LTCG Tax: शेयर बाजार के निवेशकों को मिल सकती है टैक्स में राहत, सेबी ने सरकार को दिया सुझाव

LTCG Tax: शेयर बाजार में निवेश करने वालों को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स में राहत मिल सकती है। SEBI ने सरकार को टैक्स नियमों में बदलाव का सुझाव दिया है। जानें

शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वालों के लिए अच्छी खबर आ सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेबी ने सरकार को विदेशी निवेशकों से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स हटाने का सुझाव दिया है। साथ ही म्यूचुअल फंड में पैसा दोबारा लगाने वाले घरेलू निवेशकों को भी टैक्स में राहत देने की बात कही गई है।

बिजनेस डेस्क: शेयर बाजार में पैसा लगाने वालों को आने वाले समय में टैक्स से कुछ राहत मिल सकती है। बाजार की निगरानी करने वाली संस्था सेबी (SEBI) ने सरकार को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन यानी LTCG टैक्स में बदलाव करने का सुझाव दिया है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की 2 नवंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, सेबी चाहता है कि विदेशी निवेशकों को लंबे समय तक शेयर रखने के बाद होने वाले मुनाफे पर LTCG टैक्स न देना पड़े। इसके अलावा म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले भारतीय लोगों के लिए भी टैक्स के नियम आसान बनाने का सुझाव दिया गया है।

LTCG टैक्स को लेकर सेबी ने क्या कहा?

पिछले कुछ समय से विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। ऐसे में सेबी ने सरकार को विदेशी निवेशकों के लिए LTCG टैक्स हटाने का सुझाव दिया है। रॉयटर्स ने इस मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों के हवाले से यह खबर दी है। सेबी का मानना है कि टैक्स में राहत मिलने से विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में दिलचस्पी बढ़ सकती है। 

अभी विदेशी निवेशकों को शेयर बेचने पर मुनाफा होता है, तो तय नियमों के हिसाब से टैक्स देना पड़ता है। अगर सरकार सेबी का सुझाव मान लेती है, तो लंबे समय के निवेश पर मिलने वाले मुनाफे से जुड़ा यह टैक्स हट सकता है।

अभी शेयर और म्यूचुअल फंड पर कितना टैक्स लगता है?

मौजूदा नियमों के मुताबिक, शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड की यूनिट्स एक साल से ज्यादा समय तक रखने के बाद बेचने पर होने वाला मुनाफा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन माना जाता है। ऐसे निवेश से वित्त वर्ष में कुल 1.25 लाख रुपये तक का पात्र लॉन्ग टर्म मुनाफा टैक्स फ्री रहता है। इससे ज्यादा मुनाफे पर 12.5 फीसदी की दर से LTCG टैक्स लगता है। इसके अलावा लागू सरचार्ज और सेस भी देना पड़ सकता है।

वहीं, एक साल से कम समय में पात्र शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड बेचने पर होने वाले मुनाफे पर सामान्य तौर पर 20 फीसदी शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है। निवेशकों को शेयरों की खरीद-बिक्री पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT भी देना होता है। पिछले कुछ समय से बाजार में LTCG के साथ STT में कटौती की मांग भी उठ रही है, लेकिन रॉयटर्स की रिपोर्ट में STT हटाने की किसी नई सिफारिश की पुष्टि नहीं हुई है।

विदेशी निवेशकों ने इस साल निकाले 31 अरब डॉलर

LTCG Tax: शेयर बाजार के निवेशकों को मिल सकती है टैक्स में राहत, सेबी ने सरकार को दिया सुझाव

सेबी के प्रस्ताव के पीछे विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली को भी बड़ी वजह माना जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में अब तक विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से करीब 31 अरब डॉलर निकाल चुके हैं। पिछले दो वर्षों में भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन भी कई दूसरे उभरते बाजारों के मुकाबले कमजोर रहा है। इसी अवधि में निफ्टी 50 करीब 4.8 फीसदी गिरा है, जबकि MSCI इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स में लगभग 40 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

कमजोर रिटर्न के साथ रुपये की गिरावट ने भी विदेशी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। यही वजह है कि पिछले दो वर्षों में सेबी ने विदेशी निवेशकों के साथ कई बैठकें की हैं। इन बैठकों में निवेशकों ने बार-बार भारत में लगने वाले टैक्स और कारोबार की लागत को लेकर अपनी बात रखी। उनका कहना है कि ज्यादा टैक्स से निवेश के बाद मिलने वाला वास्तविक रिटर्न कम हो जाता है।

म्यूचुअल फंड निवेशकों को कैसे मिलेगा फायदा?

सेबी की सिफारिश मंजूर होने पर घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों को भी राहत मिल सकती है। फिलहाल एक स्कीम से पैसा निकालकर दूसरी स्कीम में लगाने पर पुरानी होल्डिंग की बिक्री से हुए मुनाफे पर टैक्स लग सकता है। नई व्यवस्था में एक साल से ज्यादा पुरानी पात्र यूनिट्स को दूसरी स्कीम में बदलने पर टैक्स छूट देने का सुझाव है। इससे निवेशक बाजार की स्थिति के अनुसार अपनी स्कीम बदल सकेंगे।

भारत में म्यूचुअल फंड निवेश लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू म्यूचुअल फंड उद्योग करीब 82.6 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति का प्रबंधन कर रहा है। हालांकि, यह साफ नहीं है कि प्रस्ताव लागू होने पर किन स्कीमों को छूट मिलेगी और इसके लिए क्या शर्तें रखी जाएंगी। इन सवालों का जवाब सरकार के अंतिम फैसले के बाद ही मिलेगा।

सरकार कब ले सकती है LTCG टैक्स पर फैसला?

सेबी ने अपनी सिफारिशें अगले केंद्रीय बजट से पहले सरकार को दी हैं। फरवरी 2027 में बजट पेश होने की उम्मीद है। ऐसे में टैक्स में बदलाव को लेकर निवेशकों की नजर वित्त मंत्रालय पर रहेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पहले भी कह चुकी हैं कि घरेलू और विदेशी निवेशकों ने LTCG तथा STT को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखी हैं। हालांकि, सरकार ने अभी इन टैक्सों में कटौती का कोई वादा नहीं किया है।

अगर सरकार सेबी की सिफारिश स्वीकार करती है, तो विदेशी निवेशकों और म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वालों को फायदा मिल सकता है। लेकिन तब तक मौजूदा टैक्स नियम ही लागू रहेंगे।

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