Delhi Ramlila Maidan Rally: CEC के खिलाफ विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, राहुल से अखिलेश-तेजस्वी तक किसने क्या कहा?

Delhi Ramlila Maidan Rally: दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के 20 दलों ने शक्ति प्रदर्शन किया। राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव ने चुनावी

दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के खिलाफ बड़ी रैली की। करीब 20 विपक्षी दलों के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।

नई दिल्ली: राजधानी के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर 2026 को विपक्षी दल एक मंच पर नजर आए। 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आरजेडी, टीएमसी और वाम दलों समेत करीब 20 पार्टियों के नेताओं ने हिस्सा लिया। रैली का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी रहा। विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

राहुल गांधी बोले- ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ना होगा

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में गड़बड़ी करके लोगों के मतदान के अधिकार को प्रभावित किया जा रहा है। राहुल ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से हटना होगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी होनी चाहिए।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष कथित चुनावी अनियमितताओं के मामले में दोनों नेताओं से भी जवाब मांगेगा। अपने भाषण में राहुल ने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद करीब 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। उन्होंने इसे कुल मतदाताओं का लगभग 15 प्रतिशत बताया। 

राहुल ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और हरियाणा समेत कई राज्यों के चुनावों पर भी सवाल उठाए। हालांकि, इन आंकड़ों और चुनावी धांधली के आरोपों को प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल किसी पार्टी की नहीं, बल्कि देश के आम नागरिकों के मतदान के अधिकार से जुड़ी है।

खरगे ने बताया लोकतंत्र बचाने की लड़ाई, इस्तीफे की मांग दोहराई

Delhi Ramlila Maidan Rally: CEC के खिलाफ विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, राहुल से अखिलेश-तेजस्वी तक किसने क्या कहा?

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रामलीला मैदान की रैली को आजादी की दूसरी लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि देशभर से लोग संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए दिल्ली पहुंचे हैं। खरगे ने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में ऐसे लोगों के नाम हटाए गए हैं, जो मतदान करने के पात्र हैं। उन्होंने दावा किया कि देशभर में करीब 14 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए।

कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ जांच की मांग की। उन्होंने किसान आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह सरकार को तीन कृषि कानून वापस लेने पड़े थे, उसी तरह चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर भी विपक्ष अपना आंदोलन जारी रखेगा।

अखिलेश का तंज- जमीन नहीं बचेगी तो अंगद का पैर कहां रखेंगे?

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने भाषण में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक बयान पर पलटवार किया। शाह ने उत्तर प्रदेश में भाजपा की स्थिति की तुलना अंगद के पैर से की थी। अखिलेश ने सवाल किया कि जब जमीन ही नहीं बचेगी तो अंगद का पैर कहां रखा जाएगा। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता भाजपा के खिलाफ जवाब देने के लिए तैयार है।

सपा प्रमुख ने रामलीला मैदान को लोकतंत्र की हल्दीघाटी बताया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में आम मतदाता प्रभावित हो रहे हैं।

Delhi Ramlila Maidan Rally: CEC के खिलाफ विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, राहुल से अखिलेश-तेजस्वी तक किसने क्या कहा?

तेजस्वी ने कुरुक्षेत्र का जिक्र किया, ममता ने एकजुटता की अपील की

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मतदाता सूची विवाद की तुलना महाभारत से की। उन्होंने कहा कि जिस तरह महाभारत में जुए के खेल से विवाद शुरू हुआ था, उसी तरह आज लोकतंत्र में भी गलत तरीकों के इस्तेमाल का आरोप लग रहा है। तेजस्वी ने लोगों से संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग भी उठाई।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि विपक्षी दलों को आपसी मतभेद भुलाकर लोकतंत्र और मतदान के अधिकार के मुद्दे पर साथ आना चाहिए। ममता ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल हुआ और चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर संघर्ष जारी रखेगी।

खुली गाड़ी में पहुंचे नेता, भाजपा ने किया पलटवार

रैली से पहले विपक्षी नेता कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के आवास पर जुटे। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, ममता बनर्जी और कई अन्य नेता खुली गाड़ियों में सवार होकर मिंटो रोड पहुंचे। वहां से रामलीला मैदान तक मार्च निकाला गया। रैली में सोनिया गांधी, सुप्रिया सुले, संजय राउत, फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, एमए बेबी और दीपांकर भट्टाचार्य भी मौजूद रहे। कांग्रेस ने मैदान के अंदर और बाहर लाखों लोगों के जुटने का दावा किया, लेकिन इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

दूसरी ओर, भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए रैली को असफल बताया। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी के 2024 के लोकसभा चुनाव संबंधी आरोपों पर सवाल उठाए। भाजपा ने विपक्ष पर चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया।

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