पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आम आदमी पार्टी के समाना विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा के इस्तीफे की खबर सामने आई है। पार्टी की पहली उम्मीदवार सूची में उनका नाम नहीं है। भाजपा में शामिल होने की चर्चा भी है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
पटियाला: पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आम आदमी पार्टी के समाना विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा के पार्टी छोड़ने की खबर ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब आम आदमी पार्टी ने 31 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है। इस सूची में मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत कई मौजूदा विधायकों को दोबारा टिकट दिया गया है, लेकिन समाना सीट से जौड़ामाजरा का नाम शामिल नहीं है।
समाना में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद बढ़ी थी नाराजगी
चेतन सिंह जौड़ामाजरा और आम आदमी पार्टी के बीच मतभेद की चर्चा पिछले कुछ समय से चल रही थी। इसकी एक बड़ी वजह समाना विधानसभा क्षेत्र में पार्टी की ओर से किया गया संगठनात्मक बदलाव बताया जा रहा है।
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दरअसल, पूर्व अकाली मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा को आम आदमी पार्टी में शामिल करने के बाद समाना विधानसभा क्षेत्र का हलका इंचार्ज बनाया गया था। रखड़ा की नियुक्ति के बाद स्थानीय राजनीति में इस बात की चर्चा शुरू हो गई कि पार्टी उन्हें 2027 के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बना सकती है।
समाना से वर्तमान विधायक जौड़ामाजरा के रहते हुए किसी दूसरे नेता को हलके की जिम्मेदारी दिए जाने पर भी सवाल उठे थे। हालांकि, रखड़ा को हलका इंचार्ज बनाने का मतलब यह नहीं है कि पार्टी ने उन्हें विधानसभा चुनाव का टिकट देने का फैसला कर लिया है।
40 उम्मीदवारों की पहली सूची में नहीं मिला जौड़ामाजरा को स्थान
आम आदमी पार्टी ने शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए पहली सूची जारी की। इसमें 40 विधानसभा सीटों के उम्मीदवारों के नाम घोषित किए गए।
मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक बार फिर धुरी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां को कोटकपूरा और संजीव अरोड़ा को लुधियाना पश्चिम से टिकट दिया गया है।
पार्टी ने पहली सूची में सभी 40 मौजूदा विधायकों को दोबारा मौका दिया है। हालांकि, समाना सीट के उम्मीदवार की घोषणा अभी नहीं की गई है। इसलिए जौड़ामाजरा का नाम पहली सूची में नहीं होने को टिकट कटने की अंतिम पुष्टि नहीं माना जा सकता।
सुरजीत सिंह रखड़ा के आने से बदली समाना की राजनीति
सुरजीत सिंह रखड़ा पंजाब की राजनीति में पुराना नाम हैं। वह शिरोमणि अकाली दल से जुड़े रहे हैं और प्रकाश सिंह बादल की सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।
मई 2026 में मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में रखड़ा आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। इसके बाद सितंबर में पार्टी ने उन्हें समाना का हलका इंचार्ज नियुक्त कर दिया।
रखड़ा पहले भी समाना विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। ऐसे में उनके आम आदमी पार्टी में आने के बाद स्थानीय स्तर पर पार्टी के दो प्रमुख नेताओं की भूमिकाओं को लेकर चर्चा बढ़ गई थी।
इससे पहले मई में पार्टी छोड़ने की अफवाहों पर जौड़ामाजरा ने स्पष्ट किया था कि वह आम आदमी पार्टी के साथ खड़े हैं। अब उनके इस्तीफे की नई खबर सामने आई है, हालांकि इसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं मिल सकी है।
क्या भाजपा में शामिल होंगे चेतन सिंह जौड़ामाजरा?
जौड़ामाजरा के अगले राजनीतिक कदम को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय राजनीतिक हलकों में उनके भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, फिलहाल जौड़ामाजरा या भाजपा की ओर से उनके पार्टी में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। इसलिए इन चर्चाओं को अभी राजनीतिक अटकलों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
जौड़ामाजरा वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के टिकट पर समाना से विधायक चुने गए थे। वह भगवंत मान सरकार में स्वास्थ्य मंत्री भी रह चुके हैं। बाद में उन्हें अन्य विभागों की जिम्मेदारी दी गई थी। सितंबर 2024 में हुए मंत्रिमंडल फेरबदल में उन्हें मंत्री पद से हटा दिया गया था।
पंजाब चुनाव 2027 से पहले समाना सीट पर बढ़ी दिलचस्पी
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। आम आदमी पार्टी ने पहली उम्मीदवार सूची जारी करके अपनी चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं। लेकिन समाना सीट पर उम्मीदवार का नाम घोषित नहीं होने से स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चर्चा जारी है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी समाना से किसे उम्मीदवार बनाती है। सुरजीत सिंह रखड़ा को टिकट मिलता है या पार्टी कोई दूसरा फैसला करती है, यह आने वाली उम्मीदवार सूची से साफ होगा।
दूसरी ओर, चेतन सिंह जौड़ामाजरा के इस्तीफे और भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना भी बाकी है।








