रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में दो दिनों के दौरान करीब 12 फीसदी तेजी दर्ज हुई है। कंपनी का मार्केट कैप 17.60 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। इसके साथ ही मुकेश अंबानी की कंपनी दुनिया की 100 सबसे मूल्यवान कंपनियों में लौट आई है।
बिजनेस न्यूज़: मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ग्लोबल मार्केट में एक बार फिर भारत की मौजूदगी दर्ज कराई है। शेयरों में आई जोरदार तेजी के बाद कंपनी दुनिया की टॉप 100 सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में शामिल हो गई है। मार्केट कैप के आधार पर रिलायंस 99वें स्थान पर पहुंची है। खास बात यह है कि इस सूची में जगह बनाने वाली रिलायंस अकेली भारतीय कंपनी है। सोमवार को इसके शेयर करीब 12 फीसदी उछले थे और मंगलवार को भी इनमें बढ़त रही।
दो दिनों में रिलायंस के शेयरों ने पकड़ी रफ्तार
भारतीय शेयर बाजार में इस हफ्ते रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। सोमवार, 2 नवंबर को कंपनी का शेयर बीएसई पर 11.64 फीसदी चढ़कर 1,299 रुपये पर बंद हुआ। यह पिछले छह साल से ज्यादा समय में शेयर की सबसे बड़ी एकदिनी तेजी थी। अगले दिन मंगलवार को भी खरीदारी जारी रही। शेयर 0.55 फीसदी बढ़कर 1,306.20 रुपये पर बंद हुआ। इस तरह दो कारोबारी दिनों में रिलायंस के शेयरों में करीब 12 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।
इस तेजी से कंपनी की बाजार में कुल कीमत बढ़कर करीब 17.60 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई। रिलायंस पहले से ही भारत की सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी है। अब इसने दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों की सूची में भी वापसी कर ली है।
दुनिया की 100 सबसे बड़ी कंपनियों में रिलायंस का कौन-सा नंबर?
कंपनियों की मार्केट वैल्यू पर नजर रखने वाली वेबसाइट Companiesmarketcap.com के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप करीब 187.39 अरब डॉलर है। इसके साथ कंपनी दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों की रैंकिंग में 99वें नंबर पर आ गई है। इस सूची में अमेरिका, चीन और दूसरे विकसित देशों की बड़ी कंपनियों का दबदबा है। ऐसे में किसी भारतीय कंपनी का टॉप 100 में शामिल होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, यह रैंकिंग शेयर बाजार में हर दिन होने वाले उतार-चढ़ाव के साथ बदलती रहती है। रिलायंस के शेयरों में आगे तेजी या गिरावट आने पर उसकी रैंकिंग भी प्रभावित हो सकती है।
आखिर क्यों आई रिलायंस के शेयरों में इतनी तेजी?
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रिलायंस के शेयरों में इस उछाल के पीछे कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजों को अहम वजह माना जा रहा है। जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान कंपनी के तेल से केमिकल बनाने वाले कारोबार का प्रदर्शन बेहतर रहा। इसके अलावा जियो प्लेटफॉर्म्स की कमाई में भी बढ़ोतरी देखने को मिली। दूसरी तिमाही के बेहतर नतीजों के बाद कई बाजार विशेषज्ञों ने कंपनी के कारोबार को लेकर सकारात्मक राय जताई। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा और शेयरों में खरीदारी तेज हुई।
सोमवार की तेजी से रिलायंस की मार्केट वैल्यू में एक ही दिन में करीब 1.84 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। कंपनी के शेयरों में आई इस तेजी का असर सेंसेक्स और निफ्टी पर भी दिखाई दिया।
अमेरिका की 62 कंपनियां टॉप 100 में शामिल
दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में अमेरिकी कंपनियों का सबसे ज्यादा दबदबा है। उपलब्ध रैंकिंग के मुताबिक टॉप 100 में अमेरिका की 62 कंपनियां शामिल हैं। इसके बाद चीन की 10 कंपनियों को जगह मिली है। ब्रिटेन की पांच कंपनियां इस सूची में मौजूद हैं। वहीं फ्रांस और स्विट्जरलैंड की तीन-तीन कंपनियों को जगह मिली है। जापान, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया की दो-दो कंपनियां टॉप 100 में शामिल हैं।
चीन का चाइना कंस्ट्रक्शन बैंक करीब 462.86 अरब डॉलर के मार्केट कैप के साथ 26वें स्थान पर है। भारत की ओर से इस सूची में फिलहाल रिलायंस इंडस्ट्रीज का नाम है।
एनवीडिया पहले और ऐपल दूसरे नंबर पर
दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बनने की दौड़ में अमेरिकी टेक कंपनियां सबसे आगे हैं। ताजा रैंकिंग में एआई चिप बनाने वाली एनवीडिया करीब 4.990 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ पहले स्थान पर पहुंच गई है। आईफोन बनाने वाली ऐपल करीब 4.843 ट्रिलियन डॉलर की वैल्यू के साथ दूसरे नंबर पर है। माइक्रोसॉफ्ट तीसरे, गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट चौथे और अमेजन पांचवें स्थान पर मौजूद हैं।
टॉप 10 में ताइवान की चिप निर्माता कंपनी TSMC को छठा स्थान मिला है। उसका मार्केट कैप करीब 2.099 ट्रिलियन डॉलर है। वहीं सऊदी अरब की तेल कंपनी सऊदी अरामको भी दुनिया की दस सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल है।










