Plastic Notes: 1 अप्रैल 2027 से आएंगे ₹10-₹20 के प्लास्टिक नोट? जानें RBI का प्लान

Plastic Notes 2027: RBI अप्रैल 2027 से ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोट लाने की तैयारी में है। जानें कब शुरू होगा ट्रायल और क्या पुराने कागजी नोट भी चलेंगे

भारतीय रिजर्व बैंक 10 और 20 रुपये के प्लास्टिक नोट लाने की तैयारी कर रहा है। अप्रैल 2027 से इनका ट्रायल शुरू होने की उम्मीद है। सरकार ने 200 करोड़ नोटों के परीक्षण को मंजूरी दी है। पुराने नोट भी चलते रहेंगे।

बिजनेस न्यूज़: आने वाले कुछ महीनों में आपके हाथ में 10 और 20 रुपये के ऐसे नोट आ सकते हैं, जो कागज जैसे दिखेंगे लेकिन प्लास्टिक से बने होंगे। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) छोटे नोटों को ज्यादा टिकाऊ बनाने के लिए पॉलिमर करेंसी लाने की तैयारी कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी शुरुआत 1 अप्रैल 2027 से हो सकती है। हालांकि, RBI ने अभी लॉन्च की कोई पक्की तारीख घोषित नहीं की है। फिलहाल इन नोटों को परीक्षण के तौर पर बाजार में उतारने की योजना है।

1 अप्रैल 2027 से मिल सकते हैं प्लास्टिक के नोट

देश में 10 और 20 रुपये के नोटों का इस्तेमाल रोजमर्रा की खरीदारी में काफी होता है। दुकानों, बाजारों और छोटे लेनदेन में बार-बार इस्तेमाल होने से ये नोट जल्दी गंदे और खराब हो जाते हैं। इसी परेशानी को कम करने के लिए RBI पॉलिमर नोट लाने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए वित्त वर्ष की शुरुआत यानी 1 अप्रैल 2027 से प्लास्टिक नोटों का ट्रायल शुरू किया जा सकता है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने अगस्त 2026 में बताया था कि केंद्रीय बैंक अगले वित्त वर्ष की शुरुआत तक इन नोटों को चलन में लाने का लक्ष्य लेकर काम कर रहा है।

हालांकि, यह तारीख अभी संभावित है। नोटों की छपाई, गुणवत्ता जांच और दूसरी तैयारियां पूरी होने के बाद ही इन्हें जारी किया जाएगा। सरकार ने फिलहाल 10 और 20 रुपये के कुल 200 करोड़ पॉलिमर नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दी है। इनमें 10 रुपये के 100 करोड़ और 20 रुपये के 100 करोड़ नोट शामिल होंगे। इनकी कुल कीमत 3,000 करोड़ रुपये होगी।

पुराने 10 और 20 रुपये के नोट बंद हो जाएंगे क्या?

Plastic Notes: 1 अप्रैल 2027 से आएंगे ₹10-₹20 के प्लास्टिक नोट? जानें RBI का प्लान

10 और 20 रुपये के प्लास्टिक नोट आने की खबर के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि घर में रखे पुराने नोटों का क्या होगा। क्या उन्हें बैंक में बदलवाना पड़ेगा या फिर वे पहले की तरह बाजार में चलते रहेंगे? इस बारे में वित्त मंत्रालय पहले ही जानकारी दे चुका है। जुलाई 2026 में संसद में बताया गया था कि पॉलिमर नोटों का परीक्षण करने का मतलब पुराने कागज वाले नोटों को बंद करना नहीं है।

यानी आपके पास अभी 10 या 20 रुपये के जितने भी पुराने नोट हैं, उन्हें लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। वे पहले की तरह दुकानों और बाजारों में इस्तेमाल किए जा सकेंगे। इन्हें बदलवाने के लिए बैंक जाने की भी जरूरत नहीं होगी।

नए प्लास्टिक नोटों का साइज भी पुराने नोटों जैसा रखने की तैयारी है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि बैंकों में नोट गिनने वाली मशीनों को बदलने की जरूरत कम पड़े। मीडिया रिपोर्ट्स में एटीएम मशीनों में बदलाव पर होने वाले खर्च का भी जिक्र किया गया है। हालांकि, इस बारे में रिजर्व बैंक की तरफ से अभी अंतिम जानकारी नहीं दी गई है।

प्लास्टिक के नोट कागज वाले नोटों से कितने अलग होंगे?

अभी हम जिन नोटों का इस्तेमाल करते हैं, वे खास तरह के कागज से बनाए जाते हैं। लेकिन पॉलिमर नोट बनाने में प्लास्टिक जैसी मजबूत सामग्री का इस्तेमाल होता है। इन नोटों की खास बात यह है कि ये जल्दी फटते नहीं हैं। पानी लगने या नमी वाली जगह पर रखने से भी इनके खराब होने का खतरा कम रहता है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के मुताबिक, प्लास्टिक के नोट सामान्य कागजी नोटों के मुकाबले दो से चार गुना ज्यादा समय तक चल सकते हैं। यानी जो नोट बार-बार इस्तेमाल होने से जल्दी खराब हो जाते हैं, उनकी जगह पॉलिमर नोट ज्यादा दिन तक काम आ सकते हैं।

प्लास्टिक के नोट कोई नई चीज नहीं हैं। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन और न्यूजीलैंड जैसे देशों में इनका इस्तेमाल पहले से हो रहा है। कुछ देशों में तो ऐसे नोट 30 साल से भी ज्यादा समय से चल रहे हैं।

भारत में भी इन्हें जारी करने से पहले अच्छी तरह जांचा जाएगा। खासकर यह देखा जाएगा कि तेज गर्मी, बारिश के मौसम की नमी और रोजाना इस्तेमाल का इन पर कितना असर पड़ता है। अगर नोट ज्यादा समय तक चलेंगे, तो रिजर्व बैंक को बार-बार नए नोट छापने की जरूरत भी कम पड़ सकती है। इससे नोट छापने और पुराने नोट बदलने पर होने वाला खर्च घटने की उम्मीद है।

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