Sam Altman के RAM वाले बयान पर भड़के Elon Musk, कहा- लोगों को भी अपने कंप्यूटर की मेमोरी का हक

OpenAI CEO Sam Altman के कंप्यूटर RAM को लेकर दिए बयान पर Elon Musk ने जवाब दिया है। जानें डेटा सेंटर, मेमोरी की कमी और बढ़ती कीमतों को लेकर पूरा विवाद।

OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने पर्सनल कंप्यूटर में RAM के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि सीमित मेमोरी का बेहतर इस्तेमाल डेटा सेंटर में हो सकता है। इस बयान पर एलन मस्क ने भी प्रतिक्रिया दी है।

Tech: दुनिया भर में RAM की कमी और बढ़ती कीमतों के बीच OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन का एक बयान चर्चा में आ गया है। उन्होंने कहा कि लोगों के पर्सनल कंप्यूटर में बड़ी मात्रा में मेमोरी का कम इस्तेमाल होना संसाधनों के लिहाज से ठीक नहीं है। उनके इस बयान पर Tesla और xAI के प्रमुख एलन मस्क ने भी जवाब दिया है। मस्क का कहना है कि लोगों को अपने कंप्यूटर में RAM रखने का पूरा हक है।

सैम ऑल्टमैन ने कंप्यूटर की RAM को लेकर क्या कहा?

सैम ऑल्टमैन ने हाल ही में Cheeky Pint पॉडकास्ट में AI और कंप्यूटर मेमोरी की बढ़ती जरूरत पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया में DRAM की सप्लाई सीमित है। ऐसे में बड़ी मात्रा में मेमोरी लोगों के निजी कंप्यूटर में लगी रहे और उसका बहुत कम इस्तेमाल हो, तो यह संसाधनों का सही उपयोग नहीं है।

Sam Altman के RAM वाले बयान पर भड़के Elon Musk, कहा- लोगों को भी अपने कंप्यूटर की मेमोरी का हक

ऑल्टमैन के मुताबिक, पर्सनल कंप्यूटर में लगी RAM कई बार सिर्फ 5 प्रतिशत समय ही इस्तेमाल होती है। दूसरी तरफ डेटा सेंटर में मौजूद मेमोरी दिनभर अलग-अलग यूजर्स के काम आ सकती है। उनका मानना है कि जब मेमोरी चिप की कमी चल रही हो, तब क्लाउड सिस्टम में उसका ज्यादा इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

उन्होंने यह बात उस चर्चा के दौरान कही, जिसमें लोग अपने कंप्यूटर पर ही AI मॉडल चलाने की संभावना पर बात कर रहे थे। ऑल्टमैन का कहना था कि ओपन-सोर्स AI मॉडल आने से डेटा सेंटर की जरूरत पूरी तरह खत्म नहीं होगी।

Elon Musk ने दिया जवाब, सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस

सैम ऑल्टमैन का बयान सामने आने के बाद एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

मस्क ने अपनी पोस्ट में ऑल्टमैन का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी प्रतिक्रिया को इसी बयान से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके अलावा एक यूजर ने ऑल्टमैन की आलोचना करते हुए पोस्ट किया, जिस पर मस्क ने 'Seriously' लिखकर जवाब दिया।

सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने ऑल्टमैन की राय से असहमति जताई है। उनका कहना है कि कंप्यूटर खरीदने वाला व्यक्ति उसमें कितनी RAM रखना चाहता है, यह उसका फैसला होना चाहिए। वहीं, ऑल्टमैन ने अपनी बात मेमोरी की उपलब्धता और उसके बेहतर इस्तेमाल के संदर्भ में रखी थी।

AI डेटा सेंटर की बढ़ती मांग से महंगी हो रही RAM

पिछले कुछ समय से AI कंपनियों की तरफ से मेमोरी चिप की मांग काफी बढ़ी है। बड़े AI मॉडल चलाने के लिए डेटा सेंटर को ज्यादा कंप्यूटिंग पावर और मेमोरी की जरूरत पड़ती है। इसका असर आम ग्राहकों के लिए उपलब्ध RAM की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है।

मेमोरी की लागत बढ़ने से लैपटॉप, स्मार्टफोन और गेमिंग कंसोल बनाने वाली कंपनियों पर दबाव है। कई कंपनियों के लिए पुराने दाम पर डिवाइस बेचना मुश्किल होता जा रहा है।

ऑल्टमैन ने बातचीत के दौरान यह भी स्वीकार किया कि मेमोरी बाजार में मांग और सप्लाई के बीच संतुलन नहीं बन पा रहा है। उन्होंने बताया कि OpenAI अपने चिप और डेटा सेंटर से जुड़ी क्षमताओं पर भी काम कर रही है।

फिलहाल यह साफ नहीं है कि RAM की कीमतों में राहत कब मिलेगी। लेकिन AI इंडस्ट्री की बढ़ती जरूरत ने कंप्यूटर मेमोरी को लेकर नई बहस जरूर शुरू कर दी है।

सवाल सिर्फ यह नहीं है कि डेटा सेंटर में कितनी RAM होनी चाहिए। आम लोगों के लिए भी कंप्यूटर की कीमत, उसकी परफॉर्मेंस और अपने डिवाइस पर AI चलाने की आजादी अहम है। आने वाले समय में मेमोरी की सप्लाई और कीमतें तय करेंगी कि इस बहस का असर आम ग्राहकों पर कितना पड़ता है।

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