बंगाल DGP की मदद की अपील पर एक्शन में आई बिहार पुलिस, आधी रात भागलपुर में छापेमारी कर अपहृत कारोबारी को छुड़ाया

बंगाल के DGP की मदद मांगने पर बिहार पुलिस ने भागलपुर में आधी रात ऑपरेशन चलाया। बंद मकान से अपहृत कारोबारी को सकुशल बरामद कर चार संदिग्ध पकड़े गए।
बंगाल DGP की मदद की अपील पर एक्शन में आई बिहार पुलिस, आधी रात भागलपुर में छापेमारी कर अपहृत कारोबारी को छुड़ाया
Photo Credit / Attribution: Google

पश्चिम बंगाल से अपहृत एक कारोबारी को बिहार पुलिस ने भागलपुर जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सकुशल बरामद कर लिया। कारोबारी को बाथ थाना क्षेत्र के देवधा गांव स्थित एक बंद मकान में बंधक बनाकर रखा गया था। पश्चिम बंगाल के डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने इस मामले में बिहार की प्रभारी डीजीपी प्रीता वर्मा से मदद मांगी थी। इसके बाद बिहार पुलिस हरकत में आई और भागलपुर पुलिस की विशेष टीम ने आधी रात को छापेमारी कर कारोबारी को मुक्त कराया। इस कार्रवाई में चार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने मकान के केयरटेकर के पास से हथियार भी बरामद किया है।

बरामद कारोबारी की पहचान राजेश सरकार के रूप में हुई है। उनका चार दिन पहले पश्चिम बंगाल के चौबीस परगना इलाके से अपहरण कर लिया गया था। घटना के बाद बंगाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और तकनीकी सर्विलांस के जरिए अपहृत कारोबारी की लोकेशन का पता लगाने की कोशिश की। जांच के दौरान उनकी लोकेशन बिहार के भागलपुर जिले में मिली। इसके बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने बिहार पुलिस मुख्यालय से संपर्क किया और कारोबारी को सुरक्षित मुक्त कराने के लिए सहयोग मांगा।

बंगाल के डीजीपी की ओर से मदद मांगे जाने के बाद बिहार की प्रभारी डीजीपी प्रीता वर्मा ने भागलपुर पुलिस को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके बाद भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार यादव के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। पुलिस को सूचना मिली कि अपहृत कारोबारी को बाथ थाना क्षेत्र के देवधा गांव में एक आलीशान मकान में छिपाकर रखा गया है। इसके बाद पुलिस ने देर रात संदिग्ध मकान की घेराबंदी कर ऑपरेशन शुरू किया।

पुलिस टीम जब मकान पर पहुंची तो बाहर से ताला लगा हुआ था। मकान की चारदीवारी के भीतर बने कमरों की तलाशी ली गई। करीब एक घंटे तक चले अभियान के दौरान पुलिस ने सामने की ओर स्थित एक कमरे से राजेश सरकार को बरामद किया। उन्हें कमरे में बंद करके रखा गया था। पुलिस ने तत्काल उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला और मौके पर मौजूद संदिग्धों को हिरासत में ले लिया।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार लोगों को पकड़ा है। इनमें धनबाद के दो आरोपी, बांका जिले के शंभूगंज का एक व्यक्ति और मकान का केयरटेकर जगत मंडल शामिल है। केयरटेकर के पास से एक हथियार भी बरामद किया गया है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कारोबारी को अगवा करने की योजना किसने बनाई थी और उन्हें भागलपुर तक लाने में किन लोगों ने मदद की थी।

प्रारंभिक जांच में इस मामले के तार नकली नोटों और सोने की तस्करी से जुड़े होने की आशंका सामने आई है। पुलिस को संदेह है कि कारोबारी का अपहरण किसी आर्थिक लेनदेन या आपसी विवाद के कारण किया गया हो सकता है। धनबाद के पकड़े गए आरोपियों में अमन कुमार का नाम भी सामने आया है। उसके कथित तौर पर नकली करेंसी और सोने की तस्करी से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में होने की जानकारी मिली है।

जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बांग्लादेश की सीमा से नकली नोटों की तस्करी करने वाले किसी गिरोह का इस घटना से संबंध है या नहीं। पुलिस को आशंका है कि अवैध कारोबार से जुड़े पैसों के लेनदेन में विवाद होने के बाद कारोबारी को अगवा किया गया होगा। हालांकि अपहरण के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपियों की भूमिका की पुष्टि विस्तृत पूछताछ और जांच के बाद ही हो सकेगी।

इस पूरे मामले में बिहार और पश्चिम बंगाल पुलिस के बीच समन्वय काफी अहम रहा। बंगाल पुलिस से मिली तकनीकी जानकारी के आधार पर भागलपुर पुलिस ने स्थानीय स्तर पर कार्रवाई की। आधी रात को चलाए गए इस ऑपरेशन में कारोबारी को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस अपहरण कांड से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जांच आगे बढ़ा रही है।

Leave a comment