पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 41 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। उन्होंने पुर्तगाल के लिए 234 मैचों में 146 गोल किए। कोच जॉर्ज जेसुस से विवाद के बाद उनका यह फैसला सामने आया है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: दुनिया के महान फुटबॉल खिलाड़ियों में शामिल क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम को अलविदा कहने का फैसला किया है। गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो शेयर कर अपने संन्यास की घोषणा की। 41 साल के रोनाल्डो ने करीब 23 वर्षों तक पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व किया।
इस दौरान उन्होंने कई बड़े रिकॉर्ड बनाए और देश को यूरो कप समेत तीन प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खिताब जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि, वह क्लब फुटबॉल में खेलना जारी रखेंगे।
सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर रोनाल्डो ने कहा अलविदा
पुर्तगाल के स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अपने लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर को खत्म करने का फैसला किया है। पांच बार बैलन डी'ऑर जीत चुके रोनाल्डो ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करके इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब राष्ट्रीय टीम की सात नंबर की जर्सी अगली पीढ़ी को सौंपने का समय आ गया है।
रोनाल्डो ने अपने संदेश में कहा कि पुर्तगाल की जर्सी पहनना उनके लिए हमेशा गर्व की बात रही। उन्होंने 23 साल तक इस जिम्मेदारी को निभाया और हर मैच में देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। उन्होंने यह भी माना कि संन्यास का फैसला करना आसान नहीं था। इतने लंबे समय तक किसी टीम से जुड़े रहने के बाद उससे अलग होना भावनात्मक रूप से मुश्किल होता है।
रोनाल्डो ने अपने परिवार, साथी खिलाड़ियों, कोच और प्रशंसकों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पुर्तगाल हमेशा उनके दिल का हिस्सा रहेगा। समाचार एजेंसी के मुताबिक, रोनाल्डो ने नवंबर के अंतरराष्ट्रीय ब्रेक के बाद राष्ट्रीय टीम की सात नंबर की जर्सी छोड़ने की बात कही है।
कोच जॉर्ज जेसुस से किस बात पर हुआ था विवाद?
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रोनाल्डो के संन्यास की घोषणा ऐसे समय हुई है, जब पुर्तगाल के कोच जॉर्ज जेसुस के साथ उनके रिश्तों में तनाव की खबरें सामने आ चुकी हैं। सितंबर 2026 में नेशंस लीग के दौरान पुर्तगाल का मुकाबला नॉर्वे से हुआ था। ओस्लो में खेले गए इस मैच में पुर्तगाल ने 2-1 से जीत दर्ज की, लेकिन रोनाल्डो को पूरे मैच में मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला।
मैच खत्म होने के बाद वह दूसरे खिलाड़ियों के साथ प्रशंसकों का अभिवादन करने भी नहीं पहुंचे। इसके कुछ दिनों बाद उन्होंने राष्ट्रीय टीम का कैंप छोड़ दिया था। रोनाल्डो ने बाद में आरोप लगाया कि कोच ने उन्हें मैच में सब्स्टिट्यूट के तौर पर उतारने का भरोसा दिया था। इसी उम्मीद में उन्होंने वॉर्म-अप भी किया, लेकिन आखिरी समय पर फैसला बदल दिया गया।
इस घटना के बाद रोनाल्डो पर जुर्माना लगाया गया और 30 दिन का निलंबन भी हुआ। हालांकि, उन्होंने उस समय स्पष्ट किया था कि वह राष्ट्रीय टीम में वापसी करना चाहते हैं। अब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। हालांकि, यह कहना जल्दबाजी होगी कि उन्होंने केवल कोच से विवाद के कारण ही यह फैसला लिया है।
234 मैच, 146 गोल और तीन बड़े खिताब
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अगस्त 2003 में पुर्तगाल की सीनियर राष्ट्रीय टीम के लिए पहला मैच खेला था। उस समय उनकी उम्र महज 18 साल थी। इसके बाद उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन किया और दुनिया के सबसे सफल फुटबॉल खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाई। रोनाल्डो ने पुर्तगाल के लिए 234 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और 146 गोल किए। ये दोनों पुरुष अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में रिकॉर्ड हैं।
उनकी कप्तानी में पुर्तगाल ने 2016 में पहली बार यूरोपीय चैंपियनशिप का खिताब जीता था। फाइनल में पुर्तगाल ने फ्रांस को हराया था। उस मैच में रोनाल्डो चोट के कारण पूरा मुकाबला नहीं खेल पाए थे, लेकिन मैदान के बाहर से लगातार टीम का उत्साह बढ़ाते रहे। इसके अलावा पुर्तगाल ने 2019 और 2025 में यूईएफए नेशंस लीग का खिताब जीता। दोनों सफलताओं में रोनाल्डो की अहम भूमिका रही। रोनाल्डो पांच बार बैलन डी'ऑर पुरस्कार भी जीत चुके हैं। यह सम्मान दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉल खिलाड़ियों को दिया जाता है।
छह विश्व कप खेले, लेकिन अधूरा रह गया एक सपना
रोनाल्डो ने अपने करियर में छह फीफा विश्व कप में हिस्सा लिया। उन्होंने 2006, 2010, 2014, 2018, 2022 और 2026 के टूर्नामेंट में पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व किया। वह छह अलग-अलग विश्व कप में गोल करने वाले पहले पुरुष फुटबॉलर भी बने। हालांकि, विश्व कप की ट्रॉफी जीतने का सपना उनके करियर में अधूरा रह गया।
साल 2026 का फीफा विश्व कप उनके लिए आखिरी साबित हुआ। पुर्तगाल की टीम स्पेन के खिलाफ राउंड ऑफ 16 मुकाबले में 1-0 से हारकर बाहर हो गई थी। इस हार के बाद रोनाल्डो काफी भावुक दिखाई दिए थे। उन्होंने तब इसे अपने करियर का आखिरी विश्व कप बताया था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल छोड़ने का अंतिम फैसला नहीं किया था।









