स्पेन में हाई-स्पीड ट्रेन हादसे के छह दिन बाद परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते ने इस्तीफे की घोषणा कर दी है। 28 अक्टूबर को हुए हादसे में 69 लोगों की मौत हुई थी। जनवरी में भी एक रेल दुर्घटना में 46 यात्रियों की जान गई थी।
मैड्रिड: स्पेन में एक के बाद एक हुए दो बड़े रेल हादसों के बाद परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते ने पद छोड़ने का फैसला किया है। मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को संसद में लंबी सुनवाई के बाद उन्होंने अपने इस्तीफे की घोषणा की। यह फैसला 28 अक्टूबर को हुए भीषण ट्रेन हादसे के छह दिन बाद आया है, जिसमें 69 लोगों की मौत हो गई थी। पुएंते ने कहा कि एक साल से भी कम समय में दो इतनी गंभीर दुर्घटनाओं के बाद पद पर बने रहना उचित नहीं होगा।
संसद में सुनवाई के बाद परिवहन मंत्री ने किया इस्तीफे का ऐलान
स्पेन के परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते मंगलवार को संसद की एक समिति के सामने पेश हुए थे। यहां उनसे पिछले सप्ताह हुए रेल हादसे और रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल पूछे गए। कई घंटे तक चली सुनवाई के आखिर में पुएंते ने बताया कि उन्होंने अपना पद छोड़ने का फैसला कर लिया है। उनका कहना था कि स्पेन जैसे देश में एक साल से कम समय के भीतर दो बड़े ट्रेन हादसे होना बेहद गंभीर बात है।
उन्होंने कहा कि इस्तीफे का फैसला राजनीतिक जिम्मेदारी निभाने और हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना दिखाने के लिए लिया गया है। पुएंते ने बताया कि 28 अक्टूबर की दुर्घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने पद छोड़ने का मन बना लिया था। हालांकि, वह राहत कार्यों, शुरुआती जांच और सुरक्षा उपायों की तैयारी पूरी होने तक अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उन्होंने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह औपचारिक रूप से किस तारीख को पद छोड़ेंगे।
28 अक्टूबर को कैसे हुआ था भीषण ट्रेन हादसा?
स्पेन की राजधानी मैड्रिड के दक्षिण में स्थित उर्दा कस्बे के पास 28 अक्टूबर को दो हाई-स्पीड ट्रेनें टकरा गई थीं। यह हादसा मैड्रिड-सेविले रेलवे लाइन पर हुआ था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, रेलवे के सुरक्षा सिस्टम से जुड़ा जरूरी कम्युनिकेशन नेटवर्क अचानक बंद हो गया था। इसके बाद कई ट्रेनों को अपने आप रोक दिया गया।
सिस्टम में खराबी आने पर मैड्रिड स्थित कंट्रोल सेंटर के अधिकारियों ने ट्रेनों का संचालन संभाला। इसी दौरान सरकारी रेलवे कंपनी रेनफे की एक ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति दे दी गई। लेकिन उसी पटरी पर निजी कंपनी इरयो की एक ट्रेन पहले से खड़ी थी। रेनफे की तेज रफ्तार ट्रेन पीछे से उससे टकरा गई।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, टक्कर के समय ट्रेन की रफ्तार लगभग 160 से 200 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच थी। इस हादसे में 69 लोगों की मौत हुई और करीब 100 लोग घायल हुए। दुर्घटना के बाद राहत और बचाव दल को क्षतिग्रस्त डिब्बों से यात्रियों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। फिलहाल हादसे की पूरी जांच जारी है। सुरक्षा सिस्टम में खराबी और ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति देने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
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जनवरी में भी 46 लोगों की गई थी जान
स्पेन में इस साल यह दूसरा बड़ा हाई-स्पीड ट्रेन हादसा था। इससे पहले 18 जनवरी 2026 को मैड्रिड-सेविले रेल मार्ग पर एक गंभीर दुर्घटना हुई थी। उस समय कॉर्डोबा प्रांत के अदामुज इलाके में एक ट्रेन पटरी से उतर गई थी और दूसरी दिशा से आ रही ट्रेन से टकरा गई थी। इस दुर्घटना में 46 लोगों की मौत हुई थी। कई यात्री घायल भी हुए थे। जनवरी में हुए हादसे की जांच अभी तक पूरी नहीं हुई है।
दोनों दुर्घटनाओं में कुल 115 लोगों की जान गई है। इससे स्पेन की रेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। रेलवे कर्मचारी संगठनों ने भी सुरक्षा सिस्टम और कंट्रोल सेंटरों में काम करने की परिस्थितियों की समीक्षा करने की मांग उठाई है।
सरकार ने रेलवे सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए?
इस्तीफे की घोषणा से पहले ऑस्कर पुएंते ने रेलवे की सुरक्षा मजबूत करने के लिए कई नए उपायों की जानकारी दी। सरकार ने मैड्रिड-सेविले लाइन पर ट्रेनों की संख्या फिलहाल कम रखने का फैसला किया है। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही सामान्य संचालन बहाल किया जाएगा। इसके अलावा सिग्नलिंग सिस्टम में खराबी आने पर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसी स्थिति में जब ट्रेन चालक को सामने देखकर रास्ते की सुरक्षा तय करनी पड़े, तो ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटा रखी जाएगी।
सरकार यूरोपियन रेल ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ERTMS) को भी तेजी से लागू करना चाहती है। इससे ट्रेनों की आवाजाही और सिग्नलिंग की निगरानी बेहतर की जा सकेगी। कंट्रोल सेंटरों में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने और काम करने की परिस्थितियां सुधारने की भी योजना है। सरकार ने हादसे के पीड़ितों और उनके परिवारों को मिलने वाले अनिवार्य बीमा भुगतान को दोगुना करने और मुआवजा जल्द उपलब्ध कराने का फैसला किया है।








