अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के खराब प्रदर्शन पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान आया है। ट्रंप का कहना है कि अगर वह खुद चुनाव मैदान में होते, तो उनकी पार्टी बड़े अंतर से जीतती। उन्होंने चुनाव नतीजों को स्वीकार करने और डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने की बात भी कही है।
वॉशिंगटन: अमेरिका में मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को हुए मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को कई जगह हार का सामना करना पड़ा है। डेमोक्रेटिक पार्टी की बढ़त के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी चुनाव नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस बार उनका नाम बैलेट पेपर पर नहीं था। उनका दावा है कि अगर वह खुद चुनाव लड़ रहे होते, तो रिपब्लिकन पार्टी को बड़े अंतर से जीत मिलती।
चुनाव से पहले ट्रंप ने अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए कई सभाएं की थीं। इसके बावजूद कई अहम सीटों पर रिपब्लिकन उम्मीदवार जीत हासिल नहीं कर सके।
चुनाव नतीजों पर ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिका में मंगलवार रात जैसे-जैसे वोटों की गिनती आगे बढ़ी, रिपब्लिकन पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ने लगीं। कई अहम सीटों पर डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को बढ़त मिली। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट शेयर किया। ट्रंप ने लिखा कि वह इस चुनाव में उम्मीदवार नहीं थे। अगर उनका नाम बैलेट पेपर पर होता तो रिपब्लिकन पार्टी भारी अंतर से जीत हासिल करती। उन्होंने अपनी पोस्ट में समर्थकों का ध्यान इस बात की ओर भी दिलाया कि वह खुद चुनाव मैदान में नहीं थे।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन पार्टी के बहुमत पर खतरा मंडरा रहा है। चुनाव से पहले ट्रंप ने कई राज्यों में अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार किया था।
चुनाव के नतीजे स्वीकार करने को तैयार ट्रंप
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देने के अलावा ट्रंप ने मंगलवार रात अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स को इंटरव्यू भी दिया। इस दौरान उनसे पूछा गया कि क्या वह मध्यावधि चुनाव के नतीजों को स्वीकार करेंगे। इस सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि वह नतीजे स्वीकार करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनका यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि चुनाव से पहले उन्होंने कहा था कि अगर मतदान निष्पक्ष हुआ तो वह परिणामों का सम्मान करेंगे।
अब डेमोक्रेटिक पार्टी की बढ़त के बीच ट्रंप ने साफ किया है कि वह चुनावी नतीजों को स्वीकार करने के साथ आगे की राजनीतिक स्थिति के अनुसार काम करने को तैयार हैं।
![]()
डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने की जताई इच्छा
ट्रंप ने इंटरव्यू में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं के साथ काम करने की इच्छा भी जताई। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करेगी और दोनों पक्ष किसी सहमति तक पहुंचने की कोशिश करेंगे। राष्ट्रपति का यह बयान अमेरिकी राजनीति के लिहाज से अहम है। अगर डेमोक्रेटिक पार्टी प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करती है, तो ट्रंप सरकार के लिए कई बड़े फैसलों पर संसद की मंजूरी लेना मुश्किल हो सकता है।
हालांकि, ट्रंप इससे पहले संकेत दे चुके हैं कि जरूरत पड़ने पर वह राष्ट्रपति के वीटो अधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों पार्टियों के बीच सहयोग और टकराव की स्थिति देखने को मिल सकती है।
रिपब्लिकन पार्टी को कहां लगा झटका?
अमेरिका में इस बार चुनाव के नतीजे रिपब्लिकन पार्टी के लिए अच्छे नहीं रहे। कई ऐसी सीटें भी उसके हाथ से निकल गईं, जहां पहले पार्टी का कब्जा था। डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों ने टेक्सास, नॉर्थ कैरोलिना और ओहियो में सीनेट की सीटें जीत ली हैं। प्रतिनिधि सभा की कई सीटों पर भी डेमोक्रेटिक पार्टी को फायदा हुआ है। हालांकि, वहां बहुमत की स्थिति पूरी तरह साफ होना बाकी है।
चुनाव के दौरान महंगाई को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिली। अमेरिका में घर का खर्च चलाना पहले से महंगा हो गया है। खाने-पीने के सामान और दूसरी जरूरी चीजों की कीमतें लोगों की चिंता बनी हुई हैं। एग्जिट पोल में भी कई लोगों ने महंगाई को बड़ा मुद्दा बताया। सरकार के कामकाज और आर्थिक फैसलों को लेकर भी मतदाताओं ने सवाल उठाए।









