गुरुग्राम में 23 जगहों पर बिकेंगे ग्रीन पटाखे, जानें खरीदारी के स्थान और आतिशबाजी का समय

गुरुग्राम में ग्रीन पटाखों की बिक्री के लिए 23 स्थान तय हुए हैं। 7-8 नवंबर को तय समय पर आतिशबाजी होगी। स्कूल-अस्पताल के 300 मीटर दायरे में रोक रहेगी।

गुरुग्राम में दिवाली पर ग्रीन पटाखों की बिक्री के लिए 23 स्थान तय किए गए हैं। लोग 7 और 8 नवंबर को निर्धारित समय में ही पटाखे जला सकेंगे। अस्पतालों, स्कूलों और अन्य संवेदनशील स्थानों के 300 मीटर के दायरे में आतिशबाजी पर रोक रहेगी।

गुरुग्राम: दिवाली पर पटाखे जलाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए जिला प्रशासन ने नए नियम जारी किए हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद गुरुग्राम में कुछ समय के लिए ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति दी गई है। प्रशासन ने जिले में 23 स्थान तय किए हैं, जहां लाइसेंसधारी दुकानदार पटाखे बेच सकेंगे। हालांकि लोगों को आतिशबाजी के लिए तय समय का पालन करना होगा। नौ नवंबर से जिले में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध दोबारा लागू हो जाएगा।

गुरुग्राम में सिर्फ दो दिन पटाखे जलाने की अनुमति

दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर लागू प्रतिबंध के बीच सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली के लिए सीमित छूट दी है। इसके तहत गुरुग्राम में सात और आठ नवंबर को केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखे जलाए जा सकेंगे।

गुरुग्राम में 23 जगहों पर बिकेंगे ग्रीन पटाखे, जानें खरीदारी के स्थान और आतिशबाजी का समय

जिला उपायुक्त उत्तम सिंह के अनुसार, दोनों दिन सुबह छह बजे से सात बजे तक और रात आठ बजे से दस बजे तक आतिशबाजी की अनुमति होगी। इन घंटों के अलावा पटाखे जलाने की इजाजत नहीं दी गई है।

ग्रीन पटाखों की बिक्री के लिए योग्य कारोबारियों के लाइसेंस चार से छह नवंबर तक अस्थायी रूप से बहाल किए गए हैं। दुकानदार निर्धारित स्थानों पर ही बिक्री कर सकेंगे। प्रशासन ने साफ किया है कि यह छूट केवल तय अवधि के लिए है।

शहर में इन जगहों पर खरीद सकेंगे ग्रीन पटाखे

गुरुग्राम नगर निगम क्षेत्र में छह स्थानों को पटाखा बिक्री के लिए चुना गया है। इनमें बादशाहपुर में वाटिका चौक के पास मैदान, सेक्टर-9 का ओपन ग्राउंड और बाबूपुर गांव का स्टेडियम शामिल हैं।

इसके अलावा सेक्टर-5 स्थित एचएसवीपी ग्राउंड, महावीर चौक के पास गौशाला ग्राउंड और सेक्टर-29 का लेजर वैली ग्राउंड भी बिक्री के लिए निर्धारित किया गया है।

नगर निगम मानेसर क्षेत्र में आईएमटी मानेसर के सेक्टर-2 में तहसील कार्यालय के सामने और गढ़ी हरसरू में पावर हाउस के पास ग्रीन पटाखों की दुकानें लगाई जा सकेंगी।

इन स्थानों पर भी केवल अनुमति प्राप्त दुकानदार ही पटाखे बेच सकेंगे। बिना लाइसेंस बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सोहना, पटौदी और फर्रुखनगर में भी तय किए स्थान

जिला प्रशासन ने शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी ग्रीन पटाखों की बिक्री के लिए जगह निर्धारित की है। गुरुग्राम ग्रामीण ब्लॉक में चंदू और बाघनकी के कम्युनिटी सेंटर पर बिक्री की व्यवस्था रहेगी।

