US Midterm Elections 2026: सुहास सुब्रमण्यम, पिया डांडिया और अरुणा मिलर जीते, ओहियो में विवेक रामास्वामी पीछे

US Midterm Elections 2026 में भारतीय मूल के सुहास सुब्रमण्यम और पिया डांडिया ने जीत दर्ज की। अरुणा मिलर की जीत के संकेत हैं, जबकि ओहियो में विवेक रामास्वामी

अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में भारतीय मूल के तीन डेमोक्रेट उम्मीदवारों को सफलता मिली है। सुहास सुब्रमण्यम और पिया डांडिया ने प्रतिनिधि सभा की सीटें जीती हैं। अरुणा मिलर भी दोबारा लेफ्टिनेंट गवर्नर बनेंगी, जबकि विवेक रामास्वामी ओहियो में पीछे चल रहे हैं।

वॉशिंगटन: अमेरिका में 3 नवंबर को हुए मध्यावधि चुनाव के नतीजे सामने आने लगे हैं। इस बार भारतीय मूल के उम्मीदवारों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। वर्जीनिया से सुहास सुब्रमण्यम ने अपनी सीट बचा ली है, जबकि फ्लोरिडा में पिया डांडिया ने जीत दर्ज की है। मैरीलैंड में अरुणा मिलर को भी दूसरा कार्यकाल मिलने जा रहा है। हालांकि, ओहियो के गवर्नर चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

वर्जीनिया में सुहास सुब्रमण्यम ने दोबारा जीता चुनाव

वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से डेमोक्रेट उम्मीदवार सुहास सुब्रमण्यम ने एक बार फिर जीत हासिल की है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव बेकविथ को हराकर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में अपनी जगह बरकरार रखी है। शुरुआती मतगणना में सुब्रमण्यम को करीब 63 प्रतिशत वोट मिले थे। उनके प्रतिद्वंद्वी बेकविथ को लगभग 37 प्रतिशत वोट मिले। उस समय अनुमानित 95 प्रतिशत मतों की गिनती पूरी हो चुकी थी। इस सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार अहसेन मलिक भी चुनाव लड़ रहे थे।

सुब्रमण्यम पहली बार 2024 में चुनाव जीतकर अमेरिकी कांग्रेस पहुंचे थे। जनवरी 2025 में उन्होंने प्रतिनिधि सभा के सदस्य के रूप में अपना कार्यकाल शुरू किया। वह वर्जीनिया से अमेरिकी कांग्रेस के लिए चुने जाने वाले पहले भारतीय मूल के नेता हैं। अब उन्हें दोबारा दो साल का कार्यकाल मिला है। उनकी जीत डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी अहम मानी जा रही है।

फ्लोरिडा में पिया डांडिया ने रिपब्लिकन उम्मीदवार को हराया

US Midterm Elections 2026: सुहास सुब्रमण्यम, पिया डांडिया और अरुणा मिलर जीते, ओहियो में विवेक रामास्वामी पीछे

फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में पिया डांडिया ने रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी असकर को हराया है। दोनों के बीच मुकाबले पर खास नजर थी, क्योंकि इस सीट की सीमाएं चुनाव से पहले बदली गई थीं। शुरुआती रुझानों में डांडिया को 51.9 प्रतिशत और असकर को 48.1 प्रतिशत वोट मिलने की जानकारी सामने आई थी। बाद में स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट में डांडिया को 56.5 प्रतिशत वोट मिलने की जानकारी दी गई।

डांडिया भारतीय प्रवासी परिवार से आती हैं। उनके माता-पिता भारत से अमेरिका गए थे। राजनीति में आने से पहले वह शिक्षक और स्कूल प्रिंसिपल रह चुकी हैं। उन्होंने व्हाइट हाउस फेलो के रूप में भी काम किया है। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने शिक्षा, महंगाई और रोजगार के अवसरों जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी थी। उनकी जीत से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में भारतीय मूल की एक और महिला सांसद शामिल होगी।

मैरीलैंड में अरुणा मिलर को मिला दूसरा कार्यकाल

मैरीलैंड में भारतीय मूल की अरुणा मिलर भी अपना पद बरकरार रखने में सफल रही हैं। वह डेमोक्रेटिक गवर्नर वेस मूर के साथ लेफ्टिनेंट गवर्नर पद की उम्मीदवार थीं। चुनाव में वेस मूर ने रिपब्लिकन उम्मीदवार डैन कॉक्स को हराया। कॉक्स के साथ रॉब क्रोप लेफ्टिनेंट गवर्नर पद के उम्मीदवार थे। मैरीलैंड में गवर्नर और लेफ्टिनेंट गवर्नर एक ही टिकट पर चुनाव लड़ते हैं।

अरुणा मिलर 2022 में पहली बार लेफ्टिनेंट गवर्नर चुनी गई थीं। वह इस पद तक पहुंचने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी महिला हैं। उनके दूसरे कार्यकाल से राज्य सरकार के महत्वपूर्ण पद पर भारतीय मूल के समुदाय का प्रतिनिधित्व जारी रहेगा।

ओहियो में विवेक रामास्वामी के सामने कड़ी चुनौती

US Midterm Elections 2026: सुहास सुब्रमण्यम, पिया डांडिया और अरुणा मिलर जीते, ओहियो में विवेक रामास्वामी पीछे

जहां तीन भारतीय मूल के डेमोक्रेट उम्मीदवारों को सफलता मिली है, वहीं ओहियो में रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी पिछड़ते दिखाई दे रहे हैं। गवर्नर पद के चुनाव में उनका मुकाबला डेमोक्रेट उम्मीदवार एमी एक्टन से है। शुरुआती गिनती में एक्टन को 53 प्रतिशत से ज्यादा और रामास्वामी को लगभग 44 प्रतिशत वोट मिले थे।

मतगणना आगे बढ़ने के साथ दोनों के बीच अंतर कम हुआ। बाद के एक अपडेट में करीब 79 प्रतिशत अनुमानित वोटों की गिनती के बाद एक्टन को 50.5 प्रतिशत और रामास्वामी को 46.2 प्रतिशत वोट मिले थे। उस समय चुनाव का विजेता घोषित नहीं हुआ था। रामास्वामी कारोबारी हैं और 2024 में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पाने की दौड़ में शामिल रहे थे। उन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन हासिल है।

ओहियो में मौजूदा रिपब्लिकन गवर्नर माइक डिवाइन कार्यकाल की सीमा के कारण दोबारा चुनाव नहीं लड़ सकते। इसी वजह से नए गवर्नर के चुनाव पर काफी ध्यान दिया जा रहा है।

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