सर्दियों और बर्फबारी के दौरान इन रास्तों पर यात्रा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

डोल्पा प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, इस क्षेत्र में 244 पर्यटकों की मौजूदगी दर्ज की गई है। इनमें 149 नेपाली, सार्क देशों के 44 और अन्य देशों के 51 पर्यटक शामिल हैं। 

पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह

भारी बर्फबारी और खराब मौसम को देखते हुए डोल्पा जिला प्रशासन ने पर्यटकों को जोखिम वाले पहाड़ी रास्तों पर नहीं जाने की सलाह दी है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से भी सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने को कहा है।

फिलहाल छह भारतीय पर्यटकों को निकालने के प्रयास जारी हैं। प्रशासन हेलीकॉप्टर की व्यवस्था के साथ मौसम की स्थिति पर भी नजर रख रहा है। अब सबसे जरूरी बात यह है कि बचाव दल उन तक सुरक्षित पहुंचे और सभी को बर्फ से घिरे इलाके से बाहर निकाला जा सके।

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