केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हरियाणा के करनाल में भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा में हिस्सा लिया। उन्होंने कांग्रेस पर अराजकता और तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। इसके बाद वह अंबाला में शहीद स्मारक का उद्घाटन करेंगे।
करनाल: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को हरियाणा के करनाल में कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि कांग्रेस की अराजकता और तुष्टीकरण की राजनीति अब जनता के सामने आ चुकी है। शाह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), अवैध घुसपैठ और 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा भी उठाया।
करनाल में एक किलोमीटर पैदल चले अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को हरियाणा के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले करनाल में भाजपा की ओर से आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा में हिस्सा लिया। सेक्टर-12 से शुरू हुई इस पदयात्रा में भाजपा के कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में शामिल हुए। करीब एक किलोमीटर की पदयात्रा के बाद अमित शाह ने जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस की नीतियों पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर लोगों के बीच भ्रम पैदा कर रहा है।
शाह ने कहा कि भाजपा का यह अभियान 22 अक्टूबर से देश के अलग-अलग हिस्सों में चल रहा था और 5 नवंबर को इसका अंतिम दिन है। उन्होंने दावा किया कि देशभर में आयोजित कार्यक्रमों में लोगों का उत्साह देखने को मिला है। गृह मंत्री के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार के प्रति जनता का समर्थन लगातार बना हुआ है। उन्होंने कांग्रेस पर चुनावी हार के बाद लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठाने का आरोप भी लगाया।
राहुल गांधी पर SIR को लेकर साधा निशाना
अमित शाह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मतदाता सूची से अवैध घुसपैठियों के नाम हटाने का विरोध कर रही है। शाह इससे पहले भी दावा कर चुके हैं कि मतदाता सूची में करीब तीन करोड़ ऐसे नाम हैं, जो कथित तौर पर अवैध घुसपैठियों से जुड़े हैं। हालांकि, इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
गृह मंत्री ने कहा कि मतदाता सूची में केवल पात्र भारतीय नागरिकों के नाम होने चाहिए। उन्होंने दोहराया कि सरकार अवैध घुसपैठ और फर्जी मतदान को लेकर सख्त रुख अपनाएगी। SIR के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में संशोधन के दौरान वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं। वहीं, भाजपा का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को सही और अपडेट रखना है।
संसद में चर्चा के लिए भी तैयार सरकार
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SIR को लेकर जारी विवाद के बीच अमित शाह ने राहुल गांधी को संसद में बहस करने की चुनौती भी दी है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार है। गृह मंत्री ने राहुल गांधी से कहा कि अगर कांग्रेस को मतदाता सूची, ईवीएम या घुसपैठियों के मुद्दे पर आपत्ति है, तो उसे संसद में चर्चा करनी चाहिए।
शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता के बीच लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर गलत धारणा बनाने की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर, कांग्रेस लगातार चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों की सुरक्षा की मांग कर रही है।
1984 के सिख विरोधी दंगों का भी उठाया मुद्दा
अपने राजनीतिक हमले में अमित शाह ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का भी जिक्र किया। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष ने अपनी रैली के लिए 1 नवंबर की तारीख चुनी थी। शाह ने इस तारीख को 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों से जोड़ते हुए कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए। दरअसल, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा हुई थी।
इन दंगों में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। दंगों से जुड़े कई मामलों में कांग्रेस के कुछ नेताओं की भूमिका भी जांच और अदालती कार्रवाई के दायरे में रही है। भाजपा इस मुद्दे को लेकर लंबे समय से कांग्रेस को घेरती रही है। अब अमित शाह ने हरियाणा के मंच से भी इस मामले को उठाया है।
अंबाला में 800 करोड़ के शहीद स्मारक का करेंगे उद्घाटन
करनाल के राजनीतिक कार्यक्रम के बाद अमित शाह का अगला पड़ाव अंबाला छावनी है। यहां वह 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों की याद में बनाए गए राष्ट्रीय शहीद स्मारक का लोकार्पण करेंगे। करीब 22 एकड़ में तैयार इस स्मारक के निर्माण पर लगभग 800 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसमें स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े 700 से अधिक वीरों के नाम दर्ज किए गए हैं।
स्मारक में आधुनिक तकनीक के जरिए 1857 के स्वतंत्रता संग्राम और उसमें भाग लेने वाले सेनानियों की कहानियों को दिखाने की व्यवस्था की गई है। इस परियोजना का उद्देश्य नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से परिचित कराना और देश के लिए बलिदान देने वाले सेनानियों को सम्मान देना है। स्मारक के लोकार्पण के बाद अमित शाह अंबाला के गांधी मैदान में जनसभा को भी संबोधित करेंगे।










