बिहार के भागलपुर जिले में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। अकबरनगर थाना क्षेत्र में बुधवार से लापता युवक दुर्गेश कुमार का शव गुरुवार को पानी से बरामद किया गया। शव मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी मच गई। घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। बेटे की मौत की खबर सुनकर परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक की मां ने गांव के ही तीन युवकों पर बेटे को घर से बुलाकर ले जाने और उसकी हत्या किए जाने की आशंका जताई है। वहीं मृतक के भाई ने बताया कि घटना के दौरान उसके मोबाइल पर एक फोन आया था। फोन करने वाले ने कहा था कि उसके भाई का किसी के साथ विवाद हो गया है और वह जल्दी पहुंचे। इस फोन कॉल के बाद से ही परिवार की चिंता बढ़ गई थी। फिलहाल पुलिस ने तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
मृतक की पहचान किशनपुर पंचायत के गौरीपुर गांव के वार्ड संख्या 11 निवासी दुर्गेश कुमार के रूप में हुई है। वह मनोज राय का पुत्र था। गुरुवार को उसका शव भावनाथपुर बगीचा के समीप पुल के पास पानी में मिला। स्थानीय लोगों ने पानी में शव दिखाई देने की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही अकबरनगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को पानी से बाहर निकलवाया। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों के मुताबिक दुर्गेश मंगलवार की देर शाम से ही लापता था। उसकी मां पुष्पा देवी ने बताया कि पंचायत के ही तीन युवक उनके बेटे को घर से बुलाकर अपने साथ ले गए थे। परिवार को उस समय इस बात का अंदाजा नहीं था कि दुर्गेश के साथ कोई अनहोनी हो सकती है। काफी देर तक जब वह घर वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। परिवार के लोगों ने उन युवकों से भी दुर्गेश के बारे में जानकारी मांगी, जो उसे अपने साथ लेकर गए थे। आरोप है कि युवकों ने स्पष्ट जानकारी देने के बजाय टालमटोल किया और कहा कि वह थोड़ी देर में वापस आ जाएगा।
दुर्गेश के घर नहीं लौटने पर परिवार की चिंता लगातार बढ़ती गई। परिजन उसकी तलाश में जुटे रहे और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई। इसी दौरान उसके भाई सन्नी कुमार के मोबाइल पर एक युवक का फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि दुर्गेश का किसी व्यक्ति के साथ विवाद हो गया है और उसे तुरंत वहां पहुंचना चाहिए। इस सूचना के बाद परिवार के लोग और ज्यादा परेशान हो गए। हालांकि, फोन करने वाले युवक ने विवाद किसके साथ हुआ था और कहां हुआ था, इसकी पूरी जानकारी नहीं दी।
मृतक के भाई सन्नी कुमार के अनुसार दुर्गेश का स्वभाव काफी शांत था। परिवार के लोगों का कहना है कि उसकी किसी से दुश्मनी या विवाद की जानकारी उन्हें नहीं थी। ऐसे में अचानक विवाद होने की बात कहकर फोन किया जाना और इसके बाद दुर्गेश का लापता हो जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। परिजनों को आशंका है कि युवक को किसी साजिश के तहत घर से बुलाकर ले जाया गया था। हालांकि, इस पूरे मामले की वास्तविक वजह क्या थी और फोन करने वाला व्यक्ति कौन था, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।
गुरुवार को जब दुर्गेश का शव पानी से बरामद हुआ तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस बेटे के सकुशल घर लौटने की उम्मीद में परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे, उसकी मौत की खबर ने सभी को झकझोर दिया। मां पुष्पा देवी बेटे का शव देखकर बेसुध हो गईं। परिवार के अन्य सदस्यों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल और मृतक के घर पहुंचने लगे। पूरे गांव में मातम का माहौल बन गया।
मृतक की मां ने तीन युवकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि बेटे को घर से बुलाकर ले जाने के बाद उसकी मौत हो गई। ऐसे में उन युवकों से पूछताछ होनी चाहिए और घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। परिवार का आरोप है कि दुर्गेश को किस वजह से घर से बुलाया गया था और उसके साथ क्या हुआ, इसकी जानकारी सामने आनी चाहिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अकबरनगर पुलिस ने तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है। पुलिस उनसे लगातार पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि युवक के लापता होने की सूचना मिलने के बाद से ही उसकी तलाश की जा रही थी। गुरुवार को शव बरामद होने के बाद मामले की जांच तेज कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दुर्गेश आखिरी बार किन लोगों के साथ देखा गया था और घटना से पहले उसके साथ क्या हुआ था।
घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला यानी एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया है। टीम घटनास्थल की जांच कर जरूरी नमूने और साक्ष्य जुटाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि वैज्ञानिक जांच से घटना से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। इसके अलावा मृतक के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और घटना से पहले उसके संपर्क में रहे लोगों की जानकारी भी जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
अकबरनगर थानाध्यक्ष रामाशीष कुमार के अनुसार शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि युवक की मौत पानी में डूबने से हुई या उसके साथ किसी तरह की हिंसक घटना हुई थी। पुलिस ने अभी हत्या की पुष्टि नहीं की है और तीनों हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना के बाद गौरीपुर और आसपास के गांवों में भी लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दुर्गेश की मौत के पीछे की सच्चाई सामने आनी चाहिए। परिवार ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द मामले का खुलासा करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
फिलहाल भागलपुर पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि दुर्गेश को घर से बुलाकर कौन ले गया था, उसके भाई को विवाद की सूचना देने वाला व्यक्ति कौन था और आखिर उसका शव भावनाथपुर बगीचा के पास पुल के समीप पानी में कैसे पहुंचा। इन सभी सवालों के जवाब पुलिस की जांच, एफएसएल की रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिलने की उम्मीद है। तीन संदिग्धों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे होने वाले खुलासे पर सभी की नजर बनी हुई है।









