पंजाब के लुधियाना में 1,116 करोड़ रुपये की लागत से नया औद्योगिक प्लांट लगाया जा रहा है। जापान की आइची स्टील और वर्धमान स्पेशल स्टील्स की साझेदारी वाली इस परियोजना की शुरुआत दिसंबर 2025 में मुख्यमंत्री भगवंत मान के जापान दौरे के दौरान हुई थी।
लुधियाना: पंजाब में जापानी निवेश से जुड़ी एक बड़ी औद्योगिक परियोजना अब निर्माण के चरण में पहुंच गई है। लुधियाना में वर्धमान स्पेशल स्टील्स और जापान की आइची स्टील के तकनीकी सहयोग से 1,116 करोड़ रुपये का नया प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इस परियोजना की आधारशिला 27 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रखी थी। खास बात यह है कि दिसंबर 2025 में करीब 500 करोड़ रुपये के संभावित निवेश से शुरू हुई बातचीत बाद में दोगुने से भी बड़े प्रोजेक्ट में बदल गई।
जापान दौरे में हुई थी 500 करोड़ रुपये के निवेश की शुरुआत
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान दिसंबर 2025 में जापान के दौरे पर गए थे। इस दौरान उन्होंने नागोया शहर में आइची स्टील के अधिकारियों से मुलाकात की थी। बैठक में पंजाब में नई औद्योगिक इकाई स्थापित करने और दोनों कंपनियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई थी।
इसी दौरे में आइची स्टील और वर्धमान स्पेशल स्टील्स के बीच एक समझौता ज्ञापन यानी MoU पर हस्ताक्षर किए गए। उस समय करीब 500 करोड़ रुपये के संभावित निवेश की बात सामने आई थी।
आइची स्टील जापान के टोयोटा समूह से जुड़ी कंपनी है। वहीं, वर्धमान स्पेशल स्टील्स लंबे समय से पंजाब में स्टील मैन्युफैक्चरिंग का कारोबार कर रही है। दोनों कंपनियां पहले से व्यावसायिक और तकनीकी सहयोग कर रही हैं।
इस समझौते के बाद पंजाब में नई फैक्ट्री लगाने की योजना को आगे बढ़ाया गया। कंपनियों ने परियोजना की जरूरतों, उत्पादन क्षमता और भविष्य के कारोबार को ध्यान में रखते हुए निवेश का दायरा बढ़ाने का फैसला किया।
500 करोड़ का प्रस्ताव कैसे पहुंचा 1116 करोड़ तक?
शुरुआत में जिस परियोजना पर करीब 500 करोड़ रुपये खर्च करने की संभावना थी, बाद में उसका कुल प्रस्तावित निवेश 1,116 करोड़ रुपये हो गया। अब इस औद्योगिक इकाई को दो चरणों में विकसित करने की योजना है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 27 जुलाई को लुधियाना में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान कहा था कि जापान दौरे में हुई बातचीत अब एक वास्तविक औद्योगिक परियोजना के रूप में आगे बढ़ रही है।
उनके मुताबिक, कंपनियों ने पंजाब में औद्योगिक सुविधाओं और कारोबार की संभावनाओं का आकलन करने के बाद निवेश बढ़ाया।
प्लांट लुधियाना के कोहाड़ा इलाके के माणगढ़ गांव में लगाया जा रहा है। यहां स्टील से ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए जरूरी उपकरण और कलपुर्जे तैयार किए जाएंगे।
नए प्लांट में क्या बनेगा और कब शुरू होगा उत्पादन?
इस फैक्ट्री में जापान की आधुनिक फोर्जिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। फोर्जिंग एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें स्टील को विशेष तकनीक से आकार देकर मजबूत और सटीक कलपुर्जे तैयार किए जाते हैं।
प्लांट में रिंग गियर और दूसरे ऑटोमोबाइल कंपोनेंट बनाए जाएंगे। इनका इस्तेमाल वाहन बनाने वाली कंपनियां अपने अलग-अलग मॉडल में कर सकेंगी।
परियोजना के पहले चरण में एक फोर्जिंग लाइन और जांच के लिए नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग यानी NDT लाइन स्थापित की जाएगी। कंपनी ने मार्च 2028 तक इस चरण को चालू करने का लक्ष्य रखा है।
पंजाब के युवाओं को कितनी नौकरियां मिलेंगी?
इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। पंजाब सरकार के अनुसार, प्लांट से 500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह भी कहा था कि भविष्य में परियोजना का और विस्तार होने पर करीब 2,000 अतिरिक्त रोजगार के अवसर बन सकते हैं।
पंजाब सरकार राज्य में नई औद्योगिक इकाइयों को आकर्षित करने के लिए इन्वेस्ट पंजाब के जरिए सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कह रही है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, निवेशकों को अलग-अलग विभागों में जाने की परेशानी कम करने के लिए एकल संपर्क व्यवस्था बनाई गई है। सरकार का दावा है कि कारोबार से जुड़ी मंजूरियों पर 45 दिनों के भीतर फैसला लेने की व्यवस्था है।
फास्ट-ट्रैक पंजाब के तहत 200 से अधिक कारोबारी सेवाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की बात भी कही गई है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में टाटा स्टील के 3,200 करोड़ रुपये के निवेश और दूसरी बड़ी कंपनियों की औद्योगिक गतिविधियों का भी जिक्र किया था।
फिलहाल वर्धमान और आइची स्टील की परियोजना के लिए अगला महत्वपूर्ण लक्ष्य तय समय पर फैक्ट्री तैयार करना और उत्पादन शुरू करना है। इससे साफ होगा कि प्रस्तावित निवेश से पंजाब के उद्योग और रोजगार को कितना वास्तविक लाभ मिलता है।







