Youth Olympics 2026: राजकुमारी लंचेनबी चानू ने वुशु में रचा इतिहास, भारत को दिलाया तीसरा मेडल

Youth Olympics 2026: राजकुमारी लंचेनबी चानू ने वुशु में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा। भारत को तीसरा मेडल दिलाया और इस खेल में पहली भारतीय पदक विजेता बनीं

डकार यूथ ओलंपिक 2026 में भारत की राजकुमारी लंचेनबी चानू ने वुशु में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। मणिपुर की इस खिलाड़ी ने 18.039 अंक हासिल किए। इसके साथ भारत के पदकों की संख्या तीन हो गई है।

स्पोर्ट्स न्यूज़: अफ्रीकी देश सेनेगल में चल रहे यूथ ओलंपिक 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। मंगलवार, 3 नवंबर को मणिपुर की राजकुमारी लंचेनबी चानू ने महिला वुशु की चांगक्वान कंबाइंड स्पर्धा में कांस्य पदक जीत लिया। वह यूथ ओलंपिक के इतिहास में वुशु में पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। चानू ने कुल 18.039 अंक जुटाकर तीसरा स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि के साथ भारत के खाते में अब एक सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल हो गए हैं।

मणिपुर की बेटी ने वुशु में दिलाया पहला मेडल

यूथ ओलंपिक 2026 में राजकुमारी लंचेनबी चानू ने ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसे भारतीय वुशु के इतिहास में लंबे समय तक याद रखा जाएगा। चानू मणिपुर की रहने वाली हैं और इस बार युवा ओलंपिक में वुशु स्पर्धा के लिए भारत की अकेली खिलाड़ी थीं। मंगलवार को डकार एक्सपो सेंटर में आयोजित महिला चांगक्वान कंबाइंड स्पर्धा के फाइनल में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया। दुनिया के अलग-अलग देशों की खिलाड़ियों के बीच चानू ने तीसरा स्थान हासिल किया और भारत को कांस्य पदक दिलाया।

इस बार यूथ ओलंपिक में वुशु को पहली बार मेडल स्पोर्ट के तौर पर शामिल किया गया है। ऐसे में पहले ही आयोजन में भारतीय खिलाड़ी का पदक जीतना इस खेल के लिए बड़ी उपलब्धि है।

चांगक्वान में शानदार प्रदर्शन से मिला ब्रॉन्ज

राजकुमारी लंचेनबी चानू ने प्रतियोगिता के शुरुआती दौर में ही अपनी दावेदारी मजबूत कर दी थी। क्वालिफिकेशन राउंड में उन्होंने 17.982 अंक हासिल किए और दूसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में मुकाबला आसान नहीं था। चानू ने गुनशु रूटीन में 8.723 अंक हासिल किए। इस राउंड के बाद वह चौथे स्थान पर थीं। इसके बाद चांगक्वान में उन्होंने शानदार वापसी की और 9.316 अंक जुटाए।

दोनों स्पर्धाओं के अंक जोड़ने पर उनका कुल स्कोर 18.039 रहा। इसी प्रदर्शन के दम पर वह तीसरे स्थान पर पहुंच गईं और कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं। मिस्र की सोंडोस सोनबोल ने 18.660 अंक लेकर गोल्ड मेडल जीता। वहीं वेनेजुएला की वालेरिया फ्रैनरीस डुडामेल अल्वाराडो ने 18.199 अंक के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया।

आखिर क्या होता है वुशु का चांगक्वान इवेंट?

Youth Olympics 2026: राजकुमारी लंचेनबी चानू ने वुशु में रचा इतिहास, भारत को दिलाया तीसरा मेडल

वुशु चीन की पारंपरिक मार्शल आर्ट से जुड़ा खेल है। इसमें खिलाड़ियों को अलग-अलग तकनीक के साथ अपनी शारीरिक क्षमता, संतुलन और सटीकता दिखानी होती है। यूथ ओलंपिक में महिला चांगक्वान कंबाइंड स्पर्धा दो हिस्सों में आयोजित की गई। चांगक्वान में खिलाड़ी बिना हथियार के मार्शल आर्ट की तकनीक दिखाते हैं। 

वहीं गुनशु में लंबी छड़ी के साथ निर्धारित मूवमेंट करने होते हैं। दोनों रूटीन में मिलने वाले अंकों को जोड़कर अंतिम नतीजा तय किया जाता है। चानू ने चांगक्वान में अपने बेहतर प्रदर्शन से कांस्य पदक हासिल किया।

जूडो और तैराकी में भी भारत ने जीते मेडल

लंचेनबी चानू के कांस्य पदक के साथ भारत के खाते में तीन मेडल हो गए हैं। इससे पहले सोमवार, 2 नवंबर को भारतीय खिलाड़ियों ने जूडो और तैराकी में पदक जीते थे। जूडो खिलाड़ी खुशबू राजकभाई दर्जादा ने महिला 63 किलोग्राम भार वर्ग में सिल्वर मेडल हासिल किया। वह यूथ ओलंपिक के इतिहास में पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय जुडोका बनीं।

इससे पहले 2018 में ब्यूनस आयर्स यूथ ओलंपिक में तबाबी देवी ने जूडो में रजत पदक जीता था। तैराकी में धिनिधि देसिंघु ने महिलाओं की 100 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। इस तरह भारत ने शुरुआती मुकाबलों में ही तीन पदक हासिल कर लिए हैं।

डकार यूथ ओलंपिक क्यों है खास?

साल 2026 के युवा ओलंपिक खेल सेनेगल की राजधानी डकार में आयोजित किए जा रहे हैं। यह पहला मौका है, जब अफ्रीकी महाद्वीप पर किसी ओलंपिक प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है। इन खेलों में दुनियाभर के युवा खिलाड़ी अलग-अलग खेलों में हिस्सा ले रहे हैं। भारत की ओर से भी कई खिलाड़ी अपनी चुनौती पेश कर रहे हैं।

राजकुमारी लंचेनबी चानू का पदक इसलिए भी अहम है, क्योंकि वुशु जैसे खेलों में भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का मौका मिल रहा है। भारत के लिए यह प्रतियोगिता अभी जारी है। ऐसे में आने वाले मुकाबलों में दूसरे खिलाड़ियों से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। फिलहाल चानू की ऐतिहासिक जीत ने भारतीय खेल प्रेमियों को खुशी मनाने का मौका दिया है।

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