दिवाली और छठ पर यात्रियों को राहत, रायबरेली से दिल्ली के लिए बढ़ेंगे 66 बसों के फेरे

दिवाली और छठ पर यात्रियों की सुविधा के लिए रायबरेली से दिल्ली जाने वाली 66 बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे। लखनऊ और कानपुर रूट से यात्रियों को सफर में राहत मिलेगी।

दिवाली और छठ पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रायबरेली डिपो ने दिल्ली जाने वाली 66 बस सेवाओं के फेरे बढ़ाने की तैयारी की है। ये बसें लखनऊ और कानपुर के रास्ते चलेंगी। विशेष व्यवस्था 6 से 17 नवंबर तक लागू रहेगी।

रायबरेली: दिवाली और छठ पर दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने खास इंतजाम किए हैं। रायबरेली डिपो से लखनऊ और कानपुर होकर दिल्ली जाने वाली बसों के फेरे बढ़ाए जा रहे हैं। इस व्यवस्था का फायदा जिले के 35 से ज्यादा गांवों और कस्बों के लोगों को मिलेगा। परिवहन विभाग ने बसों के संचालन के लिए ड्राइवर और कंडक्टर की ड्यूटी भी तय कर दी है।

लखनऊ और कानपुर के रास्ते दिल्ली जाने वाली बसों के बढ़ेंगे फेरे

दिवाली और छठ के समय दिल्ली जाने वाली बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। त्योहार पर किसी को घर पहुंचना होता है तो कोई छुट्टियां खत्म होने के बाद वापस काम पर लौटता है। ऐसे में बस अड्डों पर भीड़ बढ़ने लगती है। इसी को देखते हुए रायबरेली डिपो ने दिल्ली रूट पर बसों के अतिरिक्त फेरे चलाने का फैसला किया है।

डिपो की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, लखनऊ होकर दिल्ली जाने वाली 56 बस सेवाओं की व्यवस्था की गई है। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों से चलने वाली 36 बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे। इसके अलावा रायबरेली से लखनऊ तक चलने वाली 20 बसों को दिल्ली तक भेजने की तैयारी है।

कानपुर के रास्ते दिल्ली जाने वाली 10 बसें पहले से चल रही हैं। त्योहार के दौरान इन बसों के भी अतिरिक्त फेरे लगाए जाएंगे। इस तरह दोनों रास्तों को मिलाकर 66 बस सेवाओं के जरिए यात्रियों को ज्यादा सुविधा देने की योजना बनाई गई है।

रायबरेली डिपो के पास इस समय परिवहन निगम की 94 बसें और 73 अनुबंधित बसें हैं। विभाग उपलब्ध बसों के जरिए त्योहारों पर बढ़ने वाली भीड़ को संभालने की तैयारी कर रहा है।

35 से ज्यादा गांवों और कस्बों के यात्रियों को होगा फायदा

रायबरेली जिले के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग नौकरी और दूसरे कामों के लिए दिल्ली आते-जाते हैं। इन यात्रियों को अक्सर पहले रायबरेली या लखनऊ पहुंचकर दिल्ली की बस पकड़नी पड़ती है। त्योहार पर भीड़ बढ़ने से सीट मिलने में भी परेशानी होती है।

अब गदागंज, ऊंचाहार, सरेनी, भोजपुर, चंदापुर, नसीराबाद, शिवगढ़ और खीरों जैसे इलाकों से चलने वाली बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे। परिवहन निगम की योजना में जिले के 35 से अधिक ग्रामीण क्षेत्र और कस्बे शामिल हैं।

इससे यात्रियों को अपने घर के नजदीक से ही दिल्ली की बस मिलने की सुविधा बढ़ सकती है। खासकर उन लोगों के लिए यह व्यवस्था काम की होगी, जो परिवार के साथ यात्रा करते हैं या जिनके पास ज्यादा सामान होता है।

त्योहार के आसपास कई बार बसों में सीटें जल्दी भर जाती हैं। ऐसे में यात्रियों को अगली बस का इंतजार करना पड़ता है। अतिरिक्त फेरे चलने से भीड़ को अलग-अलग बसों में बांटने और यात्रियों का इंतजार कम करने में मदद मिलेगी।

6 से 17 नवंबर तक विशेष व्यवस्था, बस स्टेशन पर बनेगा कंट्रोल रूम

परिवहन निगम ने दिवाली और छठ के लिए 6 नवंबर से 17 नवंबर तक विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। इस दौरान दिल्ली रूट पर बसों की आवाजाही बढ़ाई जाएगी। यात्रियों की संख्या को देखते हुए बसों के संचालन पर लगातार नजर रखी जाएगी।

क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन के मुताबिक, त्योहारों में दिल्ली जाने वाले यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले बढ़ जाती है। यात्रियों को बसों के लिए ज्यादा देर तक इंतजार न करना पड़े, इसलिए अतिरिक्त फेरे तय किए गए हैं।

बसों को समय पर चलाने के लिए चालक और परिचालकों की ड्यूटी पहले ही निर्धारित कर दी गई है। विभाग ने यह भी तय किया है कि विशेष अभियान के दौरान निर्धारित मानकों के अनुसार ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

रायबरेली बस स्टेशन पर कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। यहां से बसों के संचालन, यात्रियों की भीड़ और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी। किसी रूट पर ज्यादा यात्री पहुंचने की स्थिति में विभाग को बसों की आवाजाही की जानकारी मिल सकेगी।

त्योहार पर दिल्ली जाने या वहां से रायबरेली लौटने की योजना बना रहे यात्रियों के लिए यह व्यवस्था राहत दे सकती है। हालांकि, बसों का समय और सीटों की उपलब्धता रूट तथा यात्रियों की संख्या के अनुसार बदल सकती है।

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