उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में बिजली लाइन में खराबी के कारण पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। आंवलाघाट पेयजल योजना से पानी नहीं पहुंचने के कारण 50 हजार से अधिक लोग परेशान हैं। जल संस्थान ने मंगलवार तक आपूर्ति सामान्य करने की बात कही है।
पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में त्योहार के समय लोगों को बिजली के बाद अब पानी की परेशानी झेलनी पड़ रही है। रविवार को दिनभर बिजली कटौती हुई और सोमवार को शहर के कई इलाकों में नलों से पानी नहीं आया। आंवलाघाट पेयजल योजना की बिजली लाइन में खराबी आने से पानी की पंपिंग बंद हो गई। इससे 50 हजार से ज्यादा लोगों को परेशानी हुई। जल संस्थान का कहना है कि खराबी दूर करने का काम चल रहा है और मंगलवार तक आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है।
पिथौरागढ़ में पेयजल संकट गहराया, सुबह से पानी का इंतजार करते रहे लोग
पिथौरागढ़ शहर में सोमवार को बड़ी आबादी को पानी के लिए परेशान होना पड़ा। सुबह लोगों ने रोज की तरह नल खोले, लेकिन पानी नहीं आया। कई परिवार घंटों तक आपूर्ति शुरू होने का इंतजार करते रहे। जब काफी देर तक पानी नहीं पहुंचा तो लोगों ने जल संस्थान से संपर्क किया। विभाग की ओर से बताया गया कि आंवलाघाट पेयजल योजना में तकनीकी समस्या आने के कारण पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
त्योहारी सीजन में पानी नहीं मिलने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई। घरों में साफ-सफाई, खाना बनाने और दूसरे जरूरी कामों के लिए पानी की जरूरत थी, लेकिन नलों में पानी नहीं आने से लोगों को दूसरे इंतजाम करने पड़े।
कई परिवारों को आसपास के प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी जुटाना पड़ा। जिन घरों में पहले से पानी जमा नहीं था, वहां लोगों को ज्यादा परेशानी हुई। अचानक आपूर्ति बंद होने से शहर की रोजमर्रा की व्यवस्था प्रभावित हुई।
आंवलाघाट पेयजल योजना की बिजली लाइन में खराबी से रुकी सप्लाई
पिथौरागढ़ में पानी की समस्या की मुख्य वजह आंवलाघाट पेयजल योजना की बिजली लाइन में आई खराबी है। इस योजना के जरिए पानी को पंप करके शहर तक पहुंचाया जाता है। बिजली लाइन में फॉल्ट आने से पंपिंग नहीं हो सकी और पानी आगे नहीं भेजा जा सका।
आंवलाघाट पेयजल योजना शहर के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इससे हर दिन करीब सात से आठ एमएलडी पानी की आपूर्ति होती है। एक एमएलडी का मतलब दस लाख लीटर पानी होता है। इस हिसाब से योजना के जरिए रोज लगभग 70 से 80 लाख लीटर पानी शहर तक पहुंचाया जाता है।
इस पानी से पिथौरागढ़ नगर की करीब दो तिहाई आबादी की जरूरत पूरी होती है। ऐसे में योजना बंद होने का असर बड़ी संख्या में लोगों पर पड़ता है। सोमवार को भी यही स्थिति रही और 50 हजार से अधिक लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा।
विभाग के अनुसार, बिजली लाइन की खराबी के कारण पानी लिफ्ट नहीं हो सका। जब तक यह तकनीकी समस्या दूर नहीं होती, तब तक योजना से सामान्य आपूर्ति शुरू करना मुश्किल है।
रविवार को बिजली कटौती, सोमवार को पानी की परेशानी
पिथौरागढ़ में पिछले दो दिनों से जरूरी सेवाओं में रुकावट के कारण लोगों की नाराजगी बढ़ रही है। रविवार को शहर के लोगों को दिनभर बिजली कटौती का सामना करना पड़ा था। इसके अगले ही दिन सोमवार को पेयजल आपूर्ति बंद हो गई।
त्योहार के समय बिजली और पानी जैसी जरूरी सेवाओं में लगातार परेशानी आने से लोगों के घरेलू काम प्रभावित हो रहे हैं। खासकर उन परिवारों के लिए मुश्किल बढ़ गई है जो पूरी तरह नगर की नियमित पेयजल आपूर्ति पर निर्भर हैं।
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि त्योहार के दिनों में आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए। पानी की सप्लाई अचानक बंद होने से कई परिवारों को अपनी जरूरत पूरी करने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ी।
प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी लाने को मजबूर हुए लोग
सोमवार को नलों में पानी नहीं आने के बाद लोगों को प्राकृतिक जल स्रोतों का सहारा लेना पड़ा। कई घरों में पहले से जमा पानी खत्म होने के कारण लोगों को बाहर से पानी लाना पड़ा।
पानी की कमी का असर घरों के छोटे-बड़े कामों पर पड़ा। खाना बनाने, बर्तन धोने और साफ-सफाई के लिए भी लोगों को पानी बचाकर इस्तेमाल करना पड़ा।
शहर में पानी की आपूर्ति का बड़ा हिस्सा आंवलाघाट योजना पर निर्भर है। ऐसे में बिजली की खराबी सीधे पेयजल व्यवस्था को प्रभावित कर रही है। इस घटना से यह भी सामने आया है कि महत्वपूर्ण पेयजल योजनाओं के लगातार संचालन के लिए बिजली की भरोसेमंद व्यवस्था कितनी जरूरी है।
मंगलवार तक पानी की आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद
जल संस्थान ने बताया है कि आंवलाघाट पेयजल योजना में आई खराबी को दूर करने का काम किया जा रहा है। विभाग के अनुसार, मंगलवार को पानी की आपूर्ति सामान्य करने का लक्ष्य रखा गया है।
हालांकि, आपूर्ति कब से शुरू होगी और शहर के सभी इलाकों में पानी पहुंचने में कितना समय लगेगा, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी नहीं दी गई है। यह बिजली लाइन की मरम्मत और पानी की पंपिंग दोबारा शुरू होने पर निर्भर करेगा।
फिलहाल शहर के लोगों को पेयजल आपूर्ति बहाल होने का इंतजार है। यदि योजना की खराबी समय पर दूर हो जाती है, तो मंगलवार से लोगों को राहत मिल सकती है।







