आईपीएस अनुष्ठा कालिया ने डेटा साइंटिस्ट की नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी की और पहले ही प्रयास में 143वीं रैंक हासिल की। राजस्थान में सीमा पार हथियार तस्करी की जांच में अहम भूमिका निभाने पर उन्हें 2026 के केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक के लिए चुना गया।
IPS Anushtha Kalia Success Story: दिल्ली की रहने वाली अनुष्ठा कालिया कभी एक प्राइवेट कंपनी में डेटा साइंटिस्ट की नौकरी करती थीं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उनका करियर अच्छी दिशा में आगे बढ़ रहा था, लेकिन वह पुलिस सेवा में जाना चाहती थीं। इसके लिए उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की और पहली ही कोशिश में परीक्षा निकाल ली। अब राजस्थान में पाकिस्तान सीमा से जुड़े हथियार तस्करी के मामले की जांच में उनकी भूमिका चर्चा में है। इस काम के लिए उन्हें केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक 2026 के लिए चुना गया है।
दिल्ली में हुई पढ़ाई, फिर बनीं डेटा साइंटिस्ट
अनुष्ठा कालिया मूल रूप से दिल्ली के द्वारका की रहने वाली हैं। उनके पिता का नाम पुष्पेंद्र कालिया और मां का नाम बेला देवी है। पिता नौकरी से रिटायर हो चुके हैं, जबकि मां कानून मंत्रालय में काम करती हैं। अनुष्ठा की शुरुआती पढ़ाई दिल्ली में ही हुई। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग में जाने का फैसला किया।
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उन्होंने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी से BTech किया। डिग्री मिलने के बाद एक कंपनी में डेटा साइंटिस्ट के तौर पर काम करने लगीं। वहां उनका काम मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीक से जुड़ा था। नौकरी अच्छी थी, लेकिन अनुष्ठा अपने करियर में कुछ अलग करना चाहती थीं। आखिरकार उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा देने का फैसला किया।
अप्रैल 2020 में शुरू की UPSC की तैयारी
अनुष्ठा ने अप्रैल 2020 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की थी। इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से होने के बावजूद उन्होंने वैकल्पिक विषय के लिए मनोविज्ञान यानी Psychology को चुना। यह विषय उनके लिए नया था, इसलिए शुरुआत में इसकी बुनियादी बातें समझने पर ध्यान दिया।
उन्होंने अपनी तैयारी के अनुभव साझा करते हुए बताया था कि Psychology पढ़ने के लिए सबसे पहले 11वीं और 12वीं की NCERT किताबों का सहारा लिया। इसके बाद पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र देखे और समझा कि परीक्षा में किस तरह के सवाल पूछे जाते हैं।
तैयारी के दौरान उन्हें कई बार अपनी रणनीति बदलनी पड़ी। एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने वैकल्पिक विषय बदलने के बारे में सोचा, लेकिन बाद में उसी विषय पर मेहनत जारी रखी। UPSC मुख्य परीक्षा में Psychology के दोनों पेपर मिलाकर उन्हें 291 अंक मिले।
पहले प्रयास में मिली 143वीं रैंक
अनुष्ठा ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2021 में हिस्सा लिया था। परीक्षा का अंतिम परिणाम 30 मई 2022 को घोषित हुआ। इसमें उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 143 हासिल की। खास बात यह रही कि यह उनका पहला प्रयास था और उस समय उनकी उम्र महज 24 साल थी।
सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद उन्हें भारतीय पुलिस सेवा के 2022 बैच में जगह मिली। शुरुआत में उनका कैडर AGMUT था। बाद में आईपीएस अधिकारी विशाल जांगिड़ से शादी के आधार पर उनका राजस्थान कैडर में ट्रांसफर हुआ।
हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में ट्रेनिंग के दौरान भी अनुष्ठा का प्रदर्शन अच्छा रहा। उन्हें सर्वश्रेष्ठ आउटडोर प्रोबेशनर के लिए प्रतिष्ठित स्वॉर्ड ऑफ ऑनर मिला। यह सम्मान पुलिस ट्रेनिंग के दौरान उनके प्रदर्शन की एक बड़ी उपलब्धि थी।
पाकिस्तान सीमा पर हथियार तस्करी की जांच में निभाई अहम भूमिका
आईपीएस बनने के बाद अनुष्ठा कालिया की चर्चा राजस्थान के बीकानेर में हुई एक बड़ी कार्रवाई को लेकर भी हुई। फरवरी 2026 में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास खाजूवाला इलाके में ड्रोन से हथियार भेजे जाने का मामला सामने आया था।
सीमा सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस की कार्रवाई में पांच पिस्टल, 325 कारतूस और एक ड्रोन बरामद हुआ। इसके बाद हथियार कहां से भेजे गए और भारत में इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था, इसकी जांच शुरू हुई।
इस मामले की जांच में अनुष्ठा कालिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जांच टीम ने हथियारों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क और उसके संपर्कों का पता लगाने पर काम किया। सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार भेजे जाने की घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी गंभीर मामला थी।
इसी जांच में उनके योगदान को देखते हुए अनुष्ठा का चयन केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक 2026 के लिए किया गया। यह सम्मान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उत्कृष्ट जांच, अभियान तथा अन्य विशेष सेवाओं में उल्लेखनीय काम के लिए दिया जाता है।







