झुंझुनूं की 107 ग्राम पंचायतों में सरपंच-पंच के लिए मतदान, जानें कहां कितनी सीटें

झुंझुनूं की 107 ग्राम पंचायतों में सरपंच-पंच के लिए मतदान जारी। जानें नवलगढ़, गोठड़ा, उदयपुरवाटी और गुढ़ागौड़जी का पूरा चुनाव अपडेट।

झुंझुनूं जिले की चार पंचायत समितियों की 107 ग्राम पंचायतों में आज सरपंच और वार्ड पंच चुनने के लिए मतदान हो रहा है। इनमें नवलगढ़ की 26, गोठड़ा की 25, उदयपुरवाटी की 24 और गुढ़ागौड़जी की 32 ग्राम पंचायतें शामिल हैं।

झुंझुनूं: राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के तीसरे चरण के तहत गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को झुंझुनूं जिले की 107 ग्राम पंचायतों में वोट डाले जा रहे हैं। गांवों की नई पंचायत चुनने के लिए मतदाता अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। इस चरण में नवलगढ़, गोठड़ा, उदयपुरवाटी और गुढ़ागौड़जी पंचायत समितियों के सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए चुनाव हो रहा है। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना की जाएगी।

चार पंचायत समितियों में हो रहा चुनाव

झुंझुनूं जिले में पंचायती राज चुनाव का तीसरा चरण चल रहा है। इस बार जिले की चार पंचायत समितियों के अंतर्गत आने वाले गांवों में सरपंच और वार्ड पंच चुने जा रहे हैं। चुनाव के लिए मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक चलेगा।

झुंझुनूं की 107 ग्राम पंचायतों में सरपंच-पंच के लिए मतदान, जानें कहां कितनी सीटें

चारों पंचायत समितियों में सबसे अधिक 32 ग्राम पंचायतें गुढ़ागौड़जी क्षेत्र की हैं। इसके बाद नवलगढ़ की 26, गोठड़ा की 25 और उदयपुरवाटी की 24 ग्राम पंचायतों में चुनाव हो रहा है।

इन सभी पंचायतों में स्थानीय लोग अपने गांव का नया नेतृत्व चुनेंगे। सरपंच पद के साथ अलग-अलग वार्डों में पंच का चुनाव भी किया जा रहा है। चुनाव पूरा होने के बाद गांवों में नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

सरपंच के साथ 1197 वार्ड पंच पदों पर चुनाव

तीसरे चरण में सरपंच पदों के अलावा कुल 1197 वार्ड पंच पदों के लिए भी चुनाव कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इन पदों के लिए 4 नवंबर को नामांकन की प्रक्रिया रखी गई थी। इसके अगले दिन यानी 5 नवंबर को मतदान कराया जा रहा है।

ग्राम पंचायत चुनाव में सरपंच पूरे गांव की पंचायत का नेतृत्व करता है, जबकि वार्ड पंच अपने क्षेत्र के लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। पंचायत की बैठकों में गांव से जुड़े फैसलों पर चर्चा होती है और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में दोनों की भूमिका रहती है।

यही वजह है कि पंचायत चुनाव सीधे तौर पर ग्रामीण लोगों से जुड़े होते हैं। गांव की सड़क, पानी, सफाई, सार्वजनिक सुविधाएं और सरकारी योजनाओं से जुड़े काम पंचायत स्तर पर ही आगे बढ़ाए जाते हैं।

पहले हो चुकी जिला परिषद और पंचायत समिति की वोटिंग

इससे पहले 3 नवंबर को जिले की इन्हीं चार पंचायत समितियों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान कराया गया था। उस चुनाव में जिला परिषद के 13 और पंचायत समिति के 74 वार्ड शामिल थे।

चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक चारों पंचायत समितियों में कुल 4 लाख 44 हजार 465 मतदाता दर्ज थे। इनमें सबसे अधिक 1 लाख 34 हजार 952 मतदाता गुढ़ागौड़जी में थे। नवलगढ़ में 1 लाख 4 हजार 842, गोठड़ा में 1 लाख 1 हजार 474 और उदयपुरवाटी में 1 लाख 3 हजार 197 मतदाता दर्ज थे।

जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के मतदान के लिए 460 बूथ बनाए गए थे। चुनाव व्यवस्था संभालने के लिए 37 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 8 एरिया मजिस्ट्रेट की नियुक्ति भी की गई थी।

मतदान के बाद होगी वोटों की गिनती

पंच और सरपंच चुनाव के लिए तय कार्यक्रम के अनुसार मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना की जाएगी। इसके बाद परिणामों के आधार पर पंचायतों में नए प्रतिनिधियों की स्थिति साफ होगी।

सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव पूरे होने के बाद अगली प्रक्रिया उपसरपंच चुनने की होगी। तीसरे चरण की इन ग्राम पंचायतों में उपसरपंच का चुनाव 6 नवंबर को निर्धारित किया गया है।

इस तरह तीन दिनों के चुनाव कार्यक्रम में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के बाद अब गांवों के अपने प्रतिनिधि चुने जा रहे हैं।

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