हरियाणा के पानीपत रोडवेज डिपो से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के करनाल कार्यक्रम के लिए 122 बसें भेजी गई हैं। इससे दिवाली पर घर जाने वाले यात्रियों को परेशानी हो रही है। बस स्टैंड पर लंबा इंतजार करने के बाद कई लोग निजी बसों से सफर कर रहे हैं।
पानीपत: दिवा पर घर लौटने की तैयारी कर रहे लोगों को पानीपत बस स्टैंड पर बसों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के करनाल में आयोजित कार्यक्रम के लिए पानीपत रोडवेज डिपो से 122 बसें भेजी गई हैं। इसके चलते नियमित यात्रियों को समय पर बस नहीं मिल रही है। कोई एक घंटे से बस का इंतजार कर रहा है तो कोई निजी बस में बैठकर अपने सफर पर निकल रहा है। त्योहार के समय यह परेशानी यात्रियों के लिए और बढ़ गई है।
करनाल में अमित शाह के कार्यक्रम के लिए भेजी गईं बसें
हरियाणा के करनाल में गुरुवार, 5 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के लिए पानीपत रोडवेज डिपो की 122 बसों को भेजा गया है। बड़ी संख्या में बसें कार्यक्रम की ड्यूटी पर लगने से पानीपत बस स्टैंड पर सामान्य बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
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त्योहार के दिनों में पानीपत से दूसरे शहरों के लिए सफर करने वालों की संख्या पहले ही बढ़ी हुई है। ऐसे में बसों की उपलब्धता कम होने से यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए ज्यादा समय निकालना पड़ रहा है।
बस स्टैंड पर पहुंचने के बाद कई लोगों को काफी देर तक बस नहीं मिल रही है। जिन यात्रियों को जल्दी घर पहुंचना है, वे दूसरी बसों की तलाश कर रहे हैं।
दिवाली पर घर जाने वालों की बढ़ी परेशानी
दिवाली नजदीक आने के साथ पानीपत में नौकरी करने वाले लोग अपने गांव और शहर लौट रहे हैं। दूसरे शहरों में पढ़ने वाले विद्यार्थी भी त्योहार मनाने के लिए घर जा रहे हैं। इसी कारण इन दिनों बस स्टैंड पर सामान्य दिनों के मुकाबले यात्रियों की आवाजाही ज्यादा है।
कई लोग सुबह ही अपना सामान लेकर बस स्टैंड पहुंच रहे हैं, लेकिन बसों के इंतजार में उनका काफी समय निकल रहा है। यात्रियों को एक घंटे या उससे ज्यादा देर तक खड़े रहना पड़ रहा है।
बसों की कमी का असर उन लोगों पर भी पड़ रहा है, जिन्हें जरूरी काम से दूसरे शहर जाना है। उनके लिए समय पर बस मिलना मुश्किल हो रहा है।
निजी बसों में सफर करने को मजबूर यात्री
रोडवेज बसों का इंतजार लंबा होने के कारण कई यात्री निजी बसों का सहारा ले रहे हैं। कुछ लोग बस स्टैंड पर खड़े होकर सरकारी बस आने का इंतजार करते हैं, लेकिन ज्यादा देर होने पर दूसरी बस से निकलना बेहतर समझ रहे हैं।
दिल्ली जाने वाले यात्री सुदेश ने भी बसों की कमी पर परेशानी जताई। उनका कहना है कि त्योहार के समय रोडवेज को अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि घर लौटने वाले लोगों को दिक्कत न हो।
त्योहार पर यात्रियों की संख्या बढ़ना सामान्य बात है। इस समय बसों की उपलब्धता कम होने से लोगों को अपनी यात्रा का समय बदलना पड़ रहा है। खासकर लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों के सामने मुश्किल ज्यादा है।
पहले बढ़ाए थे बसों के फेरे, अब सामने आई कमी
पानीपत रोडवेज ने दिवाली को देखते हुए पहले कई मार्गों पर बसों के अतिरिक्त फेरे शुरू किए थे। यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखकर यह व्यवस्था की गई थी।
तीन नवंबर को सामने आई जानकारी के अनुसार, पानीपत डिपो से रोजाना 126 बसें अलग-अलग मार्गों पर चल रही थीं। दिल्ली, रोहतक, सिरसा, हरिद्वार, अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर जाने वाले यात्रियों की संख्या अधिक थी। इन मार्गों पर यात्रियों की जरूरत के अनुसार अतिरिक्त फेरे लगाए जा रहे थे।
लेकिन अब अमित शाह के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बसों की ड्यूटी लगने से सामान्य परिवहन व्यवस्था पर असर पड़ा है। इसका सबसे ज्यादा सामना उन यात्रियों को करना पड़ रहा है, जो त्योहार के कारण घर जाना चाहते हैं।
दूसरे जिलों की रोडवेज सेवाओं पर भी असर
केंद्रीय गृह मंत्री के कार्यक्रम को लेकर केवल पानीपत ही नहीं, हरियाणा के दूसरे जिलों से भी बसों की व्यवस्था की गई है। करनाल डिपो की 78 बसों को कार्यक्रम संबंधी ड्यूटी में लगाया गया है। इससे वहां भी कुछ नियमित मार्गों पर बस सेवाएं प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
पानीपत में यात्रियों को इस बात का इंतजार है कि सामान्य बस सेवाएं कब तक पूरी तरह बहाल होंगी। फिलहाल डिपो की 122 बसें कार्यक्रम के लिए भेजे जाने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है।
त्योहार पर घर जाने वालों के लिए समय पर बस मिलना जरूरी है। ऐसे में यात्री चाहते हैं कि रोडवेज विभाग भीड़ वाले मार्गों पर पर्याप्त बसों की व्यवस्था करे, ताकि उन्हें घंटों इंतजार न करना पड़े।









