शिमला में भाजपा की लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा, हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर साधा निशाना

शिमला में भाजपा ने लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा निकाली। असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने SIR और चुनावी वादों पर कांग्रेस को घेरा। जानें पूरी खबर।

शिमला में भाजपा ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा निकाली। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा समेत कई बड़े नेता इसमें शामिल हुए। पार्टी ने SIR को लेकर कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया और चौड़ा मैदान में जनसभा की।

शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में रविवार, 1 नवंबर को भाजपा ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत पदयात्रा निकाली। इसमें असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। पुराने बस स्टैंड से शुरू हुई पदयात्रा चौड़ा मैदान पहुंचकर जनसभा में बदल गई। इस दौरान भाजपा नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाए।

शिमला में भाजपा की पदयात्रा, हिमंत बिस्वा सरमा ने संभाली कमान

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में रविवार को भाजपा के बड़े नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। पार्टी ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत पदयात्रा का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा विशेष रूप से पहुंचे। भाजपा ने इस अभियान के जरिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देने की कोशिश की।

शिमला में भाजपा की लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा, हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर साधा निशाना

पदयात्रा की शुरुआत सुबह करीब दस बजे पुराने बस स्टैंड के पास श्री गुरुद्वारा साहिब की पार्किंग से हुई। यहां से भाजपा नेता और कार्यकर्ता विक्ट्री टनल होते हुए विधानसभा मार्ग से चौड़ा मैदान पहुंचे। पदयात्रा के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। चौड़ा मैदान में जनसभा आयोजित की गई, जहां वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

कार्यक्रम में हिमंत बिस्वा सरमा के अलावा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, सांसद अनुराग सिंह ठाकुर, सुरेश कश्यप और राज्यसभा सदस्य डॉ. सिकंदर कुमार भी शामिल हुए। पार्टी के विधायकों, पदाधिकारियों और अलग-अलग क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं ने भी पदयात्रा में भाग लिया।

कांग्रेस के खिलाफ हिमंत बिस्वा सरमा ने उठाए कई सवाल

चौड़ा मैदान में आयोजित जनसभा के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस और हिमाचल प्रदेश की सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को चुनाव में मिली हार का जिम्मेदार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को ठहराने के बजाय अपने राजनीतिक प्रदर्शन की समीक्षा करनी चाहिए।

सरमा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा कि वे जनता के बीच जाकर इस प्रक्रिया को लेकर पार्टी का पक्ष रखें। साथ ही उन्होंने हिमाचल सरकार से चुनाव के दौरान किए गए वादों का हिसाब मांगने की बात कही।

असम के मुख्यमंत्री ने प्रदेश में रोजगार और महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के मुद्दे भी उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हिमाचल की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये देने का वादा किया था। सरमा ने सवाल किया कि प्रदेश में अब तक कितनी महिलाओं को इसका लाभ मिला है।

उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनने का दावा भी किया। हालांकि, यह उनका राजनीतिक दावा है और चुनाव के नतीजे आने के बाद ही प्रदेश की अगली सरकार की स्थिति स्पष्ट होगी।

SIR को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच क्यों है विवाद?

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच काफी समय से मतभेद चल रहे हैं। भाजपा का कहना है कि मतदाता सूची में गलत या दोहरे नामों को हटाना जरूरी है, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष बनी रहे। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस इस प्रक्रिया के बारे में लोगों के बीच भ्रम पैदा कर रही है।

दूसरी तरफ कांग्रेस और उसके सहयोगी दल SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची की जांच के दौरान किसी भी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से नहीं हटाया जाना चाहिए। इसी मुद्दे पर विपक्षी गठबंधन ने दिल्ली के रामलीला मैदान में भी रैली आयोजित की।

हिमाचल के दूसरे शहरों में भी निकाली जाएगी पदयात्रा

भाजपा ने यह अभियान केवल शिमला तक सीमित नहीं रखा है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने पहले ही हिमाचल के चारों संसदीय क्षेत्रों में पदयात्राएं आयोजित करने की घोषणा की थी। इसके तहत 30 अक्टूबर को धर्मशाला में कार्यक्रम रखा गया था। शिमला में एक नवंबर को पदयात्रा हुई, जबकि मंडी और हमीरपुर में चार नवंबर को कार्यक्रम निर्धारित हैं।

प्रदेश भाजपा का कहना है कि इन पदयात्राओं के जरिए मतदाता सूची, चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर लोगों से सीधे बातचीत की जाएगी।

शिमला में आयोजित कार्यक्रम के बाद अब भाजपा का अगला ध्यान मंडी और हमीरपुर की पदयात्राओं पर रहेगा। वहीं SIR को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है। आने वाले दिनों में दोनों दल इस मुद्दे पर अपने-अपने कार्यक्रमों के जरिए जनता के सामने अपनी बात रखेंगे।

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