आठवें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने की मांग तेज हो गई है। कर्मचारी संगठनों ने सालाना इंक्रीमेंट 3 फीसदी से बढ़ाकर 5 से 7 फीसदी करने को कहा है। अगर सरकार 7 फीसदी बढ़ोतरी पर सहमत होती है, तो लेवल 9, 10 और 11 में काम करने वाले कर्मचारियों को हर साल बेसिक सैलरी में ज्यादा फायदा मिल सकता है।
बिजनेस न्यूज़: केंद्रीय कर्मचारियों की तनख्वाह में हर साल कितनी बढ़ोतरी होनी चाहिए, इसे लेकर आठवें वेतन आयोग के सामने नई मांग रखी गई है। आयोग ने 22 और 23 अक्टूबर 2026 को मुंबई में कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स के प्रतिनिधियों से बातचीत की थी। बैठक में वेतन और पेंशन के अलावा अलग-अलग भत्तों का मुद्दा भी उठा। कर्मचारी संगठनों ने कहा कि अभी बेसिक सैलरी में सालाना 3 फीसदी की बढ़ोतरी होती है, जो अब बढ़कर कम से कम 5 फीसदी और अधिकतम 7 फीसदी होनी चाहिए।
कर्मचारी संगठनों ने कितने प्रतिशत इंक्रीमेंट की मांग की?
सातवें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को हर साल बेसिक सैलरी पर लगभग 3 प्रतिशत इंक्रीमेंट मिलता है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के खर्च को देखते हुए इस दर में बदलाव जरूरी है। उनका मानना है कि ज्यादा सालाना इंक्रीमेंट मिलने से कर्मचारियों को वेतन आयोग के अगले बड़े संशोधन का इंतजार कम करना पड़ेगा।
नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने अपने ज्ञापन में 6 प्रतिशत सालाना इंक्रीमेंट की मांग रखी है। ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉयीज फेडरेशन (AIDEF) और फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशंस (FNPO) ने भी इतनी ही बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। वहीं, ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लॉयीज फेडरेशन (AINPSEF) ने 7 प्रतिशत इंक्रीमेंट की मांग की है।
इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने 5 प्रतिशत की दर का सुझाव दिया है। फिलहाल आयोग इन प्रस्तावों पर विचार कर रहा है। सरकार की मंजूरी के बिना किसी भी प्रस्ताव को लागू नियम नहीं माना जा सकता।
लेवल 9 और 10 के कर्मचारियों को कितना फायदा हो सकता है?
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अगर आठवें वेतन आयोग में 2.28 का फिटमेंट फैक्टर और 7 प्रतिशत सालाना इंक्रीमेंट लागू होता है, तो लेवल 9 के कर्मचारियों को फायदा मिल सकता है। हालांकि, यह फिटमेंट फैक्टर भी अभी केवल अनुमान है। सातवें वेतन आयोग के तहत लेवल 9 की शुरुआती बेसिक सैलरी 53,100 रुपये है। अगर इसे 2.28 के फिटमेंट फैक्टर से गुणा किया जाए, तो नई अनुमानित बेसिक सैलरी 1,21,068 रुपये होगी।
इस रकम पर 3 प्रतिशत इंक्रीमेंट के हिसाब से अगले साल मासिक बेसिक सैलरी में लगभग 3,632 रुपये की बढ़ोतरी होगी। वहीं, 7 प्रतिशत इंक्रीमेंट मिलने पर यह बढ़ोतरी करीब 8,475 रुपये होगी। यानी दोनों दरों के बीच हर महीने की बेसिक सैलरी में लगभग 4,843 रुपये का अंतर आएगा। लेवल 10 में फिलहाल शुरुआती बेसिक सैलरी 56,100 रुपये है। 2.28 के अनुमानित फिटमेंट फैक्टर पर यह बढ़कर 1,27,908 रुपये हो सकती है।
इस बेसिक सैलरी पर 3 प्रतिशत इंक्रीमेंट से करीब 3,837 रुपये और 7 प्रतिशत इंक्रीमेंट से लगभग 8,954 रुपये की बढ़ोतरी होगी। इस तरह दोनों दरों के बीच मासिक बेसिक सैलरी का अंतर लगभग 5,117 रुपये रहेगा। ये आंकड़े केवल संभावित वेतन वृद्धि समझाने के लिए हैं। अंतिम राशि सरकार की मंजूर पे मैट्रिक्स और वेतन निर्धारण के नियमों पर निर्भर करेगी।
लेवल 11 के कर्मचारियों की सैलरी कितनी बढ़ेगी?
सातवें वेतन आयोग के तहत लेवल 11 के कर्मचारियों की शुरुआती बेसिक सैलरी 67,700 रुपये है। अगर आठवें वेतन आयोग में 2.28 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो यह बढ़कर 1,54,356 रुपये हो सकती है। इस सैलरी पर हर साल 3 प्रतिशत इंक्रीमेंट मिलता है तो करीब 4,631 रुपये बढ़ेंगे। वहीं, सरकार 7 प्रतिशत इंक्रीमेंट की मांग मान लेती है तो बढ़ोतरी लगभग 10,805 रुपये होगी।
यानी 3 प्रतिशत के मुकाबले 7 प्रतिशत इंक्रीमेंट मिलने पर लेवल 11 के कर्मचारियों की सालाना वेतन बढ़ोतरी में करीब 6,174 रुपये का फर्क आएगा। इसका फायदा आने वाले सालों में भी मिल सकता है, क्योंकि अगला इंक्रीमेंट बढ़ी हुई बेसिक सैलरी पर लगेगा। हालांकि, ये आंकड़े अभी अनुमान के आधार पर हैं। इनमें महंगाई भत्ता, मकान का किराया और दूसरे भत्ते नहीं जोड़े गए हैं। इसलिए कर्मचारी के बैंक खाते में आने वाली कुल सैलरी इससे अलग होगी।









