बिहार के अररिया जिले की अंजली कुमारी सोनी ने NPTEL परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक हासिल कर देशभर में पहला स्थान पाया है। परीक्षा में 3193 उम्मीदवार शामिल हुए थे। अब अंजली को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में तीन महीने की इंटर्नशिप मिलने की बात सामने आई है।
बिहार: फारबिसगंज की अंजली कुमारी सोनी ने अपनी पढ़ाई से ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसकी चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है। अंजली ने आईआईटी मंडी और आईआईटी मद्रास से जुड़े NPTEL के रिसर्च राइटिंग कोर्स की परीक्षा में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। इस परीक्षा में 3193 छात्रों ने हिस्सा लिया था। अंजली को 94 प्रतिशत अंक मिले हैं। बेटी की इस कामयाबी से उनके माता-पिता बेहद खुश हैं। वहीं, शहर के लोग भी उन्हें लगातार बधाई दे रहे हैं।
3193 छात्रों में सबसे ज्यादा अंक लेकर टॉप पर रहीं अंजली
अंजली ने NPTEL के चार सप्ताह के रिसर्च राइटिंग कोर्स में दाखिला लिया था। इस कोर्स में छात्रों को रिसर्च से जुड़ी जानकारी जुटाने, उसे समझने और सही तरीके से लिखने के बारे में पढ़ाया जाता है। कोर्स पूरा होने के बाद ऑनलाइन परीक्षा हुई, जिसमें देश के कई विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्र शामिल हुए।
परीक्षा देने वालों की संख्या 3193 थी। रिजल्ट आया तो अंजली के 94 प्रतिशत अंक थे और वह पहले स्थान पर थीं। राष्ट्रीय स्तर की इस परीक्षा में टॉप करने के बाद अंजली को अब शिक्षा मंत्रालय में इंटर्नशिप करने का मौका मिलने की खबर है। इससे उन्हें पढ़ाई के साथ काम करने का अनुभव भी मिल सकेगा।
अररिया के फारबिसगंज में रहता है अंजली का परिवार
अंजली का घर बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज में है। वह हाई स्कूल रोड के वार्ड संख्या 16 की रहने वाली हैं। उनके पिता सुमन सोनी और माता रुक्मणी देवी हैं। बेटी के परीक्षा में टॉप करने की खबर जैसे ही सामने आई, परिवार को बधाई देने वालों का सिलसिला शुरू हो गया।
घर के आसपास रहने वाले लोगों और परिचितों ने भी अंजली की इस कामयाबी पर खुशी जताई। स्थानीय लोगों का कहना है कि फारबिसगंज की बेटी का देशभर में पहला स्थान हासिल करना शहर के लिए बड़ी बात है। यहां के दूसरे छात्र भी अब अंजली की सफलता के बारे में जान रहे हैं।
IIT मंडी और IIT मद्रास के प्रोफेसरों ने दिया सर्टिफिकेट
NPTEL की परीक्षा में अच्छे अंक लाने के बाद अंजली को प्रमाण पत्र भी दिया गया है। यह प्रमाण पत्र आईआईटी मंडी के सेंटर फॉर कंटीन्यूइंग एजुकेशन के प्रोफेसर तुषार जैन और आईआईटी मद्रास के NPTEL समन्वयक प्रोफेसर एंड्रयू थंगराज की ओर से संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।
अंजली ने जिस कोर्स की परीक्षा दी थी, उसमें रिसर्च राइटिंग पढ़ाई गई थी। किसी विषय पर शोध करने के बाद उसकी जानकारी को कैसे लिखा जाए, किन बातों का ध्यान रखा जाए और उसे किस तरह प्रस्तुत किया जाए, ये सभी बातें इस कोर्स का हिस्सा थीं।
अंजली ने चार सप्ताह की पढ़ाई पूरी की और उसके बाद हुई परीक्षा में सबसे ज्यादा अंक हासिल किए। यह प्रमाण पत्र उनके इसी प्रदर्शन के लिए दिया गया है।
शिक्षा मंत्रालय में तीन महीने काम सीखने का मिलेगा मौका
अंजली को अब केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में तीन महीने की इंटर्नशिप मिलने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय समाचार रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान उन्हें शिक्षा और रिसर्च से जुड़े कामों को समझने का अवसर मिलेगा।
इंटर्नशिप में छात्रों को यह जानने का मौका मिलता है कि किसी विभाग में काम कैसे किया जाता है। पढ़ाई के दौरान किताबों में सीखी गई बातें वहां काम करते हुए समझी जा सकती हैं। अंजली के लिए भी यह नया अनुभव होगा।
हालांकि, उनकी इंटर्नशिप कब से शुरू होगी और किस विभाग में काम करना होगा, इसकी पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। रिपोर्ट में तीन महीने की इंटर्नशिप का जिक्र किया गया है।
क्या है NPTEL, जिसकी परीक्षा में अंजली ने किया टॉप?
NPTEL का पूरा नाम National Programme on Technology Enhanced Learning है। यह शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से चलने वाला ऑनलाइन पढ़ाई का कार्यक्रम है। इसमें आईआईटी और आईआईएससी जैसे बड़े संस्थानों के शिक्षक अलग-अलग विषयों के कोर्स पढ़ाते हैं।
इसकी वेबसाइट पर इंजीनियरिंग, विज्ञान, मैनेजमेंट और कई दूसरे विषयों की पढ़ाई की जा सकती है। छात्र अपनी पसंद का कोर्स चुनकर घर से ऑनलाइन पढ़ सकते हैं। कई कोर्स पूरे करने के बाद परीक्षा देने और प्रमाण पत्र हासिल करने की सुविधा भी मिलती है।
इस कार्यक्रम से उन छात्रों को भी पढ़ने का मौका मिलता है, जिनके आसपास आईआईटी जैसे बड़े संस्थान नहीं हैं। उन्हें कोर्स करने के लिए दूसरे शहर जाकर रहने की जरूरत नहीं पड़ती।
अंजली ने भी NPTEL के जरिए रिसर्च राइटिंग की पढ़ाई की और राष्ट्रीय परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया।
अंजली की सफलता पर शहर के लोगों ने दी बधाई
अंजली के रिजल्ट की जानकारी मिलने के बाद फारबिसगंज में उनके परिचितों और स्थानीय लोगों ने परिवार को बधाई दी। घर पहुंचकर शुभकामनाएं देने वालों ने उनके आगे के सफर के लिए भी शुभकामनाएं दीं।
अंजली की इस उपलब्धि को लेकर इलाके में इसलिए भी खुशी है क्योंकि उन्होंने देश के अलग-अलग कॉलेजों से आए छात्रों के बीच पहला स्थान हासिल किया है। उनके 94 प्रतिशत अंक और राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहली रैंक की चर्चा हो रही है।
अंजली की इस सफलता से NPTEL जैसे ऑनलाइन कोर्स की ओर भी छात्रों का ध्यान गया है। जो विद्यार्थी कॉलेज की पढ़ाई के साथ कोई दूसरा विषय सीखना चाहते हैं, वे भी ऐसे कोर्स में शामिल हो सकते हैं।







