महज 16 साल की समाइरा राघव महिला प्रीमियर लीग 2027 में गुजरात जायंट्स की टीम का हिस्सा बन गई हैं। उन्हें नीलामी में 10 लाख रुपये में खरीदा गया। एथलेटिक्स से शुरू हुआ उनका खेल का सफर अब पेशेवर क्रिकेट तक पहुंच चुका है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: कभी लड़कों के साथ नेट पर क्रिकेट खेलने वाली समाइरा राघव अब महिला प्रीमियर लीग (WPL) में अपनी पहचान बनाने की तैयारी कर रही हैं। दिल्ली की 16 वर्षीय ऑलराउंडर को गुजरात जायंट्स ने 28 अक्टूबर को हुई नीलामी में 10 लाख रुपये में खरीदा। समाइरा को पहले अपना नाम नीलामी की सूची में होने की उम्मीद भी नहीं थी। लेकिन आखिरी समय में नाम शामिल हुआ और गुजरात ने उन्हें अपनी टीम का हिस्सा बना लिया।
आखिरी समय में नीलामी में आया नाम, गुजरात ने खरीदा
समाइरा राघव के लिए WPL 2027 की नीलामी किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं रही। उन्हें पहले जानकारी मिली थी कि उनका नाम खिलाड़ियों की सूची में नहीं है। हालांकि, नीलामी से ठीक पहले चार अतिरिक्त खिलाड़ियों को शामिल किया गया, जिनमें समाइरा भी थीं। उस समय वह हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में अंडर-19 महिला टी20 चैलेंजर टूर्नामेंट खेल रही थीं। होटल के कमरे में अपनी साथी खिलाड़ी के साथ नीलामी देख रही समाइरा को जैसे ही पता चला कि गुजरात जायंट्स ने उन्हें खरीद लिया है, उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
गुजरात ने उन्हें उनके बेस प्राइस 10 लाख रुपये में खरीदा। यह समाइरा के करियर का अब तक का सबसे बड़ा मौका है। हालांकि, टीम में चुने जाने के बाद अब उन्हें अनुभवी खिलाड़ियों के बीच अपनी जगह बनाने के लिए मेहनत करनी होगी।
एथलेटिक्स छोड़कर क्रिकेट में कैसे आईं समाइरा?
समाइरा राघव को बचपन से ही खेलना-कूदना पसंद था। हालांकि, शुरुआत में उनका मन क्रिकेट से ज्यादा दौड़ लगाने में लगता था। वह 100 और 200 मीटर की रेस में हिस्सा लेती थीं। क्रिकेट खेलने के बारे में उन्होंने कभी ज्यादा नहीं सोचा था। लेकिन उनके पिता सुनील राघव चाहते थे कि बेटी इस खेल में भी हाथ आजमाए।
समाइरा जब सात साल की थीं, तब उनके पिता पहली बार उन्हें क्रिकेट अकादमी लेकर गए। वहां पहले दिन उन्हें फील्डिंग करने के लिए कहा गया। मैदान पर गेंद पकड़ना और उसके पीछे दौड़ना उन्हें इतना अच्छा लगा कि अगले दिन से वह खुद अकादमी जाने की जिद करने लगीं। फिर धीरे-धीरे दौड़ की जगह क्रिकेट ने ले ली।
हालांकि, अकादमी में शुरुआत के दिन आसान नहीं थे। वहां लड़कियां बहुत कम थीं। समाइरा से उम्र में बड़ी सिर्फ एक महिला क्रिकेटर थी। ऐसे में उन्हें ज्यादातर लड़कों के साथ ही अभ्यास करना पड़ता था। एक दिन नेट पर बल्लेबाजी करते समय तेज गेंद उनकी जांघ पर आकर लगी। चोट इतनी जोर से लगी कि वह दर्द से परेशान हो गईं। उस समय पिता ने उन्हें संभाला और हिम्मत दी। समाइरा ने भी क्रिकेट नहीं छोड़ा और कुछ समय बाद फिर अभ्यास करने लगीं।
पिता चाहते हैं बेटी पहने भारत की जर्सी
