बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पथ निर्माण विभाग के एक अधीक्षण अभियंता के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में की गई इस कार्रवाई के दौरान जांच अधिकारियों को लाखों रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, बैंक खातों में करोड़ों रुपये जमा होने और कई मकान तथा जमीन के दस्तावेज मिले हैं। छापेमारी के दौरान सबसे चौंकाने वाली घटना पटना के दानापुर स्थित गोला रोड आवास पर हुई, जहां SVU की टीम के पहुंचते ही इंजीनियर की पत्नी ने कथित तौर पर घर के पीछे नोटों से भरा बैग फेंक दिया। हालांकि, पहले से सतर्क टीम की नजर उस बैग पर पड़ गई और अधिकारियों ने उसे बरामद कर लिया। इस बैग में 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियां रखी हुई थीं।
यह पूरी कार्रवाई सहरसा में पथ निर्माण अंचल के अधीक्षण अभियंता विजय कुमार के खिलाफ की गई है। SVU को उनके और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद विशेष निगरानी इकाई ने मामला दर्ज कर तलाशी अभियान शुरू किया। बुधवार 4 नवंबर 2026 को SVU की अलग-अलग टीमों ने पटना, सहरसा और औरंगाबाद में उनके पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच एजेंसी की इस कार्रवाई से संबंधित विभाग और अधिकारियों के बीच भी हलचल मच गई।
जानकारी के अनुसार, SVU की टीम जब दानापुर के गोला रोड स्थित साई शरणम आवासीय परिसर पहुंची तो इंजीनियर की पत्नी रानी कुमारी ने शुरुआत में घर का दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया। इसी दौरान घर के पीछे करीब साढ़े आठ लाख रुपये से भरा एक बैग फेंके जाने की बात सामने आई। टीम ने तत्काल उस बैग को बरामद कर लिया। उसमें 500 रुपये के नोटों की गड्डियां रखी थीं। इसके बाद अधिकारियों ने घर के अंदर प्रवेश कर तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान टीम को कई जगहों पर नकदी और कीमती सामान मिले। बताया गया कि छापेमारी के समय अधीक्षण अभियंता विजय कुमार अपने आवास पर मौजूद नहीं थे।
SVU की तलाशी में आवास से कुल 31 लाख 42 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा करीब 23 लाख 23 हजार रुपये मूल्य के सोने और चांदी के आभूषण भी मिले हैं। जांच एजेंसी ने इन सभी सामानों को अपनी जांच के दायरे में लिया है। अधिकारियों को इंजीनियर और उनकी पत्नी के नाम पर कई बैंक खातों और सावधि जमा यानी एफडी में बड़ी रकम जमा होने की जानकारी भी मिली है। शुरुआती सत्यापन में बैंक खातों में करीब 1 करोड़ 29 लाख 46 हजार रुपये जमा होने का पता चला है। इसके अतिरिक्त दो अन्य बैंक खातों में लगभग 10 लाख रुपये जमा होने से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं।
जांच के दौरान सबसे महत्वपूर्ण खुलासा इंजीनियर की आय से अधिक संपत्ति को लेकर हुआ है। SVU के शुरुआती आकलन के अनुसार विजय कुमार के पास उनकी वैध और ज्ञात आय के मुकाबले करीब 3 करोड़ 28 लाख 70 हजार रुपये की अधिक संपत्ति होने का आरोप है। एजेंसी के मुताबिक यह संपत्ति उनकी ज्ञात आय से लगभग 139 प्रतिशत अधिक बताई गई है। इस मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच एजेंसी अब बरामद नकदी, बैंक खातों, निवेश और अचल संपत्तियों के स्रोत का पता लगा रही है। अधिकारियों का मानना है कि सभी दस्तावेजों का मूल्यांकन पूरा होने के बाद संपत्ति का कुल आंकड़ा और बढ़ सकता है।
SVU की जांच में यह भी सामने आया है कि विजय कुमार और उनकी पत्नी रानी कुमारी के नाम पर पटना और दानापुर के अलग-अलग इलाकों में फ्लैट, भूखंड और बहुमंजिला मकान हैं। पटना के पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र के महेश नगर स्थित प्रेमा रेजिडेंसी अपार्टमेंट में इंजीनियर के नाम पर एक फ्लैट मिला है। इसके अलावा दानापुर के गोला रोड स्थित रामजयपाल नगर में उनकी पत्नी के नाम पर दो भूखंड और सहजादपुर में भी एक भूखंड होने की जानकारी सामने आई है। जांच टीम इन सभी संपत्तियों के खरीद से जुड़े दस्तावेजों और भुगतान के स्रोत की पड़ताल कर रही है।