सोहना ग्रामीण क्षेत्र में संचौली टोल के पास, निमोठ रोड और घामड़ोज अंडरपास के सामने पंचायत की जमीन पर अस्थायी दुकानें लगाई जा सकेंगी।

पटौदी ग्रामीण क्षेत्र में भोरा कलां के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का खेल मैदान बिक्री स्थल बनाया गया है। फर्रुखनगर ग्रामीण क्षेत्र में हाजीपुर का खेल मैदान, ताजनगर की मंसाराम वाटिका और कालियावास में सुल्तानपुर रोड स्थित व्यायामशाला को चुना गया है।

नगर परिषद सोहना क्षेत्र में देवीलाल स्टेडियम में पटाखे बेचे जा सकेंगे। पटौदी-मंडी क्षेत्र में रामलीला मैदान, हेलीमंडी में पीली धर्मशाला के सामने एमएलए स्कूल का मैदान और पटौदी की नई अनाज मंडी को भी सूची में रखा गया है। नई अनाज मंडी में बिक्री के लिए मार्केट कमेटी की अनुमति जरूरी होगी।

नगर पालिका फर्रुखनगर क्षेत्र में झज्जर रोड स्थित कम्युनिटी सेंटर के पास और फाजिलपुर मोड़ पर पटाखों की बिक्री हो सकेगी।

अस्पताल और स्कूलों के 300 मीटर तक नहीं चलेगा कोई पटाखा

जिला प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों के आसपास आतिशबाजी पर सख्त पाबंदी लगाई है। अस्पताल, नर्सिंग होम, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला स्वास्थ्य केंद्र, वृद्धाश्रम और शिक्षण संस्थानों के 300 मीटर के दायरे में पटाखे नहीं जलाए जा सकेंगे।

इसके अलावा अधिसूचित साइलेंस जोन में भी यही प्रतिबंध लागू रहेगा। इन स्थानों पर निर्धारित समय में भी आतिशबाजी करने की अनुमति नहीं होगी।

प्रशासन का उद्देश्य बीमार लोगों, बुजुर्गों, बच्चों और अन्य संवेदनशील नागरिकों को तेज आवाज तथा प्रदूषण से होने वाली परेशानी से बचाना है।

नियमों का पालन कराने के लिए जिला और खंड स्तर पर निगरानी टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें बिक्री स्थलों और अन्य इलाकों में जांच करेंगी।

पटाखे खरीदते समय QR कोड जरूर देखें

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल सीएसआईआर-नीरी से प्रमाणित ग्रीन पटाखों की ही बिक्री होगी। पटाखे अधिकृत निर्माताओं के होने चाहिए और उनके निर्माण तथा बिक्री में पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) के लागू लाइसेंस नियमों का पालन जरूरी है।

पटाखों की पैकिंग पूरी तरह सीलबंद होनी चाहिए। प्रत्येक उत्पाद और उसके बैच पर अलग QR कोड होना जरूरी है, ताकि उसकी पहचान की जा सके।

बेरियम वाले और बिना अनुमति के सामान्य पटाखों की बिक्री तथा इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। पटाखों की लड़ी बनाने और बेचने पर भी रोक रहेगी। ऑनलाइन पटाखों की बिक्री की अनुमति नहीं है।

नौ नवंबर से दोबारा लागू होगा पूर्ण प्रतिबंध

दिवाली के लिए मिली अस्थायी छूट आठ नवंबर को समाप्त हो जाएगी। इसके बाद नौ नवंबर से गुरुग्राम सहित दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर पहले से लागू पूर्ण प्रतिबंध फिर प्रभावी हो जाएगा।

नियम तोड़ने पर पटाखे जब्त किए जा सकते हैं। कारोबारियों के लाइसेंस रद्द करने और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान है।

जिला प्रशासन ने लोगों से निर्धारित समय और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। पटाखे खरीदने वाले लोगों को भी अधिकृत बिक्री केंद्रों से ही प्रमाणित ग्रीन पटाखे लेने की सलाह दी गई है।

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