इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 28 अक्टूबर को UPTET 2026 के दो विवादित सवाल मूल्यांकन से हटाने का आदेश दिया है। अब 148 प्रश्नों के आधार पर अंक दोबारा गिने जाएंगे। इससे कम अंकों से फेल अभ्यर्थियों को राहत मिल सकती है।
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवारों के लिए अहम खबर है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने UPTET 2026 Result में सुधार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने प्रश्नपत्र के दो सवालों पर विवाद के बाद उन्हें मूल्यांकन से बाहर करने को कहा है। इससे उन अभ्यर्थियों के पास पास होने का मौका बन सकता है, जो अगस्त में घोषित परिणाम में मामूली अंतर से सफल नहीं हो पाए थे।
UPTET 2026 के दो सवालों पर क्यों हुआ विवाद?
यूपीटीईटी 2026 की प्राथमिक स्तर की परीक्षा 3 जुलाई को आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद आयोग ने प्रोविजनल आंसर-की जारी की थी, जिस पर अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगी गई थीं। इन आपत्तियों की जांच के बाद फाइनल आंसर-की जारी हुई, लेकिन मास्टर सेट के प्रश्न संख्या 36 और 37 को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया। दरअसल, पहले इन दोनों सवालों का एक-एक जवाब सही बताया गया था, जबकि फाइनल आंसर-की में दोनों के दो-दो विकल्प सही मान लिए गए।
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प्रश्न संख्या 36 के लिए पहले विकल्प D सही था, लेकिन बाद में B और D दोनों को सही माना गया। इसी तरह प्रश्न संख्या 37 में पहले D सही था, जबकि बाद में A और D को सही जवाब के तौर पर स्वीकार कर लिया गया। आयोग ने इनमें से किसी एक मान्य विकल्प को चुनने वाले उम्मीदवारों को अंक दिए थे। इससे उन अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई, जिन्हें इन प्रश्नों में अंक नहीं मिले थे।
परीक्षा का परिणाम 26 अगस्त 2026 को घोषित हुआ था। इसमें कानपुर नगर के विजय सोनकर सहित चार उम्मीदवार पास नहीं हो सके थे। उनके अंक निर्धारित 82 अंकों की सीमा से कुछ ही कम थे। चारों अभ्यर्थियों ने आयोग के मूल्यांकन के तरीके पर सवाल उठाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। उनका कहना था कि जब एक सवाल के दो जवाब सही माने गए हैं, तो केवल कुछ उम्मीदवारों को अंक देना उचित नहीं है।
हाईकोर्ट ने क्या कहा, अब कैसे तैयार होगा नया रिजल्ट?
इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की एकलपीठ ने की। अदालत ने 28 अक्टूबर 2026 को दिए अपने फैसले में कहा कि जिस सवाल के दो जवाब सही माने जाते हैं, उसके आधार पर उम्मीदवारों की योग्यता का सही आकलन नहीं किया जा सकता। ऐसे सवाल को परीक्षा के मूल्यांकन में शामिल रखना सभी अभ्यर्थियों के साथ समान व्यवहार के सिद्धांत के खिलाफ हो सकता है।
कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया कि प्रश्न संख्या 36 और 37 को मूल्यांकन से बाहर किया जाए। इसके बाद परीक्षा को 150 के बजाय 148 प्रश्नों के आधार पर माना जाएगा। पास होने के लिए जरूरी अंकों की गणना भी निर्धारित प्रतिशत के हिसाब से दोबारा की जाएगी।
अदालत ने यह भी साफ किया कि इस फैसले का लाभ केवल याचिका दाखिल करने वाले चार उम्मीदवारों तक सीमित नहीं रहेगा। समान स्थिति वाले दूसरे अभ्यर्थियों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए। आयोग को प्रभावित उम्मीदवारों के अंक दोबारा गिनने और उनके परिणाम तथा स्कोरकार्ड में जरूरी सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुनवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि आयोग इसी प्रश्नपत्र के प्रश्न संख्या 38 को पहले ही मूल्यांकन से हटा चुका था। ऐसे में अदालत ने सवाल उठाया कि प्रश्न संख्या 36 और 37 के मामले में अलग तरीका क्यों अपनाया गया।
फेल हुए उम्मीदवारों को कितना फायदा मिलेगा?
हाईकोर्ट के आदेश से सबसे ज्यादा उम्मीद उन उम्मीदवारों को है, जो पास होने के लिए जरूरी अंकों से थोड़ा पीछे रह गए थे। सवाल हटने और पासिंग मार्क्स की दोबारा गणना होने से कुछ अभ्यर्थियों की पात्रता की स्थिति बदल सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पहले फेल हुए सभी उम्मीदवार अब पास हो जाएंगे।
एक जरूरी बात यह भी है कि कोर्ट ने राहत केवल उन उम्मीदवारों तक सीमित नहीं रखी है, जिन्होंने विवादित सवालों के दो मान्य विकल्पों में से किसी एक को चुना था। अदालत के मुताबिक समान स्थिति वाले सभी अभ्यर्थियों के साथ एक जैसा व्यवहार होना चाहिए। इसलिए गलत विकल्प चुनने या सवाल छोड़ने वाले उम्मीदवारों को भी संशोधित मूल्यांकन के नियमों के तहत राहत मिल सकती है। अंतिम स्थिति नए अंकों की गणना के बाद ही साफ होगी।
इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को भी उम्मीद मिली है, जिन्होंने पहले अपने परिणाम को अंतिम मान लिया था। हालांकि, यूपीटीईटी पास करने का मतलब सीधे शिक्षक की नौकरी मिलना नहीं है। यह शिक्षक भर्ती में पात्रता की एक जरूरी शर्त है। किसी भर्ती में चयन के लिए उम्मीदवारों को संबंधित भर्ती प्रक्रिया और उसकी शर्तों को अलग से पूरा करना होगा।
फिलहाल उम्मीदवारों के लिए सबसे जरूरी बात संशोधित परिणाम से जुड़ी आधिकारिक सूचना पर नजर रखना है। आयोग की ओर से नया रिजल्ट जारी होने की तारीख स्पष्ट होने के बाद अभ्यर्थी अपना अपडेटेड स्कोरकार्ड देख सकेंगे। रिजल्ट में बदलाव होने पर उम्मीदवारों को अपने पुराने और नए अंकों का मिलान करना चाहिए।
UPTET 2026 Revised Result से जुड़ी नई जानकारी और स्कोरकार्ड के अपडेट के लिए उम्मीदवार उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in नियमित रूप से चेक करें।









