धनतेरस पर भारतीय शेयर बाजार में जोरदार खरीदारी हुई। सेंसेक्स 1,718 अंक चढ़कर 81,028 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 493 अंक बढ़कर 25,030 के पार पहुंच गया। बैंकिंग शेयरों ने बाजार को सहारा दिया, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप में गिरावट रही।
बिजनेस न्यूज़: धनतेरस के दिन शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों को बड़ी राहत मिली। सुबह धीमी शुरुआत के बाद बाजार ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि सेंसेक्स 1,700 अंक से ज्यादा चढ़ गया। वहीं निफ्टी भी 25,000 के महत्वपूर्ण स्तर को पार करने में कामयाब रहा। लगातार सातवें कारोबारी सत्र में दोनों प्रमुख इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। खास बात यह रही कि विदेशी बाजारों में भारी गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार में बड़े बैंकिंग शेयरों की खरीदारी जारी रही।
धनतेरस पर सेंसेक्स और निफ्टी कहां बंद हुए?
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद जबरदस्त वापसी की। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1,718.01 अंक यानी 2.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 81,028.02 पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 493.75 अंक यानी 2.01 प्रतिशत चढ़कर 25,030.35 के स्तर पर पहुंच गया।
बाजार में लगातार सात दिनों से तेजी बनी हुई है। गुरुवार को भी सेंसेक्स में 2,008.61 अंक की बढ़त दर्ज हुई थी और यह 79,310.01 पर बंद हुआ था। निफ्टी उस दिन 576 अंक चढ़कर 24,536.60 पर पहुंच गया था। शुक्रवार सुबह बाजार की शुरुआत सपाट रही थी। एक समय निवेशकों में विदेशी बाजारों की कमजोरी को लेकर चिंता थी, लेकिन दोपहर बाद चुनिंदा बड़े शेयरों में खरीदारी बढ़ने से प्रमुख सूचकांकों ने तेजी पकड़ ली। हालांकि, सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी बढ़त के बावजूद सभी शेयरों में एक जैसी तेजी देखने को नहीं मिली।
ICICI बैंक और महिंद्रा के शेयरों ने दिखाई ताकत
धनतेरस पर बाजार को ऊपर ले जाने में बैंकिंग और ऑटोमोबाइल कंपनियों के कुछ बड़े शेयरों की अहम भूमिका रही। निफ्टी के प्रमुख तेजी वाले शेयरों में ICICI Bank, Mahindra & Mahindra, HDFC Bank, Titan Company और Axis Bank शामिल रहे। ICICI बैंक के शेयर में करीब 4.75 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई। महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाइटन के शेयर भी अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए। इसके अलावा HDFC बैंक और एक्सिस बैंक में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया।
बड़ी कंपनियों के इन शेयरों का सेंसेक्स और निफ्टी में अच्छा वेटेज है। इसलिए इनमें तेजी आने पर प्रमुख सूचकांकों को भी मजबूती मिलती है। वहीं दूसरी तरफ Eicher Motors, Power Grid Corporation, Bharat Electronics, Adani Enterprises और Tata Motors Passenger Vehicles के शेयरों में गिरावट रही। इन शेयरों में बिकवाली के बावजूद बैंकिंग और दूसरे प्रमुख शेयरों की बढ़त इतनी मजबूत रही कि बाजार के दोनों बड़े इंडेक्स तेजी के साथ बंद हुए।
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बैंकिंग और फार्मा सेक्टर में तेजी, मिडकैप-स्मॉलकैप फिसले
सेक्टर के हिसाब से देखें तो शुक्रवार को बैंकिंग शेयर सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। निफ्टी बैंक, प्राइवेट बैंक, फार्मा और कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर में करीब 1 से 3 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, दूसरी तरफ एनर्जी, मीडिया और रियल्टी सेक्टर में लगभग एक प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। बड़ी कंपनियों के मुकाबले छोटी और मझोली कंपनियों के शेयरों में बिकवाली ज्यादा रही।
निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.2 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.8 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। इन दोनों इंडेक्स में पिछले चार कारोबारी दिनों से तेजी बनी हुई थी, लेकिन शुक्रवार को यह सिलसिला टूट गया। बाजार में कारोबार करने वाले कुल शेयरों की स्थिति भी मिलीजुली रही। लगभग 1,681 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 2,400 शेयरों में गिरावट दर्ज हुई। वहीं 148 शेयरों की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ।
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में भी आई मजबूती
शेयर बाजार के साथ शुक्रवार को भारतीय रुपये में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 56 पैसे मजबूत होकर 93.91 के स्तर पर बंद हुआ। गुरुवार को यह 94.47 रुपये प्रति डॉलर पर था। रुपये में मजबूती के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की ओर से भारतीय बाजार में दोबारा खरीदारी को महत्वपूर्ण वजह माना जा रहा है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में करीब 15,000 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की थी। यह पिछले कई वर्षों की सबसे बड़ी एकदिनी खरीदारी में शामिल रही। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल विदेश से खरीदता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता होने से देश के आयात खर्च और रुपये पर पड़ने वाले दबाव में राहत मिल सकती है।