छापेमारी के दौरान गोला रोड की वास्तुगंगा कॉलोनी में पति-पत्नी के नाम पर दो बहुमंजिला मकानों का भी खुलासा हुआ है। इनमें एक मकान छह मंजिला बताया गया है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपये है। वहीं दूसरा मकान तीन मंजिला है, जिसकी कीमत करीब 75 लाख रुपये आंकी गई है। इन मकानों के अलावा फ्लैट और जमीन के भूखंडों को मिलाकर इंजीनियर और उनकी पत्नी के नाम पर तीन करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्ति होने की जानकारी मिली है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी संपत्ति खरीदने के लिए इस्तेमाल की गई रकम कहां से आई और क्या उसका संबंध उनकी सरकारी सेवा से प्राप्त वैध आय से है।
बैंक खातों की जांच में भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। इंजीनियर और उनकी पत्नी के नाम पर भारतीय स्टेट बैंक तथा बैंक ऑफ बड़ौदा सहित अलग-अलग बैंकों में खाते होने की जानकारी मिली है। इन खातों में जमा रकम और उनके बीच हुए लेनदेन की जांच की जा रही है। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया सहित अन्य बैंकों से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। अधिकारियों को भारतीय जीवन बीमा निगम और टाटा एआईजी जैसी कंपनियों में निवेश तथा बीमा से जुड़े कागजात भी मिले हैं। SVU इन सभी निवेशों का मूल्यांकन कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इंजीनियर ने अपनी आय के अनुपात में कितना निवेश किया है।
जांच एजेंसी को इंजीनियर के नाम पर वाहनों की जानकारी भी मिली है। अब तक सामने आए दस्तावेजों के अनुसार उनके नाम पर एक स्कॉर्पियो और एक आई-10 कार पंजीकृत है। इन वाहनों के खरीद मूल्य और भुगतान के स्रोत की भी जांच की जा सकती है। एजेंसी का उद्देश्य केवल नकदी बरामद करना नहीं, बल्कि अधिकारी और उनके परिवार के नाम पर अर्जित पूरी चल-अचल संपत्ति का हिसाब जुटाना है।
इस कार्रवाई के तहत SVU ने केवल पटना के आवासों तक ही तलाशी सीमित नहीं रखी। टीम ने सहरसा में अधीक्षण अभियंता के सरकारी कार्यालय और आवासीय परिसर में भी छापेमारी की। इसके अलावा औरंगाबाद जिले के दाउदनगर स्थित ब्राह्मण टोली में उनके पैतृक आवास की भी तलाशी ली गई। पटना के महेश नगर स्थित प्रेमा रेजिडेंसी अपार्टमेंट में फ्लैट की भी जांच की गई। इस तरह पांच अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई कर संपत्ति और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज जुटाए गए।
जानकारी के अनुसार विजय कुमार ने 22 दिसंबर 2004 को सरकारी सेवा में योगदान दिया था। इसके बाद वे पटना, गया और सहरसा सहित बिहार के अलग-अलग स्थानों पर पदस्थापित रहे। वर्तमान में वे सहरसा के पथ निर्माण अंचल में अधीक्षण अभियंता के पद पर तैनात थे। SVU अब उनके पूरे सेवाकाल के दौरान प्राप्त वेतन, भत्ते और अन्य वैध आय का आकलन कर रही है। इसके साथ ही परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों और बैंक खातों में जमा रकम का भी मिलान किया जा रहा है।
आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करती है कि किसी सरकारी अधिकारी की कुल संपत्ति उसकी ज्ञात और वैध आय के अनुपात में है या नहीं। यदि अधिकारी की संपत्ति और निवेश उसकी वैध आय से काफी अधिक पाए जाते हैं और उसका संतोषजनक स्रोत सामने नहीं आता है तो भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत कार्रवाई की जाती है। विजय कुमार के मामले में भी SVU इसी आधार पर दस्तावेजों की जांच कर रही है।
फिलहाल इस पूरे मामले में SVU की जांच जारी है। एजेंसी बरामद 31.42 लाख रुपये नकद, 23.23 लाख रुपये के आभूषण, बैंक खातों में जमा रकम, बीमा और निवेश के दस्तावेजों के साथ जमीन और मकानों की वास्तविक कीमत का आकलन कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इंजीनियर की कुल संपत्ति कितनी है और उसमें से कितनी संपत्ति उनकी वैध आय से अधिक है। बिहार में सरकारी अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों में लगातार हो रही कार्रवाई के बीच इस छापेमारी को बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।









