शिमला में दीपावली की खरीदारी के बीच मिट्टी के दीयों की मांग बढ़ रही है। बाजार में सामान्य दीयों के साथ रंगीन, खुशबूदार और पानी में तैरने वाले दीये भी बिक रहे हैं। इनकी कीमत 30 से 200 रुपये प्रति दर्जन तक है।
शिमला: दीपावली नजदीक आते ही शिमला के बाजारों में मिट्टी के दीयों की दुकानें सज गई हैं। बिजली की रंगीन लड़ियां और फैंसी लाइटें मिलने के बावजूद लोग मिट्टी के दीये खरीद रहे हैं। इस बार दुकानदारों ने ग्राहकों के लिए छोटे-बड़े दीयों के साथ कई नए डिजाइन भी रखे हैं। बाजार में 30 रुपये दर्जन से दीये मिल रहे हैं, जबकि ज्यादा सजावट वाले कुछ दीयों की कीमत 200 रुपये दर्जन तक पहुंच रही है।
शिमला के बाजारों में मिट्टी के दीयों की बढ़ी बिक्री, फैंसी लाइट के बीच कायम है पुरानी परंपरा
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में दीपावली की खरीदारी शुरू होने के साथ बाजारों की रौनक बढ़ने लगी है। दुकानों पर बिजली की झालरें, एलईडी लाइट और सजावट का दूसरा सामान दिखाई दे रहा है। इसी बीच मिट्टी के दीयों की भी अच्छी मांग बनी हुई है। लोग घरों के दरवाजों, आंगन और पूजा की जगह को रोशन करने के लिए अलग-अलग आकार के दीये खरीद रहे हैं।
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दीपावली पर घर को रोशनी से सजाने के लिए अब कई आधुनिक विकल्प मौजूद हैं। इसके बावजूद मिट्टी के दीये लोगों की पहली पसंद में शामिल हैं। खासकर पूजा के लिए सामान्य मिट्टी के दीयों की खरीदारी की जा रही है। वहीं घर की सजावट के लिए रंगीन और डिजाइन वाले दीये भी पसंद किए जा रहे हैं।
बाजार में इस बार पारंपरिक दीयों के साथ कई तरह के सजावटी दीपक रखे गए हैं। ग्राहक अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से इन्हें खरीद सकते हैं। दुकानदारों ने छोटे दीयों से लेकर बड़े आकार वाले दीपकों तक कई विकल्प उपलब्ध कराए हैं।
30 रुपये दर्जन से शुरू हो रही मिट्टी के दीयों की कीमत
शिमला के बाजार में सामान्य मिट्टी के दीयों की कीमत 30 रुपये प्रति दर्जन से शुरू हो रही है। ये छोटे आकार के दीये हैं, जिन्हें लोग पूजा और घर के अलग-अलग हिस्सों में जलाने के लिए खरीदते हैं।
रंगीन और डिजाइन वाले दीयों की कीमत सामान्य दीयों से कुछ ज्यादा है। बाजार में ऐसे दीपक 50 से 100 रुपये प्रति दर्जन तक मिल रहे हैं। इनमें अलग-अलग रंग और सजावट के डिजाइन देखने को मिल रहे हैं।
वहीं बड़े आकार के दीयों की कीमत 50 से 200 रुपये प्रति दर्जन तक रखी गई है। इनका इस्तेमाल मुख्य दरवाजे, मंदिर और आंगन की सजावट के लिए किया जा सकता है। आकार और डिजाइन के अनुसार दुकानों पर कीमत अलग-अलग हो सकती है।
एक ही बाजार में कई तरह के दीये मिलने से ग्राहकों को अपनी पसंद का सामान चुनने में आसानी हो रही है। जो लोग कम खर्च में ज्यादा दीये खरीदना चाहते हैं, उनके लिए सामान्य मिट्टी के दीपक उपलब्ध हैं। वहीं खास सजावट के लिए रंगीन और बड़े दीये भी खरीदे जा रहे हैं।
मटका दीया और पानी में तैरने वाले दीपक भी बाजार में आए
इस बार शिमला के दुकानदारों ने सामान्य दीयों के अलावा कुछ खास डिजाइन भी रखे हैं। इनमें मटका दीया, खुशबू वाले दीपक और पानी में तैरने वाले दीये शामिल हैं। इनकी बनावट सामान्य मिट्टी के दीयों से अलग है।
मटके के आकार वाले दीये अपनी खास बनावट के कारण ग्राहकों का ध्यान खींच रहे हैं। वहीं खुशबू वाले दीये भी बाजार में उपलब्ध हैं। पानी पर तैरने वाले दीपकों को सजावटी बर्तनों या पानी से भरे पात्रों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
इन दीयों की कीमत उनके आकार और डिजाइन के अनुसार तय की गई है। कुछ ग्राहक सामान्य दीपकों के साथ सजावट के लिए खास तरह के दीये भी खरीद रहे हैं। बाजार में अलग-अलग विकल्प होने से लोग अपनी पसंद के अनुसार दीपावली की सजावट कर सकते हैं।
फैंसी लाइट से अलग है मिट्टी के दीयों का धार्मिक महत्व
दीपावली पर मिट्टी के दीये जलाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। इस त्योहार पर लोग घरों की सफाई और सजावट के साथ पूजा की जगह पर दीपक जलाते हैं। यही कारण है कि आधुनिक रोशनी के साधन आने के बाद भी मिट्टी के दीयों का महत्व बना हुआ है।
खरीदारों का मानना है कि बिजली की लड़ियां और आर्टिफिशियल दीपक देखने में आकर्षक जरूर होते हैं, लेकिन मिट्टी के दीयों से जुड़ी परंपरा अलग है। कई परिवार आज भी दीपावली की पूजा में मिट्टी के दीपक इस्तेमाल करना पसंद करते हैं।
मिट्टी के दीयों की एक खास बात यह भी है कि सही तरह से संभालकर रखने पर इन्हें दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। इस्तेमाल के बाद दीयों को साफ करके सुरक्षित रखा जा सकता है। हालांकि, टूटे हुए दीयों का दोबारा उपयोग करना मुश्किल होता है।
स्थानीय दीया कारोबारियों के लिए दीपावली का त्योहार अहम
दीपावली के समय मिट्टी के दीयों की खरीदारी बढ़ने से इन्हें बनाने और बेचने वाले लोगों को भी कारोबार का अवसर मिलता है। छोटे दुकानदारों के लिए त्योहार के दौरान होने वाली बिक्री खास महत्व रखती है।
शिमला के बाजारों में इस समय सामान्य से लेकर सजावटी दीयों तक कई किस्में उपलब्ध हैं। ऐसे में लोग अपने बजट के अनुसार खरीदारी कर सकते हैं। खासकर जो परिवार परंपरागत तरीके से दीपावली मनाना चाहते हैं, उनके लिए मिट्टी के दीये आज भी जरूरी सामान में शामिल हैं।