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समाइरा के पिता सुनील राघव खुद भी क्रिकेटर बनना चाहते थे। कॉलेज के दिनों में वह लेग स्पिन गेंदबाजी करते थे। उनका सपना भारत के लिए क्रिकेट खेलना था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। बाद में पढ़ाई और नौकरी की जिम्मेदारियों के कारण उन्हें क्रिकेट से दूर होना पड़ा। अब सुनील चाहते हैं कि उनकी बेटी क्रिकेट में उस मुकाम तक पहुंचे, जहां वह खुद नहीं पहुंच सके। समाइरा भी अपने पिता की इस इच्छा को पूरा करना चाहती हैं। उनका सपना है कि एक दिन वह भारतीय टीम की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरें।
समाइरा ने सिर्फ 14 साल की उम्र में दिल्ली की अंडर-19 टीम में जगह बना ली थी। वहां उन्हें अपने से बड़ी उम्र की खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिला। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और बल्लेबाजी में भी सुधार आया।
दिल्ली प्रीमियर लीग में आखिरी गेंद पर लगाया था छक्का
समाइरा बल्लेबाजी के साथ लेग स्पिन गेंदबाजी भी करती हैं। उन्हें बीच के ओवरों में तेजी से रन बनाना पसंद है। खास बात यह है कि वह दबाव वाले मैचों में भी बड़े शॉट खेलने से नहीं घबरातीं। दिल्ली प्रीमियर लीग 2026 में उन्होंने नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स की तरफ से खेलते हुए अपनी बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींचा था। ईस्ट दिल्ली के खिलाफ एक मैच में उनकी टीम को आखिरी गेंद पर जीत के लिए बड़े शॉट की जरूरत थी। समाइरा ने छक्का लगाकर मुकाबला अपनी टीम के नाम कर दिया।
अंडर-19 महिला टी20 ट्रॉफी में भी उनका बल्ला खूब चला। उन्होंने सात पारियों में 162 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 216 रहा। उनके बल्ले से 14 चौके और 12 छक्के निकले। कम उम्र में इतनी तेज बल्लेबाजी करने के कारण उनके खेल की चर्चा होने लगी।
धोनी और विराट की तरह मैच जिताना चाहती हैं समाइरा
समाइरा को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और पूर्व कप्तान मिथाली राज का खेल काफी पसंद है। उनके कमरे में पसंदीदा क्रिकेटरों की तस्वीरें लगी हैं। इन्हीं तस्वीरों के बीच उन्होंने भारतीय टीम की जर्सी में अपनी एक फोटो भी लगा रखी है। पुरुष क्रिकेटरों में वह महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली को पसंद करती हैं। खासकर दोनों का मुश्किल समय में टिककर बल्लेबाजी करना और आखिरी ओवरों तक मैच ले जाना उन्हें अच्छा लगता है।
गुजरात जायंट्स में मिलेगा बड़े खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका
गुजरात जायंट्स ने WPL 2027 की नीलामी में समाइरा के अलावा जी. कमलिनी और आयरलैंड की ऑलराउंडर ओर्ला प्रेंडरगास्ट को भी टीम से जोड़ा है। समाइरा को अब एश्ले गार्डनर, बेथ मूनी और सोफी डिवाइन जैसी अनुभवी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का मौका मिल सकता है। फिलहाल उनका ध्यान घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन जारी रखने पर है। अगर उनका चयन भारतीय अंडर-19 विश्व कप टीम में होता है, तो उन्हें WPL और राष्ट्रीय टीम की जिम्मेदारियों के बीच प्राथमिकता तय करनी पड़ सकती है।
समाइरा के लिए देश की जर्सी पहनना सबसे बड़ा सपना है। सात साल की उम्र में पिता के साथ क्रिकेट अकादमी पहुंची यह खिलाड़ी अब उस सपने के एक कदम और करीब आ गई है।









