धनतेरस पर सीएम योगी की अपील, उपहार में चुनें यूपी के स्थानीय उत्पाद, कारीगरों की बढ़ेगी कमाई

धनतेरस पर सीएम योगी ने यूपी के लोगों से ODOP उत्पाद उपहार में देने की अपील की। भदोही के कालीन और चित्रकूट के खिलौनों की खरीद से कारीगरों को समर्थन देने को कहा।

धनतेरस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से स्थानीय कारीगरों के बनाए उत्पाद खरीदने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस बार उपहार में ओडीओपी उत्पाद चुनें, ताकि त्योहार की खरीदारी से छोटे कारोबारियों और शिल्पकारों की आमदनी बढ़ सके।

लखनऊ: धनतेरस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के लोगों को त्योहार की बधाई देने के साथ एक खास संदेश भी दिया है। उन्होंने शुक्रवार, 6 नवंबर को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लोगों से स्थानीय कारीगरों के बनाए सामान खरीदने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहार पर अपने परिवार और दोस्तों को उपहार देते समय एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत तैयार सामान को प्राथमिकता दें।

धनतेरस पर स्थानीय कारीगरों का सामान खरीदने की अपील

धनतेरस पर बाजारों में खरीदारी के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों का ध्यान प्रदेश के कारीगरों और शिल्पकारों की ओर दिलाया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि त्योहार की खुशियों में उन लोगों को भी शामिल करना चाहिए, जिनकी मेहनत से उत्तर प्रदेश की पुरानी कला और हस्तशिल्प आज भी जिंदा हैं।

धनतेरस पर सीएम योगी की अपील, उपहार में चुनें यूपी के स्थानीय उत्पाद, कारीगरों की बढ़ेगी कमाई

मुख्यमंत्री ने धनतेरस को सुख-समृद्धि और शुभता का पर्व बताते हुए लोगों से इस बार उपहार खरीदने के लिए स्थानीय उत्पादों को चुनने को कहा। उनका संदेश था कि त्योहार पर की गई एक खरीदारी किसी कारीगर के परिवार की आर्थिक मदद कर सकती है।

उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में परिवार पारंपरिक हस्तशिल्प से जुड़े हुए हैं। कोई कालीन बनाता है तो कोई लकड़ी के खिलौने तैयार करता है। कई जिलों में घरों और छोटी कार्यशालाओं में पीढ़ियों से यह काम होता आ रहा है। ऐसे कारीगरों के लिए त्योहारों का समय कारोबार बढ़ाने का अच्छा अवसर होता है।

सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्थानीय सामान को अपने त्योहार का हिस्सा बनाने और 'लोकल वाली दिवाली' मनाने की अपील की।

भदोही के कालीन से चित्रकूट के खिलौनों तक, सीएम ने गिनाए यूपी के खास उत्पाद

मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में उत्तर प्रदेश के कई जिलों के पारंपरिक उत्पादों का उल्लेख किया। इनमें भदोही के कालीन, प्रयागराज का मूंज शिल्प, मैनपुरी की तारकशी और चित्रकूट के लकड़ी के खिलौने शामिल हैं।

भदोही के कालीन देश के साथ विदेशों में भी अपनी पहचान रखते हैं। यहां हाथ से कालीन बनाने का काम लंबे समय से होता आ रहा है। कालीन तैयार करने में डिजाइन बनाने से लेकर बुनाई तक कई कारीगरों की मेहनत लगती है।

प्रयागराज का मूंज शिल्प भी प्रदेश की पुरानी कलाओं में शामिल है। मूंज घास से टोकरी, डलिया और घरेलू इस्तेमाल की दूसरी चीजें बनाई जाती हैं। इस काम से ग्रामीण क्षेत्रों की कई महिलाएं भी जुड़ी हुई हैं।

मैनपुरी की तारकशी में लकड़ी पर धातु के पतले तारों से सुंदर डिजाइन तैयार किए जाते हैं। वहीं, चित्रकूट में लकड़ी से बने खिलौने और सजावट की चीजें स्थानीय हस्तशिल्प का हिस्सा हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे उत्पाद उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को आगे बढ़ाते हैं। इन्हें खरीदने से पारंपरिक कला से जुड़े लोगों को अपना काम जारी रखने में मदद मिल सकती है।

यूपी का निर्यात दो लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचने का दावा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के निर्यात में हुई बढ़ोतरी का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, वित्त वर्ष 2016-17 में उत्तर प्रदेश का निर्यात करीब 84 हजार करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में बढ़कर दो लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

उन्होंने इस बढ़ोतरी को प्रदेश के उद्यमियों, कारीगरों और शिल्पकारों की मेहनत से जोड़कर देखा। हालांकि, यह आंकड़ा प्रदेश के कुल निर्यात का है, केवल ओडीओपी उत्पादों की बिक्री का नहीं।

सरकार पारंपरिक उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने के लिए प्रदर्शनी और व्यापारिक आयोजनों पर भी ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री ने लखनऊ और ग्रेटर नोएडा के आधुनिक एक्सपो मार्ट का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे केंद्रों से प्रदेश के उत्पादों को देश-विदेश के खरीदारों तक पहुंचाने में मदद मिल रही है।

भदोही के कार्पेट बाजार को भी उन्होंने इस दिशा में महत्वपूर्ण बताया। यहां कालीन कारोबार से जुड़े लोगों को अपने उत्पाद दिखाने और खरीदारों से संपर्क बनाने के अवसर मिलते हैं।

सरकार की एक जिला एक उत्पाद योजना का उद्देश्य जिलों की खास पहचान वाले सामान को बढ़ावा देना है। इसके तहत पारंपरिक कारोबार और स्थानीय उद्योगों को बाजार से जोड़ने की कोशिश की जाती है।

धनतेरस पर 4543 पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र देने का कार्यक्रम

धनतेरस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस में चयनित अभ्यर्थियों को भी शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने जानकारी दी कि लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 4,543 चयनित उप निरीक्षकों और प्लाटून कमांडरों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने धन्वंतरि जयंती और धनतेरस के अवसर पर प्रदेश के सभी परिवारों के अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए भी शुभकामनाएं दीं।

धनतेरस पर उत्तर प्रदेश के बाजारों में सोना-चांदी, बर्तन, सजावट के सामान और दूसरे घरेलू उत्पादों की खरीदारी की जाती है। इस बीच मुख्यमंत्री ने लोगों से अपनी जरूरत और बजट के अनुसार स्थानीय कारीगरों के बनाए सामान को भी जगह देने को कहा है।

उनकी अपील का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के दौरान स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाना और छोटे कारोबारियों को प्रोत्साहित करना है। हालांकि, इसका वास्तविक असर कितनी बिक्री बढ़ती है और कारीगरों को कितना लाभ मिलता है, इससे ही पता चलेगा।

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