अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत के बाद शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके लिए डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार बताया। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान को लेकर भी बयान दिया।
वाशिंगटन: अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के नतीजों ने राजनीतिक माहौल बदल दिया है। संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेटिक पार्टी को बहुमत मिलने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। गुरुवार, 5 नवंबर को अमेरिकी शेयर बाजार में आई भारी गिरावट के लिए उन्होंने डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहराया। ट्रंप का कहना है कि चुनावी नतीजों से निवेशकों को नुकसान हुआ है और लोगों की रिटायरमेंट सेविंग्स पर भी असर पड़ा है।
शेयर बाजार की गिरावट पर ट्रंप ने डेमोक्रेट्स को घेरा
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर अमेरिकी शेयर बाजार की हालत को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि चुनावी नतीजों के बाद बाजार को इतिहास के सबसे खराब दिनों में से एक का सामना करना पड़ा है। ट्रंप के मुताबिक, उनकी सरकार ने काफी मेहनत करके शेयर बाजार को रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंचाया था, लेकिन चुनाव के बाद स्थिति बिगड़ गई। उन्होंने कहा कि इस गिरावट से अमेरिकियों के 401(k) रिटायरमेंट खातों की वैल्यू भी कम हुई है।
राष्ट्रपति ने साफ तौर पर रिपब्लिकन पार्टी का बचाव किया। डेमोक्रेट्स पर निशाना साधते हुए उन्होंने 'Dumocrats' शब्द इस्तेमाल किया। यह Democrats और Dumb को मिलाकर बनाया गया व्यंग्यात्मक शब्द है। हालांकि, ट्रंप ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था दोबारा मजबूत होकर उभरेगी।
अमेरिकी शेयर बाजार में कितनी बड़ी गिरावट आई?
गुरुवार को वॉल स्ट्रीट पर जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। Dow Jones करीब 1,833 अंक गिर गया। टेक्नोलॉजी कंपनियों की बड़ी हिस्सेदारी वाला Nasdaq Composite लगभग 5.5% टूट गया, जबकि S&P 500 में करीब 4.4% की गिरावट दर्ज हुई। इससे एक दिन पहले चुनावी नतीजों के बाद अमेरिकी बाजार में तेजी आई थी। लेकिन अगले ही दिन निवेशकों का रुख बदल गया।
बाजार की गिरावट के पीछे सिर्फ चुनावी नतीजे नहीं थे। डेमोक्रेट्स की जीत के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर उद्योग पर सख्त नियम लागू होने की आशंका भी बढ़ी है। महंगे शेयरों और AI में भारी निवेश से मिलने वाले मुनाफे को लेकर भी निवेशक चिंतित हैं।
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मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका
अमेरिका में 3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया। पार्टी ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट, दोनों में बहुमत हासिल कर लिया। यह नतीजा ट्रंप के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। चुनाव में महंगाई, ईरान युद्ध और सरकार की आर्थिक नीतियां प्रमुख मुद्दे रहे।
अब डेमोक्रेट्स के पास संसद में ट्रंप प्रशासन के फैसलों की जांच करने और कई नीतिगत प्रस्तावों को चुनौती देने की ज्यादा ताकत होगी। इससे राष्ट्रपति और कांग्रेस के बीच टकराव भी बढ़ सकता है।
लॉस एंजिल्स के चुनाव पर भी उठाए सवाल
ट्रंप ने लॉस एंजिल्स के मेयर चुनाव को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि स्पेंसर प्रैट चुनाव के अंतिम मुकाबले तक पहुंचेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने अमेरिकी चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और परिणामों को भविष्य के लिए नुकसानदायक बताया। हालांकि, उनके चुनावी गड़बड़ी के आरोपों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया। लॉस एंजिल्स के मेयर चुनाव में नित्या रमन की जीत हुई है। प्रैट जून में हुए शुरुआती चुनाव में ही बाहर हो गए थे।
पीट हेगसेथ का बचाव, ईरान और वेनेजुएला पर दावा
चुनावी हार के बाद रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को हटाने की मांग भी उठ रही है। हालांकि, ट्रंप ने उनका खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि हेगसेथ ने शानदार काम किया है और अमेरिकी सेना में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। ट्रंप ने वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य अभियान को सफल बताते हुए दावा किया कि कार्रवाई महज 48 मिनट में पूरी हो गई थी।
उन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान और समुद्री मार्गों पर अमेरिकी नियंत्रण को लेकर भी अपनी सरकार की तारीफ की। ये ट्रंप के दावे हैं। ईरान युद्ध को लेकर उनकी सरकार को अमेरिका में राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ रहा है।








