दिवाली से पहले बिहार में शराब की तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। मुजफ्फरपुर में पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए पंजाब से लाई जा रही शराब की बड़ी खेप जब्त की है। तस्करों ने त्योहार के दौरान बिहार में शराब की खपत बढ़ने का फायदा उठाकर भारी मात्रा में शराब खपाने की तैयारी की थी। लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उनकी योजना पर पानी फेर दिया। छापेमारी के दौरान ट्रक से करीब 1200 कार्टन शराब बरामद की गई। इस मामले में ट्रक चालक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की इतनी बड़ी खेप किसके कहने पर बिहार लाई गई थी और इसे किन-किन इलाकों में पहुंचाने की योजना थी।
जानकारी के अनुसार शराब की यह खेप पंजाब से ट्रक के जरिए बिहार पहुंचाई गई थी। तस्करों ने शराब को सामान्य माल की तरह परिवहन करने की कोशिश की थी, ताकि रास्ते में जांच के दौरान किसी को शक न हो। हालांकि पुलिस और उत्पाद विभाग को पहले से इस खेप के बारे में सूचना मिल गई थी। इसके बाद टीम ने संदिग्ध ट्रक की निगरानी शुरू कर दी। उचित मौका मिलते ही वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान ट्रक के अंदर बड़ी संख्या में शराब के कार्टन रखे मिले। जब टीम ने कार्टन की गिनती की तो कुल 1200 कार्टन शराब बरामद हुई। इतनी बड़ी मात्रा में शराब मिलने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों ने तत्काल ट्रक और शराब को जब्त कर लिया। साथ ही चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पंजाब से शराब की खेप बिहार के किस नेटवर्क के जरिए भेजी गई थी। पुलिस को संदेह है कि इसके पीछे संगठित शराब तस्करी गिरोह काम कर रहा है। त्योहार के दौरान मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए तस्करों ने पहले से ही शराब की बड़ी खेप मंगाने की तैयारी की थी। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद दूसरे राज्यों से शराब लाकर उसकी अवैध बिक्री करने वाले गिरोह लगातार सक्रिय रहते हैं।
मुजफ्फरपुर में पकड़ी गई इस खेप के बाद पुलिस और उत्पाद विभाग की जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। गिरफ्तार चालक से ट्रक के मालिक, शराब भेजने वाले व्यक्ति और बिहार में खेप प्राप्त करने वाले कारोबारी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि शराब की डिलीवरी मुजफ्फरपुर में ही होनी थी या इसे उत्तर बिहार के दूसरे जिलों में भेजने की योजना थी।
दिवाली और धनतेरस जैसे त्योहारों के दौरान शराब तस्कर अधिक मुनाफा कमाने के लिए सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे समय में दूसरे राज्यों से शराब की बड़ी खेप बिहार पहुंचाने की कोशिश की जाती है। पुलिस को आशंका है कि जब्त की गई शराब को त्योहार के दौरान अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाकर अवैध तरीके से बेचा जाना था। हालांकि इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद शराब की अवैध खरीद-बिक्री और तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस तथा उत्पाद विभाग लगातार अभियान चला रहे हैं। इसके बावजूद पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों से शराब की खेप बिहार पहुंचने के मामले सामने आते रहते हैं। मुजफ्फरपुर में 1200 कार्टन की बरामदगी ने एक बार फिर अंतरराज्यीय शराब तस्करी के नेटवर्क पर सवाल खड़े किए हैं।
फिलहाल पुलिस जब्त शराब की ब्रांड और कुल मात्रा का सत्यापन कर रही है। गिरफ्तार चालक से पूछताछ के आधार पर तस्करी से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दिवाली से पहले हुई इस कार्रवाई को शराब तस्करी पर अंकुश लगाने के अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है।










